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रंजी ट्रॉफी क्वार्टरफाइनल में उत्तराखंड की ऐतिहासिक जीत जारखंड बाहर

जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम में रविवार को खेले गए रंजी ट्रॉफी क्वार्टरफाइनल मुकाबले में जारखंड की पारी के अंत में हुए अप्रत्याशित पतन ने उत्तराखंड के लिए इन्निंग्स जीत का रास्ता खोल दिया। इस जीत के साथ उत्तराखंड ने पहली बार रंजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जगह बना ली।

तीसरे दिन चाय के समय जारखंड का स्कोर दो विकेट पर 100 रन था और टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही थी। लेकिन इसके बाद मैच ने अचानक करवट ली और जारखंड ने अपने आखिरी आठ विकेट महज 30 रन के भीतर गंवा दिए।

उत्तराखंड की इस शानदार जीत में तेज गेंदबाज अभय नेगी और बाएं हाथ के स्पिनर मयंक मिश्रा ने अहम भूमिका निभाई। नेगी ने चार विकेट लिए, जबकि मिश्रा ने पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।

अभय नेगी का दिन हर लिहाज से शानदार रहा। गेंदबाजी से पहले उन्होंने बल्लेबाजी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और 46 रन बनाकर उत्तराखंड की पहली पारी की बढ़त को 136 रन तक पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने अपनी चतुर आउटस्विंग गेंदों से जारखंड के दोनों सलामी बल्लेबाजों शिखर मोहन और शरनदीप सिंह को आउट कर मैच पर दबाव बना दिया।

जारखंड के कप्तान विराट सिंह ने एक समय टीम को संभालने की कोशिश की। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने आकर्षक ड्राइव और पंच शॉट्स खेलते हुए 69 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। विराट ने कुमार कुशाग्र के साथ तीसरे विकेट के लिए 86 रन की साझेदारी की, जिससे जारखंड की वापसी की उम्मीदें जगीं।

हालांकि मयंक मिश्रा ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने पहले विराट सिंह को स्लिप में कैच कराया और अगली ही गेंद पर रॉबिन मिन्ज को एलबीडब्ल्यू आउट कर दिया। इसके बाद लौटकर आए अभय नेगी ने कुशाग्र का विकेट भी झटक लिया और जारखंड का पतन जारी रहा।

इसके बाद जारखंड का निचला क्रम मयंक मिश्रा की चतुर स्पिन गेंदबाजी के सामने पूरी तरह बिखर गया। इस मैच के साथ ही मिश्रा ने इस रंजी सत्र में 50 विकेट का आंकड़ा पार कर लिया। अंत में उन्होंने जारखंड के आखिरी बल्लेबाज जतिन पांडे को आउट कर पारी समाप्त की, जिसके बाद उत्तराखंड के खिलाड़ी जश्न में डूब गए।

हालांकि मैच का अंतिम दिन उत्तराखंड के लिए आसान नहीं था। सुबह के सत्र में जारखंड के तेज गेंदबाजों ने स्विंग हासिल की और उत्तराखंड की बल्लेबाजी को बांध कर रखा। पहले घंटे में उत्तराखंड ने 12 ओवर में केवल 27 रन जोड़े और इस दौरान शाश्वत डांगवाल का विकेट गंवा दिया। रात के नाबाद बल्लेबाज जे सुचित भी संघर्ष करते नजर आए और केवल चार रन ही जोड़ सके।

इस कठिन परिस्थिति में अभय नेगी ही एकमात्र बल्लेबाज रहे जिन्होंने जारखंड के गेंदबाजों का डटकर सामना किया। 33 वर्षीय ऑलराउंडर ने गेंद को देर से खेलते हुए स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया। दूसरी ओर, जारखंड के गेंदबाजों ने विकेट निकालने का सिलसिला जारी रखा। शॉर्ट बॉल रणनीति से सौरभ शेखर ने सुचित को आउट किया, जबकि स्पिनरों ईशान ओम और आदित्य सिंह ने एक-एक विकेट लिया। अंत में जतिन पांडे ने अभय नेगी को आउट कर उत्तराखंड की पारी समाप्त की।

लेकिन अगर जारखंड को दूसरी पारी में वापसी की कोई उम्मीद थी, तो उसे अभय नेगी और मयंक मिश्रा की संयुक्त गेंदबाजी ने जल्दी ही खत्म कर दिया।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q. उत्तराखंड की जीत में सबसे अहम भूमिका किसने निभाई
A.

उत्तराखंड की जीत में अभय नेगी और मयंक मिश्रा ने अहम भूमिका निभाई। नेगी ने चार विकेट लिए और मिश्रा ने पांच विकेट झटके।

 

Q. यह जीत उत्तराखंड के लिए क्यों खास है
A.

इस जीत के साथ उत्तराखंड ने पहली बार रंजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जगह बनाई है।

Mahesh Thakur
Mahesh Thakur

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