रणजी ट्रॉफी फाइनल में पारस डोगरा पर जुर्माना, जानिए पूरा विवाद और सजा का कारण

भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन क्रिकबज की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत की शीर्ष क्रिकेट संस्था ने जम्मू कश्मीर टीम के कप्तान पारस डोगरा पर मैच फीस का पचास प्रतिशत जुर्माना लगाया है।
रणजी ट्रॉफी फाइनल के दूसरे दिन पारस डोगरा ने कर्नाटक के फील्डर को क्यों मारा
यह घटना मैच के एक सौ एकवें ओवर में हुई, जब पारस डोगरा ने के वी अनीश नामक सब्स्टीट्यूट फील्डर की ओर दौड़ लगाई। अनीश लगातार डोगरा को स्लेजिंग कर रहे थे। बार बार की गई टिप्पणियों से परेशान होकर जम्मू कश्मीर के कप्तान ने अपने ही हेलमेट से फील्डर के हेलमेट पर वार कर दिया।
इस घटना के बाद मैदान पर अफरा तफरी मच गई और कर्नाटक की पूरी टीम अनीश के समर्थन में आ गई। स्थिति को संभालने के लिए अंपायरों को हस्तक्षेप करना पड़ा। बताया जा रहा है कि यह प्रतिक्रिया लंबे समय से चल रही स्लेजिंग और मानसिक दबाव का नतीजा थी।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि अनीश ने पारस डोगरा के घरेलू करियर पर टिप्पणी की थी और उनकी बल्लेबाजी पर सवाल उठाए थे, जिससे इकतालीस वर्षीय बल्लेबाज अपना संयम खो बैठे।
घरेलू क्रिकेट में पारस डोगरा का प्रदर्शन
पारस डोगरा घरेलू क्रिकेट में दस हजार से अधिक प्रथम श्रेणी रन बनाने वाले तीसरे भारतीय क्रिकेटर हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि वसीम जाफर और चेतेश्वर पुजारा ने हासिल की थी। डोगरा ने अपने करियर की शुरुआत हिमाचल प्रदेश से की थी। इसके बाद वे दो हजार अठारह में पुदुचेरी चले गए और अंततः दो हजार चौबीस में जम्मू कश्मीर टीम से जुड़ गए।
उनकी कप्तानी में जम्मू कश्मीर की टीम पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल तक पहुंची है। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें आईपीएल टीमों से अनुबंध भी मिले, हालांकि उन्हें कभी भारतीय टीम में जगह नहीं मिली।
मौजूदा सत्र में पारस डोगरा ने पंद्रह पारियों में छह सौ इक्कीस रन बनाए हैं और उनका औसत चौवालीस दशमलव तीन छह है। रणजी ट्रॉफी फाइनल में भी उन्होंने दूसरे दिन सत्तर रन की अहम पारी खेली, जिससे उनकी टीम ने पांच सौ सत्ताईस रन पर छह विकेट के नुकसान पर दिन का खेल समाप्त किया।
बीसीसीआई के तहत पारस डोगरा किन सख्त सजा से बचे
भारतीय क्रिकेट बोर्ड की आचार संहिता के अनुसार यदि कोई खिलाड़ी किसी अन्य खिलाड़ी, अधिकारी या दर्शक के साथ मारपीट करता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
| संभावित सजा | विवरण |
|---|---|
| मैच प्रतिबंध | खिलाड़ी पर तीन या उससे अधिक मैचों का प्रतिबंध लगाया जा सकता है |
| जुर्माना | मैच फीस का बड़ा हिस्सा या पूरी फीस काटी जा सकती है |
| गंभीर अपराध | हिंसक कृत्य को सबसे गंभीर श्रेणी में रखा जाता है |
| अनुशासनात्मक कार्रवाई | मामले को अनुशासन समिति को सौंपा जा सकता है |
इन सभी नियमों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि पारस डोगरा के लिए यह राहत की बात रही कि उन्हें केवल जुर्माने से दंडित किया गया और किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगाया गया, जो अगले सत्र तक भी लागू हो सकता था।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने पारस डोगरा पर उनकी मैच फीस का पचास प्रतिशत जुर्माना लगाया है।
नहीं, इस मामले में पारस डोगरा पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया और वे अगले सत्र में खेलने के पात्र रहेंगे।
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