टी20 विश्व कप 2026 विवाद पर नजमुल हुसैन शांतो का बयान, बीसीबी ने बदला रुख

बांग्लादेश के बल्लेबाज़ नजमुल हुसैन शांतो ने कहा है कि आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के बीच चल रहा विवाद टीम पर मानसिक रूप से असर डाल रहा है।
गौरतलब है कि बीसीबी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत जाकर टी20 विश्व कप खेलने से इनकार कर दिया था। यह विवाद तब और बढ़ गया जब आईपीएल में खेल रहे मुस्ताफिज़ुर रहमान को बीसीसीआई ने रिलीज़ कर दिया। देश में हिंदुओं पर हुए कथित हमलों के विरोध में कई संगठनों ने आईपीएल में बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर प्रतिबंध की मांग की थी।
शांतो ने कहा कि इस तरह के विवाद खिलाड़ियों के मन पर असर डालते हैं, लेकिन पेशेवर क्रिकेटर होने के नाते वे ऐसा दिखाते हैं जैसे उन पर कोई असर नहीं पड़ा हो।
ईएसपीएनक्रिकइन्फो से बातचीत में शांतो ने कहा कि हमें अब तक किसी भी विश्व कप में अच्छे नतीजे नहीं मिले हैं। पिछले टी20 विश्व कप 2024 में हमारे पास अच्छा मौका था, लेकिन हम उसका फायदा नहीं उठा सके। लगभग हर विश्व कप से पहले कोई न कोई घटना हो जाती है।
उन्होंने आगे कहा कि एक खिलाड़ी के तौर पर वे जानते हैं कि ऐसी परिस्थितियां मानसिक दबाव पैदा करती हैं। हालांकि, पेशेवर खिलाड़ी होने के कारण वे बाहर से ऐसा दिखाते हैं जैसे सब कुछ सामान्य है। यह आसान नहीं होता, बेहतर होता कि ऐसी चीजें न हों। इसके बावजूद खिलाड़ी कोशिश करते हैं कि सभी बातों को एक तरफ रखकर अच्छा प्रदर्शन करें।
शांतो ने यह भी कहा कि यह मामला खिलाड़ियों के नियंत्रण से बाहर है। विश्व कप चाहे कहीं भी आयोजित हो, खिलाड़ियों को अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
इधर, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के साथ बातचीत के बाद बीसीबी ने अपने रुख में नरमी दिखाई है। बोर्ड ने संकेत दिए हैं कि बांग्लादेश अपनी टी20 विश्व कप के मैच भारत में भी खेल सकता है। बीसीबी ने बताया कि आईसीसी ने हर संभव सहायता का भरोसा दिया है और सुरक्षा से जुड़े सुझावों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही है।
बीसीबी के बयान के अनुसार, आईसीसी ने आश्वासन दिया है कि टूर्नामेंट के दौरान बांग्लादेश टीम की सुरक्षा और निर्बाध भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। बोर्ड ने उन मीडिया रिपोर्ट्स का भी खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि बीसीबी को कोई अल्टीमेटम दिया गया है। बीसीबी ने स्पष्ट किया कि ऐसी खबरें पूरी तरह गलत और निराधार हैं।
बोर्ड ने कहा कि वह आईसीसी और संबंधित आयोजकों के साथ सकारात्मक और पेशेवर तरीके से बातचीत जारी रखेगा ताकि एक व्यावहारिक और सभी के लिए स्वीकार्य समाधान निकाला जा सके। बीसीबी ने दोहराया कि टीम की सुरक्षा, संरक्षा और खिलाड़ियों की भलाई उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
यहभीपढ़ें: न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे से पहले ऋषभ पंत चोटिल, खेलना संदिग्ध
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शांतो ने कहा कि बीसीबी और बीसीसीआई के बीच चल रहा विवाद खिलाड़ियों पर मानसिक रूप से असर डालता है, लेकिन पेशेवर खिलाड़ी होने के कारण वे इसे जाहिर नहीं करते।
आईसीसी से बातचीत के बाद बीसीबी ने अपने रुख में नरमी दिखाई है और संकेत दिए हैं कि टीम भारत में भी अपने मैच खेल सकती है।
I am a passionate cricket writer who closely follows the modern game. I enjoy analysing big moments and spotlighting rising stars. My writing is simple, sharp, and reader-friendly, making cricket stories engaging and easy to understand.