टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारत महिला टीम की तैयारी पर सवाल

भारत महिला क्रिकेट टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी में जुटी हुई है, लेकिन शुरुआत में ही टीम को झटका लगा है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले टी20 मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा। डरबन में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने खराब खेल नहीं दिखाया। टीम को अच्छी शुरुआत मिली, मजबूत प्लेटफॉर्म भी तैयार हुआ और एक समय मैच पर नियंत्रण भी नजर आ रहा था। इसके बावजूद टीम लगभग पंद्रह से बीस रन कम बना सकी और गेंदबाजी में भी मैच को खत्म नहीं कर पाई।
अब वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले केवल सात टी20 मैच बचे हैं, ऐसे में यह समय प्रयोग करने का नहीं बल्कि बड़े खिलाड़ियों के प्रदर्शन का है।
सब कुछ है लेकिन स्थिरता की कमी
शेफाली वर्मा ने तेज शुरुआत देते हुए चौंतीस रन बनाए और स्ट्राइक रेट दो सौ के करीब रहा। स्मृति मंधाना ने भी अच्छी शुरुआत की। जेमिमा रोड्रिग्स और हरमनप्रीत कौर ने मिलकर इकहत्तर रन की साझेदारी की, जिससे टीम को आसानी से एक सौ सत्तर रन तक पहुंचना चाहिए था। लेकिन भारत की पारी एक सौ सत्तावन रन पर सिमट गई।
आखिरी ओवरों में गिरावट एक बार फिर सामने आई। अंतिम पांच ओवर में केवल तैंतीस रन बने और चार विकेट गिर गए। सबसे बड़ी समस्या यह रही कि रोड्रिग्स के आउट होने के बाद कोई भी बल्लेबाज जिम्मेदारी नहीं ले पाया। हरमनप्रीत कौर सैंतालीस रन बनाकर अंत तक नाबाद रहीं, लेकिन उनके आसपास बल्लेबाजी रुक सी गई।
बड़े खिलाड़ी एक साथ प्रदर्शन नहीं कर रहे
हाल ही में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज भी गंवाई थी, जहां बड़े खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टीम में मैच जिताने वाले खिलाड़ी जरूर हैं, लेकिन बहुत कम मौके ऐसे आते हैं जब सभी खिलाड़ी एक साथ अच्छा खेलते हैं।
शेफाली वर्मा अच्छी शुरुआत देती हैं, लेकिन उसे बड़े स्कोर में नहीं बदल पातीं। स्मृति मंधाना का प्रदर्शन अस्थिर रहा है। जेमिमा रोड्रिग्स लगातार रन बनाती हैं, लेकिन बड़ी पारी कम देखने को मिलती है। हरमनप्रीत कौर पर फिनिशिंग की जिम्मेदारी है, जबकि ऋचा घोष का प्रदर्शन उतार चढ़ाव भरा रहता है।
मैच के बाद जेमिमा रोड्रिग्स ने भी माना कि सेट बल्लेबाज को अंत तक टिककर खेलना चाहिए था। यही फर्क एक सौ सत्तावन और एक सौ पचहत्तर के स्कोर के बीच होता है।
छोटी गलतियां पड़ रही हैं भारी
एक सौ सत्तावन रन के स्कोर के बावजूद भारत मुकाबले में बना हुआ था। लेकिन चौदह वाइड गेंदें, आखिरी समय में छूटे कैच और धीमी ओवर गति के कारण सर्कल के अंदर अतिरिक्त फील्डर रखना पड़ा, जिससे मैच हाथ से निकल गया।
कागज पर भारत की बल्लेबाजी मजबूत नजर आती है, टीम में कई ऑलराउंडर और विकल्प मौजूद हैं। लेकिन दबाव में खेलने का अनुभव अभी भी कम दिखाई देता है। आने वाले सात मैच टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारत महिला टीम का शेड्यूल
| तारीख | मैच | स्थान | मुकाबला | समय |
|---|---|---|---|---|
| 19 अप्रैल 2026 | दूसरा टी20 | डरबन | दक्षिण अफ्रीका बनाम भारत | शाम पांच बजकर तीस मिनट |
| 22 अप्रैल 2026 | तीसरा टी20 | जोहान्सबर्ग | दक्षिण अफ्रीका बनाम भारत | रात नौ बजकर तीस मिनट |
| 25 अप्रैल 2026 | चौथा टी20 | जोहान्सबर्ग | दक्षिण अफ्रीका बनाम भारत | रात नौ बजकर तीस मिनट |
| 27 अप्रैल 2026 | पांचवां टी20 | बेनोनी | दक्षिण अफ्रीका बनाम भारत | शाम पांच बजकर तीस मिनट |
| 28 मई 2026 | पहला टी20 | चेल्म्सफोर्ड | इंग्लैंड बनाम भारत | रात ग्यारह बजे |
| 30 मई 2026 | दूसरा टी20 | ब्रिस्टल | इंग्लैंड बनाम भारत | रात ग्यारह बजे |
| 2 जून 2026 | तीसरा टी20 | टॉनटन | इंग्लैंड बनाम भारत | रात ग्यारह बजे |
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
टीम ने आखिरी ओवरों में कम रन बनाए और गेंदबाजी के दौरान अतिरिक्त रन और गलतियों के कारण मैच गंवाया
टीम में क्षमता है लेकिन बड़े खिलाड़ियों को लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा तभी टीम मजबूत दावेदार बन सकती है
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