चैंपियंस ट्रॉफी सेरेमनी विवाद: आईसीसी ने पीसीबी की शिकायत को तीखे जवाब के साथ किया खारिज

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने रविवार को खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल मैच के दौरान ट्रॉफी सेरेमनी में हुई पाकिस्तान की नज़रंदाज़ही को लेकर आईसीसी से शिकायत की है। पीसीबी के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और टूर्नामेंट डायरेक्टर, सुमैर अहमद को ट्रॉफी अंतिम समारोह में शामिल नहीं किया गया था, जिससे बोर्ड नाराज है। अभी तक के घटना क्रम कों देख कर ऐसा लग रहा है कि आईसीसी पीसीबी की शिकायत के बारे में स्पष्ट उत्तर नहीं देगा कि ऐसा क्यों हुआ और किन कारणों से हुआ।
इस बार के फाइनल मैच में भारत ने न्यूज़ीलैंड को चार विकेट से हराकर रिकॉर्ड तीसरी बार चैंपियंस ट्रॉफी जीती। फाइनल दुबई में रविवार, 9 मार्च को खेला गया था। पीसीबी के चेयरमैन, मोहसिन नकवी, मैच के दौरान मौजूद नहीं थे, इस वजह से बोर्ड का प्रतिनिधित्व सुमैर अहमद कर रहे थे। लेकिन आईसीसी ने उन्हें ट्रॉफी प्रस्तुति समारोह के मंच पर निमंत्रित नहीं किया जिस वजह से पीसीबी का कोई भी प्रतिनिधि स्टेज पर मौजूद नहीं था जबकि पाकिस्तान खुद इस टूर्नामेंट का आयोजक था।
भारत की ओर से बीसीसीआई अध्यक्ष, रोजर बिन्नी ने ट्रॉफी सेरेमनी के दौरान भारतीय खिलाड़ियों को सफेद जैकेट पहनआई और मैच अधिकारियों को मेडल प्रदान किए। वहीं आईसीसी के चेयरमैन, जय शाह ने विजेता टीम के कप्तान, रोहित शर्मा को ट्रॉफी दी और भारतीय खिलाड़ियों को मेडल बांटे। उसी समय बीसीसीआई सचिव, देवजीत सैकिया और न्यूजीलैंड क्रिकेट के CEO, रोजर टूज भी मंच पर मौजूद थे पर पाकिस्तान की ओर से कोई भी प्रतिनिधि नहीं था। सैकिया आईसीसी बोर्ड पर बीसीसीआई के डायरेक्टर के रूप में प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि बिन्नी वैकल्पिक डायरेक्टर हैं।
पीसीबी के एक अधिकारी ने मंगलवार को पीटीआई से कहा, "हमने आईसीसी से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है क्योंकि जो हुआ वह हमारे लिए अस्वीकार्य है।"
पीसीबी को मिला आईसीसी की ओर से करारा जवाब
पीसीबी ने शिकायत दर्ज जरूर कराई है, लेकिन आईसीसी सूत्रों ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान को इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं मिलेगा। सूत्रों का कहना है कि टूर्नामेंट के नियमों के मुताबिक ही आईसीसी के पास सुमैर को समारोह से बाहर रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
आईसीसी के एक सूत्र ने कहा, "अगर पीसीबी के अधिकारी गौर करें, तो आईसीसी के CEO ज्यॉफ एलार्डिस भी मंच पर मौजूद नहीं थे। इसका कारण प्रोटोकॉल है। सुमैर अहमद पीसीबी के कर्मचारी हैं, पदाधिकारी नहीं हैं। कृपया ये भी देखें कि कब किसी टूर्नामेंट डायरेक्टर को प्रेजेंटेशन समारोह के दौरान मंच पर बुलाया गया है।"
सूत्र ने आगे कहा, "हम एक उदाहरण दे सकते हैं। आईसीसी के मौजूदा हेड ऑफ ऑपरेशंस एंड कम्युनिकेशंस, गौरव सक्सेना भी दुबई में हुए एशिया कप के टूर्नामेंट डायरेक्टर रह चुके हैं। क्या उस वक्त उनको मंच पर बुलाया गया था?"
पीसीबी ने आईसीसी के जवाब को "अतार्किक" बताया और कहा कि उनके साथ जो "अनुचित व्यवहार" किया गया है, उसके लिए वे "सार्वजनिक स्पष्टीकरण" चाहते हैं।
पीसीबी अधिकारी ने कहा, "हमारे चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर और टूर्नामेंट डायरेक्टर को फाइनल सेरेमनी में बुलाए न जाने की जो वजहें अब तक बताई गई हैं, उन कारणों का हमारे लिए कोई मतलब नहीं है। हम औपचारिक स्पष्टीकरण या माफी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पाकिस्तान की मेजबान देश के तौर पर भूमिका के प्रति इस तरह का खुला अनादर देखकर हम सब स्तब्ध हैं।"
अधिकारी ने आगे कहा , "यह सफाई देना कि आईसीसी समारोह के लिए सिर्फ CEO, चेयरमैन, वाइस-चेयरमैन या सचिवों को ही आमंत्रित करता है, ये पूरी तरह बेतुका है। हमें सार्वजनिक तौर पर पूरी सफाई/ माफी चाहिए और आश्वासन चाहिए कि भविष्य में इस तरह का पक्षपातपूर्ण और अन्यायपूर्ण व्यवहार दोबारा नहीं होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम इस मुद्दे को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सामने पेश करेंगे।"