बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जून और जुलाई में कराएगा अंडर 25 रेड बॉल टूर्नामेंट

बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, जिसकी अगुवाई पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण कर रहे हैं, जून और जुलाई में चार दिनों का एक विशेष इंट्रा सीओई टूर्नामेंट आयोजित करने जा रहा है। इस टूर्नामेंट में देश के 25 साल से कम उम्र के 64 सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका मिलेगा। इनमें वैभव सूर्यवंशी और आयुष म्हात्रे जैसे युवा सितारे भी शामिल होंगे।
इस पहल का मकसद भारतीय क्रिकेट में रेड बॉल खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करना है। हाल के समय में भारतीय टेस्ट टीम के प्रदर्शन में आई गिरावट के बाद बीसीसीआई अब भविष्य के खिलाड़ियों को तैयार करने पर जोर दे रहा है।
इस टूर्नामेंट के लिए 64 खिलाड़ियों को 16-16 खिलाड़ियों वाली चार टीमों में बांटा जाएगा। हर टीम को दो बहु दिवसीय मुकाबले खेलने होंगे। इन मैचों के लिए अलग अलग तरह की पिचें तैयार की जाएंगी ताकि खिलाड़ियों को हर तरह की परिस्थितियों में खेलने का अनुभव मिल सके।
इन मुकाबलों में खिलाड़ियों का प्रदर्शन आगे चलकर इंडिया ए और इमर्जिंग टीम के चयन में अहम भूमिका निभाएगा। बीसीसीआई की योजना है कि इसी प्रक्रिया के जरिए भविष्य के टेस्ट खिलाड़ियों की मजबूत नींव तैयार की जाए।
खिलाड़ियों का चयन कैसे होगा
| चयन का आधार | खिलाड़ियों की संख्या |
|---|---|
| जूनियर चयन समिति द्वारा चुने गए खिलाड़ी | 25 |
| सीनियर चयन समिति द्वारा चुने गए खिलाड़ी | 25 |
| आईपीएल में खेल रहे युवा खिलाड़ी | 14 |
जूनियर चयन समिति 25 खिलाड़ियों का चयन कूच बिहार अंडर 19 और सीके नायडू अंडर 22 जैसे घरेलू आयु वर्ग टूर्नामेंटों में प्रदर्शन के आधार पर करेगी।
वहीं सीनियर चयन समिति 25 ऐसे खिलाड़ियों को चुनेगी जिन्होंने रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन वे आईपीएल का हिस्सा नहीं हैं।
बाकी 14 स्थान उन युवा खिलाड़ियों को दिए जाएंगे जो इस समय आईपीएल में खेल रहे हैं। इससे टूर्नामेंट में अनुभव और नई प्रतिभा का बेहतर संतुलन देखने को मिलेगा।
बीसीसीआई की योजना सिर्फ इस टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है। आईपीएल खत्म होने के बाद भारत की अंडर 19 और इमर्जिंग टीमें श्रीलंका का दौरा भी कर सकती हैं। वहां इन खिलाड़ियों को चार दिवसीय मैच खेलने का मौका मिलेगा। इन दौरों के लिए टीम का चयन मुख्य रूप से इंट्रा सीओई टूर्नामेंट में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।
इसके अलावा बीसीसीआई ने सभी स्तरों के कोच और चयनकर्ताओं को निर्देश दिया है कि अगले एक साल तक रेड बॉल क्रिकेट को प्राथमिकता दी जाए। बोर्ड करीब 25 खिलाड़ियों का एक मुख्य समूह तैयार करना चाहता है, जो आगे चलकर इंडिया ए, इमर्जिंग टीम और फिर भारतीय टेस्ट टीम की रीढ़ बन सके।
गौतम गंभीर की ट्रांजिशन वाली चिंता
भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हाल ही में कहा था कि टेस्ट टीम इस समय बदलाव के दौर से गुजर रही है। उनके अनुसार दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ मिली हार, खासकर घरेलू मैदान पर हुए निराशाजनक प्रदर्शन, इसी बदलाव का नतीजा है।
पिछले कुछ समय में विराट कोहली, रविचंद्रन अश्विन, चेतेश्वर पुजारा और रोहित शर्मा जैसे बड़े खिलाड़ियों के संन्यास या टीम से बाहर होने के बाद भारतीय टेस्ट टीम में एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ है। ऐसे में बीसीसीआई अब नई पीढ़ी को तैयार करने के लिए यह बड़ा कदम उठा रहा है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाँ, इस टूर्नामेंट में खिलाड़ियों का प्रदर्शन इंडिया ए और इमर्जिंग टीम के चयन का सबसे बड़ा आधार बनेगा।
वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे और घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कई युवा खिलाड़ियों पर चयनकर्ताओं की खास नजर रहेगी।
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