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जिम्बाब्वे ने रचा इतिहास, बांग्लादेश को पारी और 85 रन से हराकर दर्ज की सबसे बड़ी टेस्ट जीत

जिम्बाब्वे क्रिकेट टीम ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब में बांग्लादेश क्रिकेट टीम को एक पारी और पचासी रन से हराकर टेस्ट क्रिकेट में अपनी सबसे बड़ी रन अंतर की जीत दर्ज की। दोनों पूर्ण सदस्य देशों ने एकमात्र टेस्ट खेलने का फैसला किया था, जबकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने जिम्बाब्वे को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में शामिल नहीं किया है।

यह मुकाबला केवल जीत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिम्बाब्वे के लिए इतिहास रचने वाला साबित हुआ।

रिचर्ड नगरावा के कप्तानी सफर की शानदार शुरुआत

रिचर्ड नगरावा ने बतौर टेस्ट कप्तान अपने करियर की शुरुआत बेहद प्रभावशाली अंदाज में की। वह जिम्बाब्वे के तीसरे अश्वेत कप्तान बने और अपनी कप्तानी के पहले ही टेस्ट में टीम को बड़ी जीत दिलाई।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को जिम्बाब्वे को टेस्ट चैंपियनशिप से बाहर रखने को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वर्ष दो हजार पच्चीस की शुरुआत से अब तक जिम्बाब्वे ग्यारह टेस्ट मैच खेल चुका है। इससे पहले अक्टूबर दो हजार पच्चीस में जिम्बाब्वे ने अफगानिस्तान को भी एक पारी और तिहत्तर रन से हराया था।

इसके विपरीत बांग्लादेश हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ घरेलू सीरीज में दो शून्य की शानदार जीत के साथ आया था, लेकिन इस मैच में नजमुल हुसैन शांतो की टीम पूरी तरह बेबस नजर आई।

हरारे में जिम्बाब्वे का दबदबा

मैच की शुरुआत जिम्बाब्वे के गेंदबाजों ने शानदार तरीके से की। कप्तान नगरावा ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। न्यूमैन न्यामहुरी और ब्रैड इवांस ने शुरुआती झटके दिए, हालांकि मोमिनुल हक और शांतो ने पारी को संभाला।

एक समय बांग्लादेश का स्कोर एक सौ तेरह रन पर दो विकेट था और टीम मजबूत स्थिति में दिख रही थी। लेकिन इसके बाद महज तेरह ओवर में बांग्लादेश ने सत्ताईस रन पर आठ विकेट गंवा दिए। न्यामहुरी ने कहर बरपाया, जबकि इवांस, नगरावा और ब्लेसिंग मुजारबानी ने भी अहम योगदान दिया। इस पतन के बाद बांग्लादेश मैच में वापसी नहीं कर सका।

जिम्बाब्वे की मजबूत बल्लेबाजी

जिम्बाब्वे की ओर से इनोसेंट काया ने पारी की शुरुआत करते हुए अपने तीसरे टेस्ट में शानदार एक सौ चालीस रन बनाए। ब्रायन बेनेट, क्रेग एर्विन और वेस्ली माधेवेरे ने अर्धशतक जड़े।

हालांकि बेनेट और एर्विन बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन माधेवेरे अंत तक टिके रहे। जिम्बाब्वे ने चार सौ दस रन बनाकर पहली पारी में दो सौ सत्तर रन की विशाल बढ़त हासिल की।

बांग्लादेश की दूसरी पारी भी विफल

बांग्लादेश की ओर से गेंदबाजी में ताइजुल इस्लाम ने सात विकेट लेकर संघर्ष जरूर दिखाया, लेकिन बल्लेबाजी की नाकामी टीम को भारी पड़ गई।

दूसरी पारी में बांग्लादेश के शीर्ष क्रम के चार बल्लेबाज तीस से ज्यादा गेंदें खेलने के बावजूद पचास का आंकड़ा नहीं छू सके। ब्लेसिंग मुजारबानी ने एक बार फिर अगुआई की और नगरावा ने उनका अच्छा साथ दिया।

आखिरी विकेट के लिए हसन महमूद और एबादोत हुसैन ने कुछ देर संघर्ष किया, लेकिन हार को टाल नहीं सके। जिम्बाब्वे ने महज तीन दिनों में टेस्ट जीतकर इतिहास रच दिया।

मैच का संक्षिप्त विवरण

विवरण जानकारी
स्थान हरारे स्पोर्ट्स क्लब
परिणाम जिम्बाब्वे एक पारी और 85 रन से विजेता
जिम्बाब्वे पहली पारी 410 रन
बांग्लादेश पहली पारी बड़ा पतन
मैच अवधि 3 दिन

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LastModified Date: 2026-07-01 01:17:56

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q. यह जिम्बाब्वे की टेस्ट क्रिकेट में कितनी बड़ी जीत है
A.

यह जिम्बाब्वे की रन के अंतर से अब तक की सबसे बड़ी टेस्ट जीत है

 

Q. इस टेस्ट में जिम्बाब्वे के कप्तान कौन थे
A.

रिचर्ड नगरावा ने इस मैच में जिम्बाब्वे की कप्तानी की और जीत दिलाई

Avi
Avi

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