वनडे क्रिकेट के लिहाज़ से 2025 का साल भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास रहा, खासतौर पर गेंदबाज़ी के मोर्चे पर। युवा तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा के शानदार आगमन से लेकर अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव की निरंतर सफलता तक, भारतीय गेंदबाज़ों ने पूरे साल मैच जिताऊ प्रदर्शन किए।
हर्षित राणा - ब्रेकथ्रू सीज़न
2025 की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रहा हर्षित राणा का उदय। इस युवा पेसर ने अपनी अतिरिक्त उछाल, डेथ ओवर्स में सटीक गेंदबाज़ी और दबाव में शांत रहने की क्षमता से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने टॉप टीमों के खिलाफ लगातार विकेट लेकर खुद को भारत के लिए एक भरोसेमंद वनडे गेंदबाज़ साबित किया।
मोहम्मद सिराज - पेस अटैक की रीढ़
मोहम्मद सिराज ने एक बार फिर दिखाया कि वह भारत के प्रमुख वनडे तेज़ गेंदबाज़ क्यों हैं। नई गेंद से स्विंग और आक्रामक लाइन-लेंथ के दम पर सिराज ने लगातार शुरुआती विकेट दिलाए। विदेशी परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन खासा प्रभावशाली रहा।
जसप्रीत बुमराह - कम मैच, बड़ा असर
वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण भले ही जसप्रीत बुमराह ने सीमित वनडे खेले, लेकिन जब भी उन्होंने मैदान पर कदम रखा, उनका असर साफ दिखाई दिया। महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट निकालना और साझेदारियां तोड़ना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही।
कुलदीप यादव - स्पिन का जादू बरकरार
कुलदीप यादव ने 2025 में एक बार फिर साबित किया कि वह दुनिया के बेहतरीन कलाई स्पिनरों में क्यों गिने जाते हैं। अपनी फ्लाइट, गति में बदलाव और अलग-अलग एंगल से उन्होंने बल्लेबाज़ों को लगातार परेशान किया। वह साल के अंत में भारत के वनडे में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ों में शामिल रहे, और मिडिल ओवर्स में उनकी भूमिका निर्णायक रही।
अन्य गेंदबाज़ों का योगदान
इनके अलावा रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल और कुछ युवा तेज़ गेंदबाज़ों ने भी अहम मौकों पर विकेट लेकर टीम को मजबूती दी और गेंदबाज़ी आक्रमण को संतुलित बनाए रखा। हर्षित राणा की नई शुरुआत से लेकर कुलदीप यादव की निरंतर सफलता तक, 2025 ने वनडे क्रिकेट में भारत की गेंदबाज़ी गहराई और भविष्य की ताकत को उजागर किया। अनुभव और युवाओं के इस बेहतरीन मिश्रण ने आने वाले बड़े टूर्नामेंट्स के लिए मजबूत आधार तैयार किया।
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