
भारत के लिए आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप WTC 2025 से 2027 का नया चक्र कई बदलावों के साथ शुरू हुआ। रोहित शर्मा की जगह शुभमन गिल को कप्तान बनाया गया, क्योंकि भारत पहली बार WTC फाइनल से बाहर रह गया था। यह फैसला भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया, ताकि टीम अगले चक्र के अंत तक फिर से फाइनल में पहुंच सके।
कोलकाता में कप्तान गिल ने यह भी कहा था कि सबसे अहम टॉस वे WTC फाइनल में जीतेंगे। लेकिन सवाल यह है कि क्या भारत 2027 में लॉर्ड्स तक पहुंचने का मौका अभी भी रखता है।
खराब शुरुआत
एक युवा टीम के साथ गिल ने इंग्लैंड सीरीज में शानदार लड़ाई दिखाई, लेकिन लॉर्ड्स टेस्ट जैसी करीबी हार और महत्वपूर्ण मौकों पर चूक के कारण सीरीज 2–2 पर खत्म हुई। गिल और उनकी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव को पांचों टेस्ट में नहीं खिलाने जैसे फैसलों पर सवाल उठे।
इसके बाद घरेलू सीजन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार दूसरे साल भारत को क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा। खास तौर पर स्पिन के खिलाफ भारत की कमजोरी उजागर हुई, जहां सायमन हार्मर ने दोनों टेस्ट में कहर बरपाया।
WTC पॉइंट्स टेबल में भारत आधे चक्र के बाद 4 जीत, 4 हार और 1 ड्रॉ के साथ पांचवें स्थान पर है और उनके पास 48.15 प्रतिशत अंक हैं।
आगे की चुनौती
भारत को अब तीन बड़ी टेस्ट सीरीज खेलनी हैं।
श्रीलंका में दो टेस्ट
न्यूजीलैंड में दो टेस्ट
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घर में पांच टेस्ट
श्रीलंका दौरा
भारत अगस्त 2026 में श्रीलंका जाएगा। वहां की स्पिन-पिचें भारत को फिर कठिन परीक्षा देंगी। प्रभात जयसूर्या, रमेश मेंडिस और लसित एम्बुलदेनीया जैसी स्पिन तिकड़ी चुनौती पेश करेगी।
श्रीलंका में 2021 से अब तक स्पिनर्स बनाम पेसर्स
| मानक | विकेट | औसत | प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| पेसर्स | 158 | 38.18 | 25.23 |
| स्पिनर्स | 468 | 33.38 | 74.77 |
गाले जैसी पिचों पर स्पिनर्स ने कुल विकेटों का लगभग 79 प्रतिशत हासिल किया है। यानी भारत के लिए यह दौरा बेहद मुश्किल होगा।
न्यूजीलैंड दौरा
न्यूजीलैंड भारत के लिए हमेशा से चुनौतीपूर्ण स्थान रहा है।
न्यूजीलैंड में भारत का रिकॉर्ड
| मानक | आंकड़े | प्रतिशत |
|---|---|---|
| कुल खेले गए टेस्ट | 25 | 100 |
| भारत की जीत | 5 | 20 |
| न्यूजीलैंड की जीत | 10 | 40 |
| ड्रॉ | 10 | 40 |
1968 के बाद से भारत ने न्यूजीलैंड में सिर्फ 5 टेस्ट जीते हैं। पिछले दो दौरों में भारत को क्लीन स्वीप मिला। हरी पिचों पर गेंद स्विंग और सीम करती है, जिससे मैट हेनरी और विल ओ रॉर्क जैसे गेंदबाज खतरनाक साबित होंगे।
भारत के पास गुणवत्ता वाले नई गेंद गेंदबाजों की कमी है, और यह न्यूजीलैंड में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा
बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी एक बार फिर बेहद कड़ी होगी। ऑस्ट्रेलिया के पास नाथन लायन, टॉड मर्फी और मैथ्यू कुन्हेमन जैसे मजबूत स्पिनर हैं।
कुन्हेमन और लायन ने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया, जबकि मर्फी नागपुर में पांच विकेट लेने के लिए प्रसिद्ध हैं।
भारत के सामने बड़ी दुविधा होगी कि वे स्पिनिंग पिचें बनाएं या फ्लैट विकेट, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया दोनों तरह की स्थितियों में तैयार है।
आखिरी दो बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2–1 से भारत ने जीती हैं। लेकिन 2027 में भी वही नतीजा मिला तो भारत को श्रीलंका और न्यूजीलैंड में जीत लेकर आनी होगी, जो बेहद कठिन होगा।
भारत को फाइनल में पहुंचने के लिए बचे हुए 9 टेस्ट में अधिकतर जीतने होंगे।
जब तक भारत स्पिन के खिलाफ कमजोरी को दूर नहीं करता और नई गेंद वाला एक भरोसेमंद तेज गेंदबाज नहीं ढूंढता, तब तक 2027 का WTC फाइनल मुश्किल दिखता है।
शायद भारत को 2029 के चक्र का इंतजार करना पड़े।
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