आईपीएल 2026 में विदेशी खिलाड़ी क्यों लौट रहे हैं अपने देश जानिए कारण

आईपीएल 2026 में एक नया ट्रेंड देखने को मिला है, जिसमें विदेशी खिलाड़ी चोट लगने के बाद जांच और इलाज के लिए अपने देश वापस लौट रहे हैं। जैसे ही कोई खिलाड़ी चोटिल होता है, उसकी राष्ट्रीय टीम का बोर्ड उसे वापस बुला लेता है। अक्सर ये खिलाड़ी अपनी राष्ट्रीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। इस सीजन में इसके तीन प्रमुख उदाहरण सामने आए हैं।
सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस, पंजाब किंग्स के ऑलराउंडर कूपर कोनोली और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बल्लेबाज फिल सॉल्ट चोट के बाद जांच और पुनर्वास के लिए अपने देशों ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड लौट गए।
अब जानते हैं कि खिलाड़ी भारत में इलाज कराने के बजाय ऐसा कदम क्यों उठाते हैं।
प्रमुख कारण
1 क्रिकेट बोर्ड का नियंत्रण
इसका सबसे अच्छा उदाहरण कोलकाता नाइट राइडर्स के ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन हैं। जब उनसे पूछा गया कि वह गेंदबाजी के लिए कब फिट होंगे, तो टीम के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने जवाब दिया कि इसके लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से पूछना होगा।
बाद में रिपोर्ट्स में सामने आया कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने ग्रीन की वापसी के लिए एक योजना तैयार की थी और उसे टीम के साथ साझा किया था। इसी तरह ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख तेज गेंदबाजों मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड को आईपीएल खेलने से पहले अपने बोर्ड से अनुमति लेनी पड़ी।
इन तीनों खिलाड़ियों ने इस सीजन में सीमित मैच खेले क्योंकि वे पहले से चोटिल थे। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कूपर कोनोली को भी गेंदबाजी से रोका और उनकी पीठ की जांच के लिए वापस बुलाया।
इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड भी इसी तरह की नीति अपनाता है। फिल सॉल्ट को उंगली की चोट के बाद जांच के लिए इंग्लैंड लौटना पड़ा।
श्रीलंका क्रिकेट ने भी कुछ खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने की अनुमति नहीं दी, जिससे यह साफ होता है कि बोर्ड खिलाड़ियों के स्वास्थ्य को लेकर काफी सतर्क हैं।
2 घरेलू चिकित्सा व्यवस्था पर भरोसा
खिलाड़ी अपने देश की चिकित्सा व्यवस्था पर अधिक भरोसा करते हैं। भारत में भी उन्हें बेहतरीन सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन अपने डॉक्टरों और मेडिकल टीम के साथ उन्हें अधिक आराम और विश्वास महसूस होता है।
राष्ट्रीय टीम के लिए खेलते समय खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट होने का समय दिया जाता है, जबकि आईपीएल फ्रेंचाइजी अक्सर खिलाड़ियों से जल्दी वापसी की उम्मीद करती हैं।
3 बीमा और अनुबंध से जुड़े मुद्दे
खिलाड़ियों के इलाज और पुनर्वास पर बीमा और अनुबंध की शर्तें भी लागू होती हैं। अगर खिलाड़ी अपने देश के बाहर इलाज कराते हैं, तो बीमा से जुड़े विवाद सामने आ सकते हैं।
हर क्रिकेट बोर्ड के अपने चिकित्सा साझेदार और बीमा कंपनियां होती हैं। इन नियमों का उल्लंघन करने पर जिम्मेदारी और कानूनी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
अक्सर बीमा कंपनियां दूसरे देशों के डॉक्टरों द्वारा किए गए इलाज को कवर नहीं करतीं। ऐसे में खिलाड़ी किसी भी जोखिम से बचने के लिए अपने देश लौटना ही बेहतर समझते हैं।
सारांश तालिका
| कारण | विवरण |
|---|---|
| क्रिकेट बोर्ड नियंत्रण | खिलाड़ी की फिटनेस और वापसी का निर्णय बोर्ड करता है |
| घरेलू चिकित्सा भरोसा | अपने देश के डॉक्टरों पर अधिक विश्वास |
| बीमा और अनुबंध | नियमों के उल्लंघन पर कानूनी जोखिम |
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
खिलाड़ी अपने क्रिकेट बोर्ड के निर्देश, बेहतर मेडिकल सुविधा और बीमा नियमों के कारण अपने देश लौटते हैं।
भारत में अच्छी सुविधाएं हैं, लेकिन खिलाड़ी अपने घरेलू डॉक्टरों और बोर्ड की निगरानी को ज्यादा प्राथमिकता देते हैं।
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