विनोद कांबली की सेहत अपडेट: याददाश्त कमजोर, ब्रेन स्ट्रोक का खतरा

विनोद कांबली, जो कभी भारत के सबसे प्रतिभाशाली बल्लेबाजों में गिने जाते थे, आज एक अलग ही लड़ाई लड़ रहे हैं। 54 वर्षीय कांबली धीरे-धीरे अपनी सेहत को सुधारने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनकी याददाश्त कमजोर होती जा रही है। पिछले साल ठाणे के एक निजी अस्पताल में गंभीर मूत्र संक्रमण का इलाज कराने के बाद अब उनकी हालत में धीरे-धीरे सुधार बताया जा रहा है। उनके करीबी लोग उम्मीद लगाए हुए हैं कि उनकी रिकवरी इसी तरह जारी रहे।
कांबली की बिगड़ती हालत पहली बार तब साफ नजर आई जब वे मुंबई में रमाकांत आचरेकर स्मारक के अनावरण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। उस दौरान वे काफी कमजोर और अस्थिर दिख रहे थे। उन्हें खड़े रहने और चलने में दिक्कत हो रही थी, और वे अपने पुराने दोस्त सचिन तेंदुलकर का सहारा लेकर खड़े थे।
इस कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं, जिसके बाद फैंस को उनकी हालत की गंभीरता का अंदाजा हुआ। इसके बाद कई बड़े क्रिकेट दिग्गज भी उनकी मदद के लिए आगे आए। सुनील गावस्कर और कपिल देव जैसे दिग्गजों ने भी उनसे संपर्क किया और उनके इलाज और पुनर्वास के लिए सहायता की पेशकश की।
रिपोर्ट के मुताबिक, कांबली ने शराब से दूरी बना ली है, लेकिन उनकी याददाश्त कमजोर होने के कारण वे अक्सर भूल जाते हैं कि उन्हें धूम्रपान नहीं करना चाहिए। यह लापरवाही अब उनके लिए खतरनाक बनती जा रही है, क्योंकि डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि उन्हें ब्रेन स्ट्रोक का खतरा है।
उनके करीबी दोस्त मार्कस कूटो ने बताया कि उन्होंने कांबली के दोस्तों का एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया है, जिसमें सभी लोग आर्थिक मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में उनकी याददाश्त और खराब नहीं हुई है, लेकिन वे बहुत कुछ याद नहीं रख पाते। कभी-कभी उन्हें कुछ बातें याद आ जाती हैं, लेकिन अधिकतर समय उन्हें परेशानी होती है।
कूटो ने यह भी बताया कि कांबली के दिमाग में एक क्लॉट है, जिसे अब हटाया नहीं जा सकता क्योंकि उन्होंने समय पर सावधानी नहीं बरती। डॉक्टरों का कहना है कि अगला खतरा ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है। हालांकि कांबली ने शराब छोड़ दी है, लेकिन कभी-कभी वे बाहर जाकर लोगों से सिगरेट मांग लेते हैं। कई बार ऑटो ड्राइवर उन्हें पहचानकर मदद के तौर पर सिगरेट दे देते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि इससे कांबली को कितना नुकसान हो सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि अब नुकसान उनके दिल, लीवर या किडनी को नहीं बल्कि उनके दिमाग को हो रहा है, जिससे उन्हें संतुलन बनाने में दिक्कत होती है।
दिसंबर 2024 में कांबली ने कपिल देव के पुनर्वास कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति दी थी, लेकिन यह योजना आगे नहीं बढ़ पाई। 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य उनकी मदद के लिए तैयार थे, लेकिन कपिल देव और कूटो के बीच हुई बातचीत किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी, जिससे यह पहल अधूरी रह गई।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विनोद कांबली को याददाश्त कमजोर होने की समस्या है और उनके दिमाग में क्लॉट है, जिससे ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बना हुआ है।
उन्होंने शराब छोड़ दी है, लेकिन याददाश्त कमजोर होने के कारण वे कभी-कभी धूम्रपान कर लेते हैं।
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