विदर्भ ने पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी जीती: अथर्व तैडे और अमन मोक्हड़े ने किया कमाल

रविवार विदर्भ के लिए एक ऐतिहासिक दिन बन गया जब उन्होंने पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी अपने नाम की, सौराष्ट्र को फाइनल में 38 रन से हराकर। इस सीज़न में उनके बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिससे उनकी ताकत पर किसी को शक नहीं रह गया। InsideSport ने फाइनल में उन खिलाड़ियों पर नजर डाली जिन्होंने सबसे अधिक ध्यान आकर्षित किया।
अथर्व तैडे ने विपक्ष की उम्मीदों पर पानी फेर दिया
युवा तैडे ने VHT 2025-26 में अपने पहले शतक के लिए बिल्कुल सही मैच चुना। उन्होंने 7 मैचों में कुल 396 रन बनाए, जिसमें फाइनल में 118 गेंदों में 128 रन शामिल थे। पूरे टूर्नामेंट में उनका औसत 66 रहा। उनकी यह पारी मैच का रुख बदलने के लिए काफी थी और उन्हें मैच का खिलाड़ी (POTM) भी चुना गया।
अमन मोक्हड़े ने पांच शतक पूरे किए
फाइनल में मोक्हड़े ने 33 रन बनाए, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। 10 मैचों में उन्होंने 814 रन बनाए और उनका औसत 90 रहा। खास बात यह है कि उनका स्ट्राइक रेट 109 रहा। भले ही उन्होंने फाइनल में सबसे बड़ा योगदान न दिया हो, लेकिन उन्हें पूरे टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
नचिकेत भुटे और यश ठाकुर की जोड़ी
गेंदबाजों को अक्सर उतना श्रेय नहीं मिलता, लेकिन भुटे और ठाकुर ने मिलकर शानदार प्रदर्शन किया और क्रमशः 18 और 19 विकेट लिए। वहीं, दर्शन नल्कांडे ने केवल पांच मैच खेले और 14 विकेट लिए। यह विकेट्स का मुख्य हिस्सा विदर्भ के लिए था और उनकी निरंतरता ने टीम को ट्रॉफी दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
विदर्भ ने फाइनल में सौराष्ट्र को 38 रन से हराया।
पूरे टूर्नामेंट का प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट अमन मोक्हड़े को चुना गया।
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