वरुण चक्रवर्ती ने टी20आई में 50 विकेट लेने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय बने

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच धरमशाला के हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में 14 दिसंबर, रविवार को खेले गए तीसरे टी20आई में विश्व के नंबर 1 टी20आई गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती ने अपने तेजी से बढ़ते अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर जोड़ा। इस रहस्यमय स्पिनर ने टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 50 विकेट हासिल करने वाले दूसरे सबसे तेज भारतीय गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया, जो शॉर्ट फॉर्मेट में उनके शानदार प्रभाव को दर्शाता है।
धरमशाला मुकाबला वरुण के लिए 32वें टी20आई मैच था, और इसी मैच में उन्होंने यह मील का पत्थर हासिल किया। अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के बाद से, तमिलनाडु के इस स्पिनर ने अपनी विविधताओं से लगातार विरोधी बल्लेबाजों के लिए चुनौती पेश की है, अक्सर साझेदारियों को तोड़ा और मध्य ओवरों में दबाव बनाया। टी20आई गेंदबाजी रैंकिंग में उनकी तेजी से शीर्ष पर पहुंचने की यह उपलब्धि उन्हें भारत के सबसे प्रभावशाली व्हाइट-बॉल गेंदबाजों में स्थापित करती है।
भारतीय गेंदबाजों में, केवल कुलदीप यादव ही 50 विकेट के आंकड़े तक वरुण से तेज़ी से पहुंचे हैं। कुलदीप ने यह उपलब्धि केवल 30 मैचों में हासिल की थी, जब उन्होंने 8 अगस्त 2023 को इंडिया-वेस्ट इंडीज मुकाबले में यह मील का पत्थर छुआ था। वरुण ने इसे दो मैचों बाद हासिल किया, जो आधुनिक टी20 क्रिकेट की प्रतिस्पर्धा को देखते हुए काफी प्रभावशाली है।
दुनियाभर के आंकड़े:
| खिलाड़ी का नाम | देश | 50 विकेट तक पहुंचने में मैचों की संख्या | विशेष टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| ध्रुवकुमार मैसुरिया | बोत्सवाना | 22 | विश्व का सबसे तेज गेंदबाज |
| कुलदीप यादव | भारत | 30 | भारत के सबसे तेज खिलाड़ी |
| वरुण चक्रवर्ती | भारत | 32 | तीसरे सबसे तेज भारतीय गेंदबाज |
विश्व स्तर पर, टी20आई में 50 विकेट लेने वाले सबसे तेज गेंदबाज का रिकॉर्ड बोत्सवाना के स्पिनर ध्रुवकुमार मैसुरिया के नाम है, जिन्होंने इसे केवल 22 मैचों में हासिल किया। वरुण ने यह मील का पत्थर शीर्ष अंतरराष्ट्रीय टीमों के खिलाफ प्राप्त किया, जिससे उन्हें विश्व स्तर पर भी विशिष्ट स्थान मिला है।
वरुण की सफलता की कुंजी केवल गति नहीं बल्कि अनुशासन, नियंत्रण और अप्रत्याशितता रही है। बल्लेबाजों को भ्रमित करने की उनकी क्षमता, जिसमें गेंद की फ्लाइट और गति में सूक्ष्म बदलाव शामिल हैं, उन्हें भारत के लिए एक महत्वपूर्ण हथियार बनाती है, खासकर उन सतहों पर जहां स्पिनर्स को कुछ मदद मिलती है।
इस लेख के समय तक, दक्षिण अफ्रीका की टीम 16 ओवरों में 81/7 रन पर संघर्ष कर रही है।
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