दो-स्तरीय वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप मॉडल रद्द, ओडीआई सुपर लीग की वापसी की तैयारी ICC का बड़ा फैसला
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की हालिया बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है प्रस्तावित दो-स्तरीय वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) मॉडल को फिलहाल रद्द कर दिया गया है। वहीं, 50 ओवर प्रारूप के लिए ओडीआई सुपर लीग को फिर से शुरू करने पर गंभीर विचार किया जा रहा है।
यह फैसला वैश्विक क्रिकेट के भविष्य को प्रभावित कर सकता है, खासकर टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों के लिए।
दो-स्तरीय टेस्ट मॉडल क्यों रद्द हुआ?
आईसीसी की वर्किंग ग्रुप (जिसके प्रमुख न्यूजीलैंड के रोजर ट्वोज़ हैं) ने माना कि दो डिवीजन वाला टेस्ट मॉडल अभी व्यावहारिक नहीं है। इसके पीछे कई कारण हैं
वित्तीय चिंताएं: छोटे सदस्य देशों को डर था कि अगर उन्हें निचले स्तर (टियर-2) में भेजा गया तो वे भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के साथ खेलने के मौके और राजस्व खो देंगे।
रीलेगेशन (गिरावट) का डर: इंग्लैंड और अन्य बोर्डों को चिंता थी कि निचले स्तर में जाने से उनकी प्रतिष्ठा और प्रसारण अनुबंधों पर असर पड़ेगा।
सहमति की कमी: कई क्रिकेट बोर्डों ने इस मॉडल का समर्थन नहीं किया, जिससे इसे आगे बढ़ाने की संभावना खत्म हो गई।
परिणामस्वरूप, अब 2027-29 चक्र के लिए एक ही डिवीजन में 12 टीमों का वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप जारी रहेगा।
ओडीआई सुपर लीग की वापसी
साल 2020 में शुरू हुई ओडीआई सुपर लीग को 2023 वर्ल्ड कप के बाद समाप्त कर दिया गया था। अब ICC इसे पुनर्जीवित करने की योजना बना रही है ताकि वनडे क्रिकेट को फिर से प्रतिस्पर्धात्मक और आकर्षक बनाया जा सके।
मुख्य बिंदु
प्रारूप और टीमों की संख्या पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
संभावना है कि इसका पुनःआरंभ 2028 से किया जा सकता है।
इसका उद्देश्य है द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ को महत्त्व और संदर्भ देना, ताकि इस प्रारूप में रुचि बनी रहे।
इन फैसलों के प्रभाव
टेस्ट क्रिकेट के लिए:
एक डिवीजन में 12 टीमों का मॉडल जारी रहने से छोटे देशों को राहत मिली है। अब ICC को पॉइंट सिस्टम और मैच संतुलन जैसे पहलुओं पर सुधार करना होगा।
वनडे क्रिकेट के लिए:
ओडीआई सुपर लीग की वापसी से 50 ओवर प्रारूप में नई जान आएगी। छोटे देशों को बेहतर अवसर मिलेंगे और बड़े टूर्नामेंट्स के लिए रास्ता भी साफ होगा।
व्यावसायिक प्रभाव:
इन दोनों फैसलों से यह साफ है कि ICC अब खेल की गुणवत्ता और वित्तीय स्थिरता दोनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।
छोटे सदस्य देशों के लिए:
दो-स्तरीय टेस्ट मॉडल हटने से उन्हें राहत मिली है, लेकिन ओडीआई सुपर लीग में शामिल होने से उन्हें ज्यादा प्रतिस्पर्धा और पहचान मिलेगी।
आगे क्या?
2026 की शुरुआत में होने वाली ICC बोर्ड मीटिंग में इन प्रस्तावों पर औपचारिक वोटिंग होगी।
WTC में मैचों की संख्या, टीम संरचना और पॉइंट सिस्टम तय किया जाएगा।
ओडीआई सुपर लीग के लिए कैलेंडर संतुलन और योग्य टीमों का चयन महत्वपूर्ण रहेगा।
यह भी देखा जाएगा कि नए प्रारूप से खिलाड़ियों का वर्कलोड और द्विपक्षीय सीरीज़ पर क्या प्रभाव पड़ता है।
दो-स्तरीय WTC मॉडल का रद्द होना यह दिखाता है कि टेस्ट क्रिकेट में बड़ा बदलाव फिलहाल संभव नहीं है। वहीं, ओडीआई सुपर लीग की संभावित वापसी यह संकेत देती है कि ICC 50-ओवर प्रारूप को फिर से मजबूत करना चाहता है।
आने वाले महीनों में यह तय होगा कि क्या ये बदलाव क्रिकेट के पारंपरिक प्रारूपों को नई जान दे पाएंगे या नहीं।
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