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भारत में जन्मे वे 5 क्रिकेटर जिन्होंने दूसरे देशों के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेला

भारत को क्रिकेट प्रतिभाओं की धरती माना जाता है, लेकिन यहां राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना बेहद कठिन है। हर साल हजारों खिलाड़ी टीम इंडिया के लिए खेलने का सपना देखते हैं, लेकिन केवल कुछ ही खिलाड़ी उस मुकाम तक पहुंच पाते हैं। ऐसे में कई क्रिकेटरों ने बेहतर अवसरों की तलाश में दूसरे देशों का रुख किया और वहीं की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई।

हाल ही में जय मूंद्रा ने भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में आयरलैंड के लिए शानदार अंतरराष्ट्रीय पदार्पण कर सुर्खियां बटोरीं। उनकी बेहतरीन गेंदबाजी ने एक बार फिर यह साबित किया कि भारतीय मूल के कई खिलाड़ी दुनिया के अलग-अलग देशों के लिए सफलतापूर्वक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं।

आइए जानते हैं ऐसे ही पांच भारतीय मूल के क्रिकेटरों के बारे में, जिन्होंने दूसरे देशों का प्रतिनिधित्व कर अपनी अलग पहचान बनाई।

1. जय मूंद्रा – आयरलैंड के उभरते हुए तेज गेंदबाज

राजस्थान के टोंक में जन्मे जय मूंद्रा इन दिनों अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चर्चा का विषय बने हुए हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत तेज गेंदबाज के रूप में की थी, लेकिन समय के साथ उन्होंने बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी में भी हाथ आजमाया। आखिरकार उन्होंने फिर से तेज गेंदबाजी पर ध्यान केंद्रित किया।

साल 2021 में जय मूंद्रा उच्च शिक्षा के लिए आयरलैंड चले गए। वहां उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ क्लब क्रिकेट खेलना जारी रखा। लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी मजबूत पहचान बनाई। आयरिश नागरिकता मिलने के बाद उन्हें आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम में जगह मिली।

भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में अपने डेब्यू पर उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए शिवम दुबे, संजू सैमसन और भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर जैसे महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। उनके प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि वह भविष्य में आयरलैंड के प्रमुख गेंदबाज बन सकते हैं।

2. सौरभ नेत्रवलकर – सॉफ्टवेयर इंजीनियर से अमेरिका के स्टार क्रिकेटर तक

मुंबई में जन्मे सौरभ नेत्रवलकर की कहानी मेहनत और संघर्ष का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने भारत की अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व किया और 2010 अंडर-19 विश्व कप में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने।

हालांकि, भारतीय सीनियर टीम में जगह बनाना उनके लिए आसान नहीं रहा। इसके बाद उन्होंने 2015 में अमेरिका का रुख किया, जहां उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया। नौकरी के साथ-साथ उन्होंने क्रिकेट खेलना भी जारी रखा।

धीरे-धीरे उन्होंने अमेरिका की राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह बनाई और टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज बन गए। 2024 टी20 विश्व कप में उनके शानदार प्रदर्शन ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा और वह टूर्नामेंट के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल रहे।

3. निखिल चौधरी – दिल्ली से ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम तक का सफर

दिल्ली में जन्मे निखिल चौधरी साल 2020 में ऑस्ट्रेलिया गए। शुरुआत में उनका उद्देश्य अपने परिवार से मिलना था, लेकिन बाद में उन्होंने वहीं क्रिकेट करियर आगे बढ़ाने का फैसला किया।

स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर निखिल ने ऑस्ट्रेलिया के घरेलू क्रिकेट और बिग बैश लीग में शानदार प्रदर्शन किया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और उपयोगी गेंदबाजी ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।

घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय टीम में जगह मिली। इस उपलब्धि के साथ वह ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करने वाले चुनिंदा भारतीय मूल के खिलाड़ियों में शामिल हो गए।

4. उन्मुक्त चंद – भारत के अंडर-19 विश्व कप विजेता कप्तान

उन्मुक्त चंद कभी भारतीय क्रिकेट का भविष्य माने जाते थे। उन्होंने 2012 अंडर-19 विश्व कप में भारत की कप्तानी करते हुए टीम को खिताब दिलाया था। उनकी बल्लेबाजी और नेतृत्व क्षमता की खूब सराहना हुई थी।

हालांकि, सीनियर स्तर पर उन्हें लगातार मौके नहीं मिले। घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में भी उनका करियर उम्मीदों के मुताबिक आगे नहीं बढ़ सका।

इसके बाद 2021 में उन्होंने भारतीय क्रिकेट से संन्यास लेकर अमेरिका का रुख किया। वर्तमान में वह उत्तर अमेरिका की विभिन्न फ्रेंचाइजी लीगों में खेलते हैं। हालांकि, अभी तक उन्हें अमेरिका की राष्ट्रीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का मौका नहीं मिला है।

5. नासिर हुसैन – भारत में जन्मे इंग्लैंड के सफल कप्तान

पूर्व इंग्लैंड कप्तान नासिर हुसैन भारतीय मूल के सबसे सफल क्रिकेटरों में गिने जाते हैं। उनका जन्म चेन्नई में हुआ था, लेकिन बचपन में ही वह अपने परिवार के साथ इंग्लैंड चले गए।

वह आगे चलकर इंग्लैंड के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों और सफल कप्तानों में शामिल हुए। उन्होंने इंग्लैंड के लिए लगभग 100 टेस्ट मैच खेले और 5,700 से अधिक टेस्ट रन बनाए।

अपनी कप्तानी के दौरान उन्होंने इंग्लैंड की टीम को नई दिशा दी और टीम को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज भी उन्हें इंग्लैंड के महान क्रिकेटरों में गिना जाता है।

भारतीय मूल के खिलाड़ी दूसरे देशों के लिए क्यों खेलते हैं?

भारत में क्रिकेट का स्तर बेहद ऊंचा है और राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना आसान नहीं है। हजारों प्रतिभाशाली खिलाड़ी सीमित स्थानों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं। ऐसे में कई खिलाड़ी शिक्षा, नौकरी या बेहतर अवसरों के लिए विदेश चले जाते हैं।

यदि वे संबंधित देश की पात्रता शर्तें पूरी कर लेते हैं और घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उन्हें उस देश की राष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका मिल सकता है।

इन खिलाड़ियों की कहानियां यह साबित करती हैं कि मेहनत, धैर्य और समर्पण के दम पर दुनिया के किसी भी कोने में सफलता हासिल की जा सकती है।

जय मूंद्रा से लेकर सौरभ नेत्रवलकर, निखिल चौधरी, उन्मुक्त चंद और नासिर हुसैन तक, इन सभी भारतीय मूल के क्रिकेटरों ने अपने-अपने सफर से यह साबित किया है कि प्रतिभा किसी एक देश की सीमाओं में बंधी नहीं होती।

इन खिलाड़ियों ने नए देशों में जाकर अपने सपनों को पूरा किया और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी प्रेरणादायक यात्राएं यह संदेश देती हैं कि अगर जुनून और मेहनत हो, तो सफलता का रास्ता दुनिया के किसी भी मैदान तक पहुंच सकता है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q. भारत में जन्मा कौन सा क्रिकेटर USA के लिए खेलता है?
A.

सौरभ नेत्रवलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रतिनिधित्व करते हैं। अमेरिका जाने से पहले, वह भारत की अंडर-19 टीम के लिए खेल चुके हैं।

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