सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025: झारखंड ने मध्य प्रदेश को 1 रन से हराया, आखिरी गेंद पर हाई ड्रामा

झारखंड ने रविवार को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 के सुपर लीग ग्रुप ए मुकाबले में मध्य प्रदेश को सिर्फ एक रन से हरा दिया। यह मुकाबला हर उस चीज से भरा था जो क्रिकेट को रोमांचक बनाती है—तनाव, भ्रम, ड्रामा और आखिरी गेंद पर लिया गया ऐसा फैसला जिसने एक टीम को जश्न मनाने का मौका दिया और दूसरी को स्तब्ध छोड़ दिया।
आखिरी गेंद पर तीन रन चाहिए थे। एक फुल टॉस, हताशा में लिया गया रन, पहले नो बॉल की समीक्षा और फिर रन आउट का फैसला। पुणे में खेला गया यह मैच पूरी तरह अराजक हो गया, लेकिन अंत में झारखंड ने बाजी मारकर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में अपनी अजेय लय को बरकरार रखा।
शुरुआती तूफान ने तय किया माहौल
मध्य प्रदेश के पहले गेंदबाजी करने के फैसले के बाद झारखंड की पारी बेहद तेज शुरुआत के साथ शुरू हुई। ईशान किशन पूरी तैयारी के साथ उतरे और विराट सिंह के साथ मिलकर पावरप्ले में जमकर हमला बोला।
किशन पूरी तरह आक्रामक मूड में थे। स्पिनरों पर आगे बढ़कर वार, गैप्स में शॉट्स और लंबे छक्के। उन्होंने महज 30 गेंदों में 63 रन ठोक दिए और उनका स्ट्राइक रेट 200 से ऊपर रहा। एक समय ऐसा लग रहा था कि झारखंड आसानी से 200 से ज्यादा का स्कोर खड़ा कर देगा। विराट सिंह ने दूसरे छोर से संयमित लेकिन प्रभावी भूमिका निभाई और मध्य प्रदेश को शुरुआती ओवरों में ही दबाव में डाल दिया।
जब मैच हाथ से निकलता दिखने लगा, तब मध्य प्रदेश के कप्तान रजत पाटीदार ने रणनीति बदली। गति कम की गई, कटर डाले गए और तभी पिच ने अपना असर दिखाना शुरू किया।
यहीं वेंकटेश अय्यर ने कमाल किया। उन्होंने पिच को बेहतरीन तरीके से पढ़ते हुए गेंदबाजी की और मध्य ओवरों में रन गति पर पूरी तरह लगाम लगा दी। अय्यर ने 3 विकेट 17 रन देकर लिए, जबकि राहुल बाथम ने दूसरे छोर से कसी हुई गेंदबाजी की। नतीजा यह रहा कि झारखंड की टीम 181 रन पर 9 विकेट गंवा बैठी। स्कोर चुनौतीपूर्ण था, लेकिन डराने वाला नहीं रहा।
मध्य प्रदेश ने बहुत देर कर दी
लक्ष्य का पीछा करते हुए मध्य प्रदेश की शुरुआत ठीक रही, हालांकि वेंकटेश अय्यर जल्दी आउट हो गए। इसके बाद पारी को संभालने का जिम्मा हर्ष गवली ने उठाया। उन्होंने शांत और समझदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 61 रन बनाए।
दूसरे छोर पर हरप्रीत सिंह आक्रामक अंदाज में खेले। उन्होंने 48 गेंदों में नाबाद 77 रन बनाए और शानदार टाइमिंग के साथ लगातार बाउंड्री लगाईं। ओवर बीतते गए और मध्य प्रदेश मैच में बना रहा, शायद जरूरत से ज्यादा सहज भी हो गया। उन्होंने मुकाबले को आखिरी गेंद तक खींच लिया।
आखिरी गेंद पर तीन रन चाहिए थे। या तो एक साफ हिट या समझदारी से की गई दौड़। लेकिन आगे जो हुआ, वह बिल्कुल भी सरल नहीं था।
आखिरी गेंद का हंगामा
अंतिम गेंद पर सुषांत मिश्रा ने ऑफ साइड के बाहर फुल टॉस फेंकी। अनीकेत वर्मा ने गेंद को डीप पॉइंट की ओर खेला और रन के लिए दौड़ पड़े। पहला रन पूरा करने के बाद उन्होंने दूसरा रन लेने की कोशिश की।
फील्ड से फ्लैट थ्रो आया और ईशान किशन ने विकेट के पीछे शानदार फुर्ती दिखाते हुए वर्मा को रन आउट कर दिया। बल्लेबाज ने ऊंचाई के आधार पर नो बॉल के लिए समीक्षा ली, लेकिन फैसला बल्लेबाज के खिलाफ गया। गेंद नो बॉल नहीं थी और रिप्ले में साफ दिखा कि अनीकेत वर्मा क्रीज से पहले ही आउट हो चुके थे।
इसी के साथ झारखंड ने एक रन से यह रोमांचक मुकाबला जीत लिया। ईशान किशन की अगुआई में झारखंड की टीम ने अब लगातार नौ मैच जीत लिए हैं। वहीं मध्य प्रदेश को इस बात का मलाल रहेगा कि उन्होंने मैच को जरूरत से ज्यादा आखिरी तक ले जाने की कोशिश की। दूसरी ओर, झारखंड इस यादगार रात को बहुत लंबे समय तक याद रखेगा।
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