अनुराग ठाकुर को BCCI में भाग लेने की अनुमति, सुप्रीम कोर्ट ने 2017 का आदेश बदला

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार, 5 फरवरी 2026 को पूर्व BCCI अध्यक्ष और वर्तमान बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर के लिए बड़ा राहत फैसला सुनाया। कोर्ट ने 2017 के अपने आदेश को संशोधित करते हुए कहा कि ठाकुर अब बोर्ड के नियमों और विनियमों के अनुसार BCCI के कार्यों में भाग ले सकते हैं।
साल 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने ठाकुर को निर्देश दिया था कि वह "तुरंत प्रभाव से BCCI के कार्यों में शामिल होने से बचें और दूर रहें।"
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि ठाकुर अब "BCCI के कार्यों में नियमों और विनियमों के अनुसार स्वतंत्र रूप से भाग लेने के लिए स्वतंत्र हैं।"
ठाकुर पर यह रोक न्यायमूर्ति लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू न करने के कारण लगाई गई थी।
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची की बेंच ने गुरुवार, 5 फरवरी को यह प्रतिबंध हटाया। कोर्ट ने यह निर्णय इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए लिया कि ठाकुर ने बिना शर्त माफी दी है और पिछले नौ सालों से BCCI से जुड़े नहीं हैं।
सारणी: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सारांश
| तिथि | घटना | विवरण |
|---|---|---|
| 2 जनवरी 2017 | रोक आदेश | अनुराग ठाकुर को BCCI के कार्यों में शामिल होने से रोक |
| 5 फरवरी 2026 | आदेश संशोधन | सुप्रीम कोर्ट ने रोक हटाई, ठाकुर को नियमों के अनुसार भाग लेने की अनुमति दी |
| कारण | रोक हटाने का | ठाकुर ने बिना शर्त माफी दी और पिछले 9 साल से BCCI से जुड़े नहीं थे |
यहभीपढ़ें: बेन स्टोक्स को चेहरे पर गंभीर चोट, क्रिकेट गेंद लगने से आंख बुरी तरह सूजी
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अब अनुराग ठाकुर BCCI के नियमों और विनियमों के अनुसार बोर्ड के कार्यों में भाग ले सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में रोक लगाई थी क्योंकि अनुराग ठाकुर ने न्यायमूर्ति लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू नहीं किया था।
Hi Everyone, I am PHPR, a cricket content writer with 2 years of experience in covering International cricket. I enjoy analysing matches, understanding player performances, and turning key moments into simple, engaging stories. My goal is to make cricket easy to follow and enjoyable for every fan.