शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव की फॉर्म पर सवाल, 2025 में टी20 अंतरराष्ट्रीय आंकड़े चिंता बढ़ाते

शुभमन गिल पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था। 2025 एशिया कप में भारत के टी20 उपकप्तान के रूप में वापसी के बाद से यह सलामी बल्लेबाज एक भी अर्धशतक नहीं लगा सका था। यह सिलसिला 13 पारियों तक खिंच गया। समस्या सिर्फ रन न बनाना नहीं थी, बल्कि उनका औसत और स्ट्राइक रेट भी प्रभावशाली नहीं दिख रहे थे।
शुभमन गिल की फॉर्म पर चिंता
कटक और मुल्लांपुर में लगातार दो असफल पारियों ने गिल की मुश्किलें और बढ़ा दीं। 2026 टी20 विश्व कप की तैयारी के बीच हर बचा हुआ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच अहम होता जा रहा है। ऐसे में हर नाकामी के बाद गिल की कड़ी आलोचना होने लगी। कई लोग सलामी बल्लेबाज के रूप में संजू सैमसन की वापसी की मांग करने लगे थे।
यह भी कहा जा सकता है कि किस्मत भी गिल के साथ नहीं थी। ऑस्ट्रेलिया में दो मौकों पर उन्हें अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन बारिश के कारण मुकाबले पूरे नहीं हो सके। मुल्लांपुर में वह पहली ही गेंद पर किनारा लेकर आउट हो गए। थोड़ी सी किस्मत साथ होती तो शायद वह बच सकते थे। जैसे जीवन में, वैसे ही क्रिकेट में भी कई बार किस्मत की जरूरत पड़ती है।
किस्मत मिली, लेकिन रन नहीं
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीसरे टी20 मुकाबले में गिल को किस्मत का साथ मिला। उन्होंने जिस पहली गेंद का सामना किया, उस पर उन्हें आउट दिया गया था। तीन दिन पहले जहां किनारा उनके लिए काल साबित हुआ था, वहीं इस बार उसी ने उन्हें बचा लिया। यही उनके लिए काफी था। पावरप्ले के अंत तक गिल चार चौके लगा चुके थे और 14 गेंदों में 20 रन बनाकर नाबाद थे।
धर्मशाला की चुनौतीपूर्ण पिच पर गिल को सिर्फ कुछ रन जुटाने की जरूरत थी। भारत 118 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा कर रहा था, इसलिए स्ट्राइक रेट कोई बड़ा मुद्दा नहीं था। गेंद कभी तेज उछाल ले रही थी तो कभी फिसलकर निकल रही थी, ऐसे में रन बनाना आसान नहीं था।
सातवें ओवर में एक बार फिर किस्मत ने गिल का साथ दिया। उन्होंने दो बार विकेट के पीछे किनारा दिया। पहली बार गेंद विकेटकीपर और सेकंड स्लिप के बीच से निकल गई। दूसरी बार गेंद सेकंड स्लिप से पहले गिर गई। पिच की हरकत को समझते हुए और लक्ष्य को पास देखकर गिल और ज्यादा सतर्क हो गए।


इसके बाद वह अपनी अगली 13 गेंदों में सिर्फ 8 रन ही बना सके। अंत में मार्को यानसेन की गेंद पर अंदरूनी किनारा लगा और गेंद सीधे स्टंप्स से जा टकराई। स्कोरकार्ड में उनके नाम के आगे 28 रन 28 गेंदों पर लिखा दिखेगा। पिछले दो महीनों की स्थिति को देखते हुए यह पारी कोई खास सुधार नहीं कही जा सकती।
सबसे अहम बात रन नहीं, बल्कि उन्हें बनाने का तरीका था। गिल कभी भी सहज नजर नहीं आए। आमतौर पर उम्मीद होती है कि जितनी देर बल्लेबाज क्रीज पर रहेगा, उतना बेहतर खेलेगा, लेकिन यहां ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ। पारी के दूसरे हिस्से में वह और ज्यादा असहज दिखे। पिच मुश्किल जरूर थी, लेकिन वह स्ट्राइक रोटेट करने में भी नाकाम रहे।
सूर्यकुमार यादव भी जूझते नजर आए
ये संकेत चिंता बढ़ाने वाले हैं। तिलक वर्मा भी बहुत तेज नहीं खेले और उनका स्ट्राइक रेट भी सौ से कम रहा, लेकिन वह गिल की तरह फंसे हुए नहीं लगे। हालांकि गिल अकेले ऐसे बल्लेबाज नहीं थे जिनकी फॉर्म ने भारत को परेशान किया। धर्मशाला में मिली बड़ी जीत के बावजूद टीम के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके।
हालांकि उन्होंने कुछ शानदार शॉट जरूर लगाए, लेकिन फाइन लेग के ऊपर खेलने की कोशिश में वह कैच दे बैठे। पिच पर गति और उछाल था, जो आमतौर पर सूर्यकुमार को रास आता है, इसके बावजूद वह बड़ी पारी नहीं खेल सके। अगर गिल की फॉर्म को सिरदर्द कहा जाए, तो सूर्यकुमार के रन न बन पाना ऐसी बीमारी बनता जा रहा है, जिसका इलाज ढूंढना मुश्किल हो रहा है।
2025 में शुभमन गिल और सूर्यकुमार यादव का टी20 अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड
| खिलाड़ी | पारियां | रन | सर्वोच्च स्कोर | औसत | स्ट्राइक रेट | शतक | अर्धशतक |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| शुभमन गिल | 15 | 291 | 47 | 24.25 | 137.26 | 0 | 0 |
| सूर्यकुमार यादव | 18 | 213 | 47 नाबाद | 14.20 | 125.29 | 0 | 0 |
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