दिल्ली कैपिटल्स के क्लीनिकल प्रदर्शन ने आरसीबी को इस सीजन की पहली हार दिला दी। इसके साथ ही जेमिमा रोड्रिग्स की अगुवाई वाली टीम अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गई। कहते हैं कि “मोमेंटम” टूर्नामेंट जीतने का सबसे बड़ा हथियार होता है। आरसीबी ने इस मुकाबले से पहले लगातार पांच मैच जीते थे, लेकिन चार दिन के ब्रेक के बाद उनकी लय टूट गई। पिछली बार जब ये दोनों टीमें भिड़ी थीं, तब दिल्ली सबसे नीचे थी। लेकिन इस मैच में तीन बार की उपविजेता दिल्ली पूरी तरह हावी रही और एकतरफा मुकाबला देखने को मिला।
जेमिमा रोड्रिग्स और लॉरा वोल्वार्ट की चमक से दिल्ली कैपिटल्स ने आरसीबी को हराया
पूरे मैच में ऐसा कोई पल नहीं आया जब स्मृति मंधाना की टीम आगे नजर आई हो। शुरुआत भी फीकी रही। ग्रेस हैरिस ने कुछ चौके जरूर लगाए लेकिन वह अपने अंदाज में नहीं दिखीं। कप्तान मंधाना ने भी समय लिया और फिर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में डीप स्क्वायर लेग पर कैच दे बैठीं। इसके बाद आरसीबी की पारी एक पुरानी खराब कार की तरह चलती रही, हर ओवर में रुकावट आती रही।
एक के बाद एक खराब शॉट देखने को मिले। वॉल ने बड़ा शॉट खेलते हुए मिस किया, नाइक फुल टॉस को खेलते हुए बोल्ड हो गईं, राधा विकेटकीपर को कैच दे बैठीं। हालांकि दिल्ली के गेंदबाजों को भी पूरा श्रेय जाता है, जिन्होंने लगातार सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी की। जेमिमा रोड्रिग्स ने गेंदबाजों का शानदार इस्तेमाल किया और फील्डरों ने भी उनका पूरा साथ दिया।
कैप हमेशा की तरह किफायती रहीं। हेनरी और चरणी ने भी अहम भूमिका निभाई। लेकिन अपनी शानदार “बैक ऑफ द हैंड” स्लोअर गेंदों के साथ नंदिनी शर्मा मैच की स्टार रहीं। अब उनके सिर पर पर्पल कैप भी सजी हुई है।
109 का स्कोर, जो कि डब्ल्यूपीएल में आरसीबी का अब तक का सबसे कम स्कोर है, बचाव के लिए कभी भी काफी नहीं लग रहा था। फिर भी उम्मीद की एक किरण तब जगी जब सायली साठघरे ने दोनों ओपनर्स को सस्ते में आउट कर दिया। अगर उन्होंने जेमिमा रोड्रिग्स का कैच भी पकड़ लिया होता तो शायद कहानी कुछ और होती।
दिल्ली की कप्तान किस्मत के सहारे भी बचती रहीं क्योंकि बाद में नाइक ने भी उनका कैच छोड़ा। दूसरी ओर लॉरा वोल्वार्ट ने शानदार संयम दिखाया। उनकी नाबाद 42 रन की शांत और भरोसेमंद पारी ने टीम को बिना किसी बड़ी परेशानी के जीत तक पहुंचा दिया।