वानखेड़े स्टेडियम में रवि शास्त्री के नाम पर बना स्टैंड, समारोह में भावुक हुए पूर्व कोच

मुंबई क्रिकेट के दिग्गजों की सूची में अब रवि शास्त्री का नाम भी शामिल हो गया है। गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम में उनके नाम पर एक स्टैंड का उद्घाटन किया गया। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने इस खास मौके पर कई महान क्रिकेटरों को सम्मानित किया।
वानखेड़े स्टेडियम में बने नए स्टैंड का नाम अब रवि शास्त्री स्टैंड रखा गया है। इस अवसर पर आयोजित विशेष समारोह में सुनील गावस्कर, भारत की टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और क्रिकेट जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं।
इसी समारोह में मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने वानखेड़े स्टेडियम के कई प्रवेश द्वारों का नाम भी भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गजों के नाम पर रखा। इनमें पूर्व भारतीय कप्तान डायना एडुल्जी, मशहूर ऑलराउंडर एकनाथ सोलकर और शानदार बल्लेबाज दिलीप सरदेसाई शामिल हैं।
दिलीप सरदेसाई ने भारत के लिए 30 टेस्ट मैच खेले थे और 179 प्रथम श्रेणी मैचों में हिस्सा लिया था। वहीं डायना एडुल्जी को भारत में महिला क्रिकेट की अग्रणी खिलाड़ियों में गिना जाता है।
अपने घरेलू मैदान पर यह सम्मान मिलने के बाद रवि शास्त्री काफी भावुक नजर आए। उन्होंने मंच से कहा कि उनकी पत्नी, बेटी, बहन और परिवार के बाकी सदस्य इस मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने उन्हें कभी खेलते हुए नहीं देखा, लेकिन आज वह इस खास पल की गवाह है।
रवि शास्त्री ने कहा कि उन्हें सिर्फ एक बात का दुख है कि उनके पिता आज इस समारोह में मौजूद नहीं हैं। उन्होंने अपने पिता को अपना सबसे बड़ा हीरो बताया।
शास्त्री ने कहा कि उनके पिता वानखेड़े स्टेडियम में गरवारे पवेलियन से उनका हर मैच देखते थे। उन्होंने कहा कि भले ही उनके पिता आज यहां नहीं हैं, लेकिन जहां भी होंगे, उन्हें इस सम्मान पर गर्व होगा।
रवि शास्त्री ने अपने खेल के दिनों को याद करते हुए कहा कि वानखेड़े स्टेडियम में लगाया गया उनका सबसे पसंदीदा शॉट आज भी उन्हें याद है। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्होंने ब्रूस रीड की गेंद पर एक लंबा छक्का लगाया था, जो अब रवि शास्त्री स्टैंड के ऊपर जाकर गिरा था।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि लोगों ने वानखेड़े में कई बड़े छक्के लगाए हैं, लेकिन वह शॉट उनके लिए हमेशा सबसे खास रहेगा।
डायना एडुल्जी भी इस सम्मान से काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए और देश की सभी महिला क्रिकेटरों के लिए बहुत बड़ा सम्मान है। उन्होंने इसे अपने जीवन का सपना पूरा होने जैसा बताया।
डायना एडुल्जी ने कहा कि वह इस दिन को कभी नहीं भूलेंगी। वह भारत के लिए 20 टेस्ट और 34 वनडे मैच खेल चुकी हैं। इसके अलावा वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में प्रशासक की भूमिका भी निभा चुकी हैं।
एकनाथ सोलकर और दिलीप सरदेसाई अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके परिवार के सदस्य समारोह में मौजूद रहे। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने दोनों दिग्गजों के भारतीय और मुंबई क्रिकेट में योगदान को याद करते हुए उन्हें यह सम्मान दिया।
समारोह में सम्मानित दिग्गज
| नाम | सम्मान |
|---|---|
| रवि शास्त्री | वानखेड़े स्टेडियम में स्टैंड का नाम |
| डायना एडुल्जी | प्रवेश द्वार का नाम |
| एकनाथ सोलकर | प्रवेश द्वार का नाम |
| दिलीप सरदेसाई | प्रवेश द्वार का नाम |
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वानखेड़े स्टेडियम में एक स्टैंड का नाम रवि शास्त्री स्टैंड रखा गया है।
समारोह में डायना एडुल्जी, एकनाथ सोलकर और दिलीप सरदेसाई के नाम पर वानखेड़े स्टेडियम के प्रवेश द्वारों का नाम रखा गया।
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