दुनिया में हर चीज़ की एक कीमत होती है, और ऐसा लगता है कि आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने के पाकिस्तान के फैसले की भी कुछ शर्तें हैं। रविवार को लाहौर में हुई आईसीसी बैठक के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कुछ मांगें रखीं और संकेत दिया कि यदि इन मांगों पर विचार किया जाता है तो वह अपने बहिष्कार के फैसले पर यू-टर्न ले सकता है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 यू-टर्न के लिए पीसीबी ने ज्यादा आईसीसी फंडिंग, भारत-पाक क्रिकेट और हैंडशेक की मांग की
पाकिस्तान जानता है कि भारत बनाम पाकिस्तान मैच विश्व क्रिकेट के सबसे ज्यादा कमाई करने वाले मुकाबलों में से एक है। ऐसे में मैच न खेलने की चेतावनी देकर पीसीबी ने अपनी बातचीत की ताकत बढ़ा ली है। उसकी मुख्य मांगों में से एक आईसीसी से ज्यादा फंडिंग है। फिलहाल पाकिस्तान को आईसीसी राजस्व का लगभग 5.75 प्रतिशत हिस्सा मिलता है, जबकि बीसीसीआई को लगभग 39 प्रतिशत हिस्सा मिलता है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट आईसीसी के लिए सबसे ज्यादा राजस्व पैदा करता है।
पीसीबी ने भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट संबंध फिर से शुरू करने की मांग भी की है। दोनों देशों के बीच आखिरी द्विपक्षीय सीरीज 2012–13 में हुई थी। राजनीतिक तनाव और सुरक्षा कारणों से तब से दोनों टीमें केवल बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में ही आमने-सामने होती हैं।
इसके अलावा पाकिस्तान ने यह भी मांग रखी है कि टी20 वर्ल्ड कप मैच के बाद भारतीय टीम पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाए। हाल के कुछ टूर्नामेंटों, जैसे एशिया कप 2025 और जूनियर प्रतियोगिताओं में, भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ शारीरिक संपर्क से दूरी बनाई थी।
🚨 PAKISTAN DEMANDS TO PLAY AGAINST INDIA IN T20I WC 🚨
— lndian Sports Netwrk (@IS_Netwrk29) February 9, 2026
- The ICC must compensate Bangladesh.
- A large share of the ICC’s revenue must be given to Pakistan.
- India must play a bilateral series against Pakistan.
- In the future, Pakistan must be allowed to host ODI and T20… pic.twitter.com/NidZBXZi3C
1 फरवरी को पाकिस्तान सरकार ने टी20 वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का फैसला घोषित किया था। हालांकि आईसीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि तय मैच खेलने से इनकार करने पर पाकिस्तान पर प्रतिबंध और आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है, क्योंकि आईसीसी टूर्नामेंट में सभी सदस्य देशों के लिए हर निर्धारित मैच खेलना अनिवार्य है।
लाहौर में हुई बैठक में आईसीसी के अधिकारी इमरान ख्वाजा और मुबाशिर उस्मानी मौजूद थे, लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ। पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने कहा कि इस मामले पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस बीच श्रीलंका क्रिकेट भी चिंतित है, क्योंकि कोलंबो में होने वाले भारत-पाकिस्तान मैच के रद्द होने से उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। वित्तीय और प्रशासनिक दबाव के बीच अब पीसीबी ने बहिष्कार पर अड़े रहने के बजाय बातचीत जारी रखने के संकेत दिए हैं।