नजमुल हुसैन शांतो ने बीसीबी का टेस्ट कप्तानी प्रस्ताव ठुकराया, लिटन दास बन सकते हैं नए कप्तान
बांग्लादेश के स्टार बल्लेबाज़ नजमुल हुसैन शांतो ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) का टेस्ट टीम की कप्तानी का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। कई दौर की बातचीत के बावजूद शांतो ने साफ कर दिया कि वह फिलहाल नेतृत्व की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते।
शांतो, जिन्हें कभी बांग्लादेश क्रिकेट का भविष्य का नेता माना जाता था, को 2023 में सभी प्रारूपों की कप्तानी सौंपी गई थी। हालांकि, उनकी कप्तानी ज्यादा समय तक नहीं चली। उन्होंने पहले टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ी और इसके बाद बोर्ड ने उन्हें वनडे कप्तानी से भी हटा दिया। तब से शांतो ने किसी भी प्रारूप में बांग्लादेश की कप्तानी नहीं की है।
शांतो ने टेस्ट कप्तानी से किया इनकार
क्रिकबज़ की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद बीसीबी अधिकारियों ने शांतो को फिर से टेस्ट टीम की कमान संभालने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया। बीसीबी के क्रिकेट ऑपरेशंस चेयरमैन नजमुल अबेदीन ने 23 अक्टूबर को शांतो से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की थी, परंतु बल्लेबाज़ ने कहा कि वह फिलहाल कप्तानी नहीं करना चाहते।
बीसीबी के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा,
“वह (नजमुल) इस समय नेतृत्व करने में रुचि नहीं रखते और उन्होंने हमें अपने फैसले के बारे में सूचित कर दिया है।”
नया कप्तान कौन बनेगा
शांतो के इनकार के बाद बांग्लादेश की टेस्ट कप्तानी फिलहाल खाली है। श्रीलंका के खिलाफ आखिरी टेस्ट सीरीज के बाद से ही यह पद रिक्त है। बीसीबी अब नए कप्तान की तलाश में है, और मौजूदा टी20 कप्तान लिटन दास इस भूमिका के लिए शीर्ष दावेदार माने जा रहे हैं। बोर्ड 11 नवंबर से सिलहट में शुरू होने वाली आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले लिटन की स्वीकृति का इंतजार कर रहा है।
वहीं, मौजूदा वनडे कप्तान मेहदी हसन मिराज, जिन्होंने पहले टेस्ट टीम की कप्तानी में रुचि दिखाई थी, शायद इस बार मौका नहीं पा सकें। भले ही बांग्लादेश ने हाल में उनकी कप्तानी में घरेलू वनडे सीरीज जीती हो, लेकिन उनका कुल रिकॉर्ड प्रभावशाली नहीं रहा है। उन्होंने अब तक 13 में से केवल 3 मैचों में जीत दर्ज की है। इसी कारण कुछ बोर्ड सदस्य यह सोच रहे हैं कि क्या मिराज अपना एक साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी वनडे कप्तान बने रहेंगे या नहीं।
शांतो की कप्तानी का दौर
हालांकि शांतो का कप्तानी कार्यकाल बहुत लंबा नहीं रहा, लेकिन उन्होंने अपने शांत स्वभाव और युवा एवं सीनियर खिलाड़ियों को एकजुट करने की क्षमता से सबका ध्यान खींचा। उनकी कप्तानी में बांग्लादेश ने कठिन परिस्थितियों में जुझारूपन दिखाया और टेस्ट क्रिकेट में निरंतरता में सुधार किया।
कई प्रशंसक अब भी मानते हैं कि नजमुल हुसैन शांतो भविष्य में बांग्लादेश के दीर्घकालिक कप्तान बन सकते हैं, लेकिन फिलहाल वह अपनी बल्लेबाज़ी पर ध्यान केंद्रित करना और कप्तानी के दबाव से दूर रहना चाहते हैं।
संभावित कप्तान की दौड़
| खिलाड़ी | भूमिका | संभावना |
|---|---|---|
| लिटन दास | टी20 कप्तान | सबसे प्रबल दावेदार |
| मेहदी हसन मिराज | वनडे कप्तान | सीमित समर्थन |
| नजमुल हुसैन शांतो | पूर्व कप्तान | फिलहाल रुचि नहीं |
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