एम.एस. धोनी और पूर्व आईपीएस संपत कुमार के बीच ₹100 करोड़ का मानहानि केस फिर शुरू
पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) और सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार के बीच चल रहा पुराना कानूनी विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। संपत कुमार ने विशेष सुविधाओं के आरोप लगाते हुए मद्रास हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
दरअसल, संपत कुमार ने 11 अगस्त 2025 को आए उस आदेश को चुनौती दी है जिसमें एकल पीठ ने ₹100 करोड़ के मानहानि मामले में धोनी का बयान दर्ज करने के लिए एक एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया था।
संपत कुमार का कहना है कि कानून की नजर में सभी नागरिक समान हैं, और किसी भी मशहूर व्यक्ति, यहां तक कि पूर्व कप्तान एम.एस. धोनी को भी किसी प्रकार की विशेष सुविधा नहीं दी जानी चाहिए।
संपत कुमार का नया हमला
इस मामले पर न्यायमूर्ति एस.एम. सुब्रमण्यम और मोहम्मद शफीक की खंडपीठ ने सुनवाई के लिए सहमति जताई है। सुनवाई 4 नवंबर 2025 को होगी। हालांकि, अदालत ने संपत कुमार के वकील को निर्देश दिया है कि वे पहले न्यायपालिका के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों को वापस लेने का हलफनामा दाखिल करें, तभी आगे की सुनवाई होगी।
इसके एक दिन पहले ही, न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम और न्यायमूर्ति एम. जोथिरामन की पीठ ने संपत कुमार की उस अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने एम.एस. धोनी के मानहानि मामले को रद्द करने की मांग की थी।
धोनी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील पी.आर. रामन ने अदालत में दलील दी थी कि संपत कुमार की याचिका मूल तथ्यों से रहित है और केवल मुकदमे की प्रक्रिया को विलंबित करने का प्रयास है।
मानहानि मामले की पृष्ठभूमि
संपत कुमार, जिन्होंने 2013 में ‘क्यू’ ब्रांच सीआईडी (आंतरिक सुरक्षा) के अधीक्षक के रूप में कार्य किया था, ने दावा किया था कि फर्जी पासपोर्ट रैकेट की जांच के दौरान उन्हें आईपीएल मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी सिंडिकेट से जुड़े सबूत मिले थे।
उनका कहना था कि उन्होंने यह जानकारी न्यायमूर्ति मुकुल मुद्गल समिति के समक्ष रखी थी, जो 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी और स्पॉट फिक्सिंग घोटाले की जांच कर रही थी। लेकिन फरवरी 2014 में एक टीवी स्टिंग ऑपरेशन में संपत कुमार की कथित बातचीत को प्रसारित किया गया, जिसके बाद उन्हें मीडिया से बातचीत करने के कारण निलंबित कर दिया गया।
इसी घटनाक्रम के बाद एम.एस. धोनी ने 2014 में ₹100 करोड़ का मानहानि मुकदमा दायर किया, जिसमें उन्होंने संपत कुमार पर झूठे आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया था।
केस का सारांश
| वर्ष | घटनाक्रम | प्रमुख व्यक्ति |
|---|---|---|
| 2013 | फर्जी पासपोर्ट रैकेट और सट्टेबाजी जांच | जी. संपत कुमार |
| 2014 | टीवी स्टिंग और निलंबन | संपत कुमार |
| 2014 | धोनी ने ₹100 करोड़ का मानहानि केस दायर किया | एम.एस. धोनी |
| 2025 | मद्रास हाई कोर्ट में नई अपील | संपत कुमार बनाम एम.एस. धोनी |
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