ललित मोदी का बड़ा दावा, आईपीएल के मौजूदा प्रारूप से बीसीसीआई को हो रहा 2400 करोड़ रुपये का नुकसान

इंडियन प्रीमियर लीग के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने आईपीएल 2026 के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा प्रारूप की वजह से लीग को लगभग 2400 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
ललित मोदी का मानना है कि 2022 में आईपीएल में दस टीमों के शामिल होने के बाद कमाई के मौके भी बढ़ गए थे, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड इस अवसर का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर रहा है।
मोदी ने कहा कि अगर आईपीएल को पूरी तरह घरेलू और बाहर के मैचों वाले प्रारूप में खेला जाए, तो लीग चरण में 90 मुकाबले हो सकते हैं। इसके बाद प्लेऑफ और फाइनल मिलाकर कुल मैचों की संख्या 94 तक पहुंच सकती है।
फिलहाल आईपीएल में 74 मैच खेले जा रहे हैं, क्योंकि घरेलू और बाहर के मुकाबलों की प्रणाली में बदलाव किया गया है। ललित मोदी ने बताया कि इससे बीसीसीआई और फ्रेंचाइजी दोनों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
मौजूदा और प्रस्तावित प्रारूप की तुलना
| विषय | मौजूदा प्रारूप | ललित मोदी का सुझाव |
|---|---|---|
| टीमों की संख्या | 10 | 10 |
| कुल मैच | 74 | 94 |
| लीग चरण के मैच | 70 के आसपास | 90 |
| अतिरिक्त मैच | नहीं | 20 |
| अनुमानित अतिरिक्त कमाई | नहीं | 2400 करोड़ रुपये |
ललित मोदी ने कहा कि हर मैच से होने वाली कमाई का पचास प्रतिशत बीसीसीआई को मिलता है, जबकि बाकी पचास प्रतिशत फ्रेंचाइजी टीमों में बांटा जाता है। उनके अनुसार, मौजूदा प्रारूप की वजह से टीमों को 20 मैचों का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने कहा कि फ्रेंचाइजी ने जिस रकम पर टीम खरीदी है, उसके बदले उन्हें घरेलू और बाहर दोनों तरह के मुकाबले मिलने चाहिए। यह उनके साथ किया गया एक व्यावसायिक समझौता है।
मोदी के अनुसार, अगर 94 मैच खेले जाएं और हर मैच से लगभग 118 करोड़ रुपये की मीडिया कमाई हो, तो केवल मीडिया अधिकारों से ही 2400 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं।
अतिरिक्त कमाई का बंटवारा
| पक्ष | अनुमानित अतिरिक्त कमाई |
| बीसीसीआई | 1200 करोड़ रुपये |
| 10 फ्रेंचाइजी | 1200 करोड़ रुपये |
| प्रति टीम हिस्सा | लगभग 120 करोड़ रुपये |
ललित मोदी ने यह भी कहा कि अगर फ्रेंचाइजी को अतिरिक्त 120 करोड़ रुपये मिलें, तो उनकी टीमों की कुल कीमत भी अपने आप बढ़ जाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि आईपीएल की असली ताकत घरेलू और बाहर के मुकाबलों वाले प्रारूप में ही है। अगर क्रिकेट कैलेंडर में समय की कमी है, तो टीमों की संख्या नहीं बढ़ानी चाहिए।
ललित मोदी ने कहा कि जब आईपीएल को बेचा गया था, तब इसकी सबसे बड़ी खासियत यही थी कि हर टीम हर दूसरी टीम के खिलाफ अपने घर और बाहर दोनों जगह खेलेगी।
उनका मानना है कि सभी फ्रेंचाइजी ने इस बदले हुए प्रारूप को मंजूरी नहीं दी होगी। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई के पास कई कारण हो सकते हैं, लेकिन टीमों के लिए घरेलू और बाहर दोनों तरह के मुकाबले करवाना एक व्यावसायिक जिम्मेदारी है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ललित मोदी ने दावा किया है कि मौजूदा आईपीएल प्रारूप की वजह से बीसीसीआई को लगभग 2400 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
ललित मोदी चाहते हैं कि आईपीएल को फिर से पूरी तरह घरेलू और बाहर के मुकाबलों वाले प्रारूप में खेला जाए, ताकि कुल मैचों की संख्या और कमाई दोनों बढ़ सकें।
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