Ranji Trophy 2026: जम्मू-कश्मीर पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचा

जम्मू और कश्मीर ने बुधवार को इतिहास रचते हुए पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली। बंगाल क्रिकेट अकादमी मैदान पर खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में उन्होंने दो बार की चैंपियन बंगाल को छह विकेट से हराकर यह यादगार उपलब्धि हासिल की।
इस रोमांचक मुकाबले के हीरो रहे औकिब नबी, जिन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। मैच में कुल नौ विकेट लेने के साथ-साथ अहम 42 रन बनाकर उन्होंने प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार अपने नाम किया।
टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला जम्मू-कश्मीर के लिए सही साबित हुआ। चार दिनों तक चले इस मुकाबले में टीम ने परिस्थितियों का बेहतरीन फायदा उठाया और मोहम्मद शमी जैसे स्टार गेंदबाज से सजी बंगाल टीम को हर विभाग में पीछे छोड़ दिया।
पहला दिन: औकिब नबी के वार, सुदीप घरामी का शतक
बंगाल की शुरुआत खराब रही और सुदीप चटर्जी खाता खोले बिना आउट हो गए। कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन (49) और सुदीप कुमार घरामी ने पारी संभाली, लेकिन औकिब नबी ने लगातार दो झटके देकर बंगाल को 89/3 पर पहुंचा दिया।
घरामी ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी जारी रखी और अनुष्टुप मजूमदार व शाहबाज अहमद (42) के साथ साझेदारी करते हुए टीम को 200 के पार पहुंचाया। दिन के अंत तक बंगाल 249/5 पर था और घरामी 136 रन बनाकर नाबाद थे।
दूसरा दिन: शमी के 8 विकेट, लेकिन बढ़त मामूली
दूसरे दिन घरामी 146 रन बनाकर आउट हुए और बंगाल की पारी 328 रन पर समाप्त हुई। औकिब नबी ने 5/87 के साथ पांच विकेट पूरे किए।
जवाब में जम्मू-कश्मीर की शुरुआत बेहद खराब रही और मोहम्मद शमी की घातक गेंदबाजी के सामने टीम 13/3 पर सिमट गई। इसके बाद पारस डोगरा (58) और अब्दुल समद (85 गेंदों पर 82 रन) ने 143 रन की शानदार साझेदारी कर मैच में वापसी कराई।
शमी ने करियर के सर्वश्रेष्ठ घरेलू आंकड़े 8/90 दर्ज किए, लेकिन निचले क्रम के संघर्ष की बदौलत जम्मू-कश्मीर 302 रन तक पहुंच गया और सिर्फ 26 रन से पीछे रहा। नबी ने 42 और युधवीर सिंह ने 33 रन का योगदान दिया।
तीसरा दिन: 17 विकेट गिरे, बंगाल ढहा
तीसरे दिन सुबह जम्मू-कश्मीर ने कुछ और रन जोड़े। इसके बाद बंगाल की दूसरी पारी पूरी तरह बिखर गई। औकिब नबी और सुनील कुमार ने मिलकर आठ विकेट झटके और बंगाल को महज 99 रन पर समेट दिया।
नबी ने 4/36 और कुमार ने 4/27 के आंकड़े दर्ज किए। 126 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जम्मू-कश्मीर ने दो विकेट जल्दी गंवा दिए, लेकिन दिन खत्म होने तक स्कोर 43/2 था।
चौथा दिन: ऐतिहासिक जीत
अंतिम दिन शुभम पुंडिर (27) और वंशज शर्मा ने संयम से बल्लेबाजी की। कुछ विकेट गिरने के बाद स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण जरूर हुई, लेकिन वंशज शर्मा (नाबाद 43) और अब्दुल समद ने पांचवें विकेट के लिए 55 रन की अटूट साझेदारी कर टीम को जीत दिलाई।
वंशज शर्मा ने छक्का लगाकर ऐतिहासिक जीत पर मुहर लगाई। जम्मू और कश्मीर ने 34.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।
यह जीत जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के लिए मील का पत्थर है। औकिब नबी की नौ विकेट की झड़ी, अब्दुल समद की आक्रामक बल्लेबाजी और पूरी टीम के सामूहिक प्रदर्शन ने बंगाल को दबाव में ला दिया। सुदीप घरामी और मोहम्मद शमी के शानदार प्रदर्शन के बावजूद बंगाल निर्णायक मौकों पर चूक गया।
अब जम्मू-कश्मीर की टीम फाइनल में कर्नाटक और उत्तराखंड के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता से भिड़ेगी, जिसका आगाज 24 फरवरी से होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नहीं, यह उनका पहला रणजी ट्रॉफी फाइनल है।
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