KKR के खिलाफ मुकाबले में कमिण्डु मेंडिस ने एक ही ओवर में दोनों हाथ से की गेंदबाजी, जाने क्या कहता है नियम?

कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद की टीम के बीच कोलकाता के ईडन गार्डन मैदान पर आईपीएल 2025 का मुकाबला खेला जा रहा है। इस मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम ने बड़ा स्कोर पहले बल्लेबाजी करते हुए बना लिया है। लेकिन इस मुकाबले में चर्चा का विषय सनराइजर्स हैदराबाद की टीम के ऑलराउंडर खिलाड़ी कमिण्डु मेंडिस बन गए हैं और उसकी एक खास वजह भी है. जो हम आपको इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं।
एक ही ओवर में कमिण्डु मेंडिस ने की दोनों हाथों से गेंदबाजी
दरअसल इस मुकाबले में केकेआर की टीम के बल्लेबाज जब अंगक्रिश रघुवंशी बल्लेबाजी कर रहे थे तब सनराइजर्स हैदराबाद की टीम की ओर से पारी का 13वा ओवर लेकर कमिण्डु मेंडिस आये। इस ओवर की पहली गेंद कमिण्डु मेंडिस ने बाएं हाथ से की और रघुवंशी ने पहली गेंद पर सिंगल लिया। इसके बाद जब कमिण्डु मेंडिस ने दूसरी गेंद की तो उन्होंने दाएं हाथ से गेंद फेंकी। पहली गेंद बाएं हाथ से तो दूसरी गेंद दाएं हाथ से. यानी लगातार दो गेंद पर उन्होंने अपना बॉलिंग आर्म चेंज किया और अलग-अलग तरह की गेंद फेंकी। इसके बाद जब चौथी गेंद पर फिर से अंगक्रिश रघुवंशी जो की दाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हैं वह स्ट्राइक पर आए तो कमिण्डु मेंडिस ने बाएं हाथ से गेंद फेंकी और इस गेंद पर उन्होंने रघुवंशी का विकेट भी हासिल कर लिया। इस ओवर में उन्होंने चार रन खर्च किए और एक सफलता हासिल की। कमिण्डु मेंडिस की इस तरह से एक ही ओवर में दोनों हाथ से गेंदबाजी करने की काबिलियत देखकर हर कोई हैरान है. लेकिन यह पहली बार नहीं है. लगातार कमिण्डु मेंडिस इस तरह की गेंदबाजी करते रहते हैं उन्होंने भारत के खिलाफ एक T20 मुकाबले में भी दोनों हाथ से गेंदबाजी की है।
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— IndianPremierLeague (@IPL) April 3, 2025
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जाने क्या कहता है नियम?
क्रिकेट के नियमों के अनुसार, एक गेंदबाज एक ही ओवर में अपनी गेंदबाजी शैली (बॉलिंग स्टाइल) बदल सकता है, लेकिन इसके लिए उसे अंपायर और बल्लेबाज को पहले से सूचित करना जरूरी होता है। यह बदलाव गेंदबाजी की दिशा, हाथ या गति से संबंधित हो सकता है।
नियम और शर्तें
1 अंपायर को जानकारी देना जरूरी
अगर कोई गेंदबाज अपनी गेंदबाजी शैली बदलना चाहता है (जैसे स्पिन से तेज गेंदबाजी या दाएं हाथ से बाएं हाथ में स्विच करना), तो उसे पहले अंपायर को बताना होगा।
अंपायर फिर इस बदलाव की जानकारी बल्लेबाज को देगा।
2 बल्लेबाज को भी सूचित करना होगा
बल्लेबाज को यह बताना जरूरी है ताकि वह गेंदबाजी के बदलाव के लिए तैयार रह सके।
अगर गेंदबाज बिना बताए अपनी गेंदबाजी शैली बदलता है, तो यह अनुचित खेल (Unfair Play) माना जाएगा।
3 फील्डिंग नियम वही रहेंगे
गेंदबाज भले ही अपनी गेंदबाजी शैली बदले, लेकिन फील्डिंग से जुड़े नियम जैसे लेग-साइड पर फील्डर्स की सीमा वही रहेगी।
उदाहरण
एक दाएं हाथ का तेज गेंदबाज कुछ गेंदें डालने के बाद ऑफ-स्पिन या लेग-स्पिन में बदल सकता है।
एक बाएं हाथ का ऑर्थोडॉक्स स्पिनर बाएं हाथ के चाइनामैन गेंदबाज (वrist spin) में बदल सकता है।
भारत के सचिन तेंदुलकर और ऑस्ट्रेलिया के कोलिन मिलर जैसे गेंदबाज मैच के दौरान स्पिन की विभिन्न शैलियों का उपयोग कर चुके हैं।
अब हाल ही में श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज कमिण्डु मेंडिस लगातार दोनों हाथ से एक ही ओवर में गेंदबाजी करते देखे जा सकते हैं।
बिना बताए बदलाव के परिणाम
अगर कोई गेंदबाज बिना बताए अपनी गेंदबाजी शैली बदलता है, तो अंपायर इसे अनुचित खेल (Unfair Play) मान सकता है और बल्लेबाज के पक्ष में निर्णय ले सकता है।
बार-बार ऐसा करने पर अंपायर गेंदबाज को चेतावनी भी दे सकता है।
गेंदबाजों को अपनी शैली बदलने की पूर्ण स्वतंत्रता होती है, लेकिन इसे सही तरीके से करना जरूरी है। अंपायर और बल्लेबाज को पहले से सूचित करने से खेल में निष्पक्षता बनी रहती है और बल्लेबाज को अचानक होने वाले बदलाव का सामना करने के लिए उचित समय मिलता है।