
टी20 विश्व कप 2026 में टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राणा अब इस मेगा इवेंट में भारत के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे। भारत अपने अभियान की शुरुआत 7 फरवरी को अमेरिका के खिलाफ करेगा।
हालांकि हर्षित राणा को प्लेइंग इलेवन का पक्का सदस्य नहीं माना जा रहा था, लेकिन टीम मैनेजमेंट उन्हें एक अहम स्क्वॉड विकल्प के तौर पर देख रहा था। निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाज़ी करने की उनकी क्षमता के कारण वे टीम संयोजन में बदलाव के लिए एक अतिरिक्त विकल्प देते थे। अब अगर वह बाहर होते हैं, तो भारत के पास उनके जैसा सीधा विकल्प मौजूद नहीं होगा।
हर्षित राणा को चोट कैसे लगी?
हर्षित राणा को यह चोट 4 फरवरी को नवी मुंबई में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए भारत के एकमात्र वॉर्म-अप मुकाबले के दौरान लगी। बड़े लक्ष्य का बचाव करते हुए राणा अपनी गेंदबाज़ी की शुरुआत से ही असहज नजर आए। उन्होंने केवल एक ओवर डाला और उसके बाद घुटने को पकड़ते हुए मैदान से बाहर चले गए। इससे टीम प्रबंधन की चिंता बढ़ गई। उस ओवर में रयान रिकेल्टन और एडन मार्करम ने उनके खिलाफ आक्रामक बल्लेबाज़ी की, लेकिन राणा दोबारा गेंदबाज़ी के लिए मैदान पर लौट ही नहीं पाए।
पिछले दो दिनों में किए गए मेडिकल आकलन के बाद यह साफ हो गया कि टूर्नामेंट की शुरुआत से ठीक पहले कोई जोखिम नहीं लिया जाएगा और इसी वजह से उन्हें बाहर कर दिया गया है। हालांकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया के पत्रकार गौरव गुप्ता के अनुसार हर्षित राणा भारत के टी20 विश्व कप खिताब बचाव अभियान का हिस्सा नहीं होंगे।
हर्षित राणा की गैरमौजूदगी का भारत पर असर
हर्षित राणा भले ही भारत की अंतिम एकादश में तय नाम नहीं थे, लेकिन उन्हें एक उपयोगी स्क्वॉड खिलाड़ी माना जा रहा था। जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल के भारत की मुख्य गेंदबाज़ी इकाई में रहने की उम्मीद है। ऐसे में राणा टीम को अतिरिक्त गहराई और लचीलापन देते थे, खासकर तब, जब बुमराह को आराम देने की जरूरत पड़ती या आठवें नंबर पर बल्लेबाज़ी को मजबूत करना होता।
राणा के बाहर होने से भारत के तेज़ गेंदबाज़ी संसाधनों पर और दबाव बढ़ गया है, खासकर तब जब वॉशिंगटन सुंदर भी मेडिकल निगरानी में हैं। उम्मीद की जा रही है कि अमेरिका के खिलाफ पहले मुकाबले के लिए भारत अपनी मौजूदा योजनाओं में कोई बड़ा बदलाव नहीं करेगा, लेकिन हर्षित राणा की चोट ने टीम को तकनीकी रूप से सीमित विकल्पों के साथ छोड़ दिया है।