डोपिंग के कारण बैन हुए भारतीय क्रिकेटर पूरी सूची

डोपिंग पेशेवर खेलों में निष्पक्षता के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और क्रिकेट भी इससे अछूता नहीं है। खेल की शुचिता बनाए रखने के लिए संबंधित संस्थाएं लगातार खिलाड़ियों की निगरानी करती हैं ताकि कोई भी खिलाड़ी प्रतिबंधित पदार्थों का उपयोग करके अनुचित लाभ न उठा सके।
भारत में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड एंटी डोपिंग एजेंसियों के साथ मिलकर सख्त नियम लागू करता है। अगर कोई खिलाड़ी अनजाने में भी गलती कर बैठता है, तब भी मामले की गंभीरता के आधार पर उसे प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। यह दिखाता है कि इस मामले में बिल्कुल भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाती।
हाल ही में अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल को नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी के रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल में शामिल किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि खिलाड़ियों की कितनी करीबी निगरानी की जाती है। यह प्रणाली नियमित जांच और जवाबदेही सुनिश्चित करती है।
डोपिंग के कारण प्रतिबंधित भारतीय क्रिकेटर
4. अंशुला राव
अंशुला राव डोपिंग टेस्ट में फेल होने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनीं। मध्य प्रदेश की इस ऑलराउंडर के सैंपल में 19 नॉरएंड्रोस्टेरोन नामक प्रतिबंधित पदार्थ पाया गया, जो प्रदर्शन बढ़ाने वाला माना जाता है।
वह यह नहीं बता सकीं कि यह पदार्थ उनके शरीर में कैसे पहुंचा, जिसके चलते जुलाई 2020 में उन्हें चार साल का प्रतिबंध झेलना पड़ा। यह मामला उस समय सामने आया जब बीसीसीआई 2019 में नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी के दायरे में आया था।
3. प्रदीप सांगवान
प्रदीप सांगवान भारतीय क्रिकेट में डोपिंग के कारण प्रतिबंध झेलने वाले पहले पेशेवर क्रिकेटर बने। आईपीएल 2013 के दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स टीम का हिस्सा रहते हुए उनका टेस्ट पॉजिटिव आया था।
उनके शरीर में स्टैनोजोलोल नामक प्रतिबंधित स्टेरॉयड पाया गया। बताया गया कि यह पदार्थ एक स्थानीय डॉक्टर द्वारा दिए गए इंजेक्शन के जरिए उनके शरीर में गया था। इसके बाद उन्हें 18 महीने का प्रतिबंध दिया गया। सजा पूरी करने के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में वापसी की।
2. पृथ्वी शॉ
पृथ्वी शॉ को फरवरी 2019 में डोपिंग के मामले में निलंबन झेलना पड़ा। उन्हें आठ महीने का प्रतिबंध दिया गया, जिसे बाद में लागू किया गया और उसी साल वह क्रिकेट में लौट आए।
यह मामला तब सामने आया जब उन्होंने खांसी और सर्दी के दौरान एक कफ सिरप लिया, जिसमें टरबुटालीन नामक प्रतिबंधित पदार्थ मौजूद था। यह गलती जानबूझकर नहीं थी, लेकिन इस घटना ने दिखाया कि खिलाड़ियों को दवाइयों के मामले में भी बेहद सावधानी बरतनी चाहिए।
1. यूसुफ पठान
यूसुफ पठान, जो भारत की 2007 टी20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे हैं, 2018 में डोपिंग मामले में फंस गए थे।
उनके सैंपल में भी टरबुटालीन पाया गया, जो आमतौर पर कफ सिरप में मौजूद होता है। उन्हें पांच महीने का प्रतिबंध दिया गया, जो पहले ही पूरा हो चुका था जब इसकी आधिकारिक घोषणा की गई।
सारांश
| खिलाड़ी | प्रतिबंध का कारण | सजा |
|---|---|---|
| अंशुला राव | प्रतिबंधित पदार्थ | 4 साल |
| प्रदीप सांगवान | स्टेरॉयड | 18 महीने |
| पृथ्वी शॉ | कफ सिरप में पदार्थ | 8 महीने |
| यूसुफ पठान | कफ सिरप में पदार्थ | 5 महीने |
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हाँ, कुछ खिलाड़ियों को डोपिंग नियमों के उल्लंघन के कारण प्रतिबंध झेलना पड़ा है।
हाँ, अगर दवा में प्रतिबंधित पदार्थ होता है तो खिलाड़ी को सजा मिल सकती है, चाहे वह गलती अनजाने में ही क्यों न हुई हो।
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