क्रिकेट में बड़ा बदलाव लाने की तैयारी – 10% कटेगा बीसीसीआई का हिस्सा

वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन (WCA) ने क्रिकेट की मौजूदा अव्यवस्था को सुधारने के लिए एक बड़ी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट का नाम है – "इतिहास, बदलाव को अपनाना – एक सुसंगत वैश्विक भविष्य"। WCA ने छह महीने की स्टडी के बाद कई अहम सिफारिशें की हैं, जिनका मकसद क्रिकेट को एक बेहतर और संतुलित खेल बनाना है।
इंटरनेशनल क्रिकेट के लिए फिक्स विंडो
अभी IPL को छोड़कर बाकी टी20 लीग्स के लिए कोई तय विंडो नहीं है। ऐसे में इंटरनेशनल मैच और टी20 लीग्स आपस में टकरा जाते हैं। इसकी वजह से कई खिलाड़ी नेशनल टीम छोड़कर लीग्स में खेलने चले जाते हैं। WCA ने सुझाव दिया है कि 2028 से चार 21-दिन की विंडो तय होनी चाहिए, जहां सिर्फ इंटरनेशनल क्रिकेट खेला जाएगा।
इन चार विंडो में सभी टीमें एक-दूसरे के खिलाफ टेस्ट, वनडे और टी20 सीरीज खेलेंगी। हर फॉर्मेट की अलग-अलग लीग टेबल बनाई जाएगी, जिससे ICC इवेंट्स तक पहुंचने का रास्ता तय होगा। इस विंडो के दौरान किसी टी20 लीग की इजाजत नहीं होगी, ताकि इंटरनेशनल क्रिकेट को नुकसान न हो।
प्रस्तावित विंडो:
फरवरी-मार्च
मई-जून
सितंबर
दिसंबर
इसके अलावा, टी20 वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर में होगा और LA28 ओलंपिक्स जुलाई में खेला जाएगा।
BCCI की कमाई पर गिरेगी कैंची
रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा क्रिकेट व्यवस्था में पैसा सिर्फ तीन देशों – भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया – में केंद्रित है।
दुनिया का 83% रेवेन्यू सिर्फ इन तीन देशों में बंटता है, जबकि बाकी टीमों को 4% से भी कम हिस्सा मिलता है।
खिलाड़ियों को भी उनके योगदान के मुकाबले बहुत कम पैसा मिलता है – सिर्फ 10% हिस्सा।
WCA का मानना है कि फेयर डिस्ट्रिब्यूशन से क्रिकेट का ज्यादा विकास हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ICC को अपने रेवेन्यू का वितरण फिक्स करना चाहिए।
टॉप 24 देशों को 2% से 10% तक हिस्सा मिलना चाहिए।
25वें नंबर के बाद की टीमों को मिलकर कम से कम 10% हिस्सा दिया जाए।
इसका सबसे बड़ा असर BCCI पर पड़ेगा।अभी BCCI को ICC के कुल रेवेन्यू का 38.5% हिस्सा मिलता है।
WCA का सुझाव है कि इसे घटाकर सिर्फ 10% कर दिया जाए।
इसके अलावा, WCA ने एक ग्लोबल ग्रोथ फंड बनाने का सुझाव दिया है। इसमें ICC इवेंट्स, टी20 लीग्स और मीडिया राइट्स से कमाई का एक हिस्सा डाला जाएगा, ताकि छोटे देशों को भी आर्थिक मदद मिल सके।
WCA की ये सिफारिशें क्रिकेट में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। इससे छोटे देशों को मजबूती मिलेगी, खिलाड़ियों को ज्यादा कमाई का मौका मिलेगा और इंटरनेशनल क्रिकेट का महत्व भी बढ़ेगा। अब देखना यह होगा कि ICC और बड़े क्रिकेट बोर्ड इस पर क्या रुख अपनाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को T20 लीग से ज्यादा प्राथमिकता देना पुराना मॉडल: WCA की ICC पर आलोचना
एक रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रिकेट के वैश्विक नियमों को नए अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के अनुरूप बदलने की आवश्यकता है, ताकि खेल और इससे जुड़े लोगों की रक्षा की जा सके। रिपोर्ट के अनुसार, ICC के मौजूदा नियम पुराने हो चुके हैं, क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को T20 लीग्स पर प्राथमिकता देते हैं।
WCA (World Cricketers' Association) ने इसे एक पुरानी अवधारणा बताते हुए ICC की नीतियों की आलोचना की है।
T20 लीग्स को मंजूरी देने की प्रक्रिया में ICC का रवैया सही नहीं है।
एक लीग में विदेशी खिलाड़ियों की संख्या पर लगी सीमा भी आलोचना का विषय बनी है।
WCA का मानना है कि T20 लीग्स का बढ़ता प्रभाव क्रिकेट का भविष्य तय करेगा, इसलिए नियमों में बदलाव आवश्यक है।
WCA समिति के सदस्य
| पद | सदस्य का नाम | वर्तमान/पूर्व भूमिका |
|---|---|---|
| अध्यक्ष (Chair) | पॉल मार्श | पूर्व ACA CEO और वर्तमान AFLPA CEO |
| सदस्य | सना मीर | पूर्व पाकिस्तान कप्तान, ब्रॉडकास्टर |
| संजोग गुप्ता | हेड ऑफ जियो-स्टार | |
| टॉम हैरिसन | पूर्व ECB CEO और वर्तमान Six Nations CEO | |
| जेम्स किचिंग | पूर्व निदेशक, रेगुलेटरी, FIFA | |
| टोनी आयरिश | पूर्व CEO SACA और WCA के कार्यकारी अध्यक्ष | |
| एक्स ऑफिशियो सदस्य | टॉम मॉफेट | WCA CEO |
| स्टेफ़नी बॉन्ड | WCA हेड ऑफ लीगल | |
| कैमरून बोर्गास | WCA हेड ऑफ प्लेयर और मेंबर ऑपरेशंस |