
बिग बैश लीग जिसे संक्षेप में बीबीएल कहा जाता है, ऑस्ट्रेलिया में हर साल आयोजित होने वाली एक फ्रेंचाइजी आधारित ट्वेंटी ट्वेंटी क्रिकेट प्रतियोगिता है। इस टूर्नामेंट की शुरुआत वर्ष 2011 में हुई थी और वर्ष 2025 में इसका पंद्रहवां संस्करण खेला जाएगा। बीबीएल का आयोजन ऑस्ट्रेलिया में हर साल दिसंबर और जनवरी के महीनों के दौरान किया जाता है।
बीबीएल में कुल आठ टीमें भाग लेती हैं। ये टीमें हैं एडिलेड स्ट्राइकर्स, ब्रिस्बेन हीट, होबार्ट हरिकेन्स, मेलबर्न रेनेगेड्स, मेलबर्न स्टार्स, पर्थ स्कॉर्चर्स, सिडनी सिक्सर्स और सिडनी थंडर। बीबीएल के इतिहास में पर्थ स्कॉर्चर्स सबसे सफल टीम रही है, जिसने अब तक पांच खिताब जीते हैं।
यह टूर्नामेंट पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए आयोजित किया जाता है। महिला बिग बैश लीग का पहला संस्करण वर्ष 2015 से 2016 के दौरान खेला गया था। अब तक महिला बिग बैश लीग के ग्यारह संस्करण पूरे हो चुके हैं। हर साल महिला टूर्नामेंट का आयोजन पुरुषों के टूर्नामेंट से पहले किया जाता है।
महिला बिग बैश लीग में अब तक किसी एक टीम का दबदबा नहीं रहा है। सिडनी सिक्सर्स, एडिलेड स्ट्राइकर्स, ब्रिस्बेन हीट और सिडनी थंडर इन चारों टीमों ने दो दो खिताब जीते हैं।
महिला बिग बैश लीग में खिताब जीतने वाली टीमें और उनकी संख्या नीचे दी गई है
टीम का नाम जीते गए खिताब
सिडनी सिक्सर्स दो
एडिलेड स्ट्राइकर्स दो
ब्रिस्बेन हीट दो
सिडनी थंडर दो
अब बात करते हैं बीबीएल के मालिकाना हक की। बिग बैश लीग पूरी तरह से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के स्वामित्व और संचालन में है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ही सभी बीबीएल क्लबों का मालिक है। वर्तमान व्यवस्था के तहत क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इन क्लबों को लाइसेंस समझौतों के माध्यम से संबंधित राज्य क्रिकेट संघों को संचालित करने के लिए देता है।
बीबीएल की सभी आठ शहर आधारित फ्रेंचाइजी अपने अपने राज्य क्रिकेट संघों द्वारा क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ दीर्घकालिक लाइसेंस समझौते के अंतर्गत प्रबंधित की जाती हैं। ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख राज्य क्रिकेट संघों में क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स, क्वींसलैंड क्रिकेट, साउथ ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट एसोसिएशन, क्रिकेट तस्मानिया, क्रिकेट विक्टोरिया और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलियन क्रिकेट एसोसिएशन शामिल हैं।
इसके अलावा बीबीएल की संचालन संस्था भविष्य में निजी निवेशकों को शामिल करने की योजना पर भी विचार कर रही है। इसके तहत लीग में अल्पांश हिस्सेदारी निजी निवेशकों को दी जा सकती है। इसका उद्देश्य अधिक निवेश आकर्षित करना और खिलाड़ियों के वेतन में वृद्धि करना है। हालांकि वर्ष 2025 तक इस विषय पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
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