आइये जानते हैं इंग्लैंड में भारतीय गेंदबाजों की सबसे यादगार टेस्ट स्पेल्स की पूरी जानकारी

आइये जानते हैं इंग्लैंड में भारतीय गेंदबाजों की सबसे यादगार टेस्ट स्पेल्स की पूरी जानकारी
इंग्लैंड का दौरा भारतीय क्रिकेटरों के लिए हमेशा एक बड़ी परीक्षा रहा है। वहां की पिचें, मौसम और विपक्ष हर सत्र में खिलाड़ियों को चुनौती देते हैं। हालांकि इंग्लैंड की तेज़ पिचें भारतीय गेंदबाजों को भी खूब रास आती हैं। आइए जानते हैं, इंग्लैंड की धरती पर भारतीय गेंदबाजों की कुछ सबसे आइकोनिक टेस्ट स्पेल्स के बारे में।
भगवत चंद्रशेखर (1971)
इस लिस्ट में सबसे पहला नाम है भगवत चंद्रशेखर का, जिन्होंने 1971 में द ओवल टेस्ट में अपनी लेग स्पिन से इंग्लैंड की दूसरी पारी को तहस-नहस कर दिया। चंद्रशेखर ने 18 ओवर में लगातार इंग्लिश बल्लेबाजों को परेशान किया और पूरी टीम को सिर्फ 101 रन पर समेट दिया। भारत ने यह लक्ष्य 4 विकेट रहते हासिल कर लिया। मशहूर क्रिकेट पत्रिका 'विस्डन' ने इस स्पेल को "सदी का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन" बताया था।
चेतन शर्मा (1986)
इसके बाद आता है 20 साल के चेतन शर्मा का जादुई स्पेल, जिसमें उन्होंने अपनी स्विंग और गति से इंग्लैंड की बल्लेबाजी को हिला दिया। चेतन ने इस मैच में 6 इंग्लिश बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा और भारत को सीरीज ड्रॉ कराने में अहम भूमिका निभाई। इसी सीरीज में भारत ने 15 साल बाद इंग्लैंड में सीरीज जीत दर्ज की थी।
रोजर बिन्नी (1986)
1986 की उसी ऐतिहासिक सीरीज में भारतीय अनुभवी गेंदबाज रोजर बिन्नी ने लीड्स टेस्ट में इंग्लैंड के खिलाफ जबरदस्त स्पेल डाला। बिन्नी ने सिर्फ 40 रन देकर 5 विकेट झटके और इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 102 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत ने यह मैच 279 रन से जीतकर सीरीज में बढ़त बनाई।
ज़हीर खान (2007)
2007 के इंग्लैंड दौरे में ज़हीर खान ने ट्रेंट ब्रिज टेस्ट में इंग्लैंड के खेमे में खलबली मचा दी। इस मैच में ज़हीर पहले बल्लेबाजी कर रहे थे, तभी कुछ इंग्लिश खिलाड़ियों ने उन्हें 'जेलीबीन' कहकर चिढ़ाया। ज़हीर ने इस गुस्से को अपनी गेंदबाजी में बदला और पहली पारी में 4 तथा दूसरी पारी में 5 विकेट लेकर इंग्लैंड को 198 और 355 रन पर समेट दिया। भारत ने यह मैच जीतकर इंग्लैंड को करारा जवाब दिया।
इशांत शर्मा (2014)
इस लिस्ट में अगला नाम है इशांत शर्मा का, जिन्होंने 2014 के लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड की बल्लेबाजी को झकझोर दिया। कप्तान धोनी ने इशांत को नई गेंद लेने में देर करने और इंग्लिश बल्लेबाजों को शॉर्ट बॉलिंग करने की रणनीति दी। यह रणनीति इतनी कारगर रही कि इशांत ने 7 विकेट झटके और इंग्लैंड की टीम 173/3 से 223 ऑलआउट हो गई।