Fawad Sarwar Claims England Players Will Not Get NOC for PSL Season

किंग्समैन हैदराबाद टीम के मालिक फवाद सरवर ने हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में पाकिस्तान सुपर लीग और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने दावा किया कि आगामी पीएसएल सीजन के लिए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड अपने रेड बॉल खिलाड़ियों को एनओसी नहीं देगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि खराब प्रबंधन के कारण पीएसएल अपनी असली क्षमता तक नहीं पहुंच सका है।
आगामी सीजन में पाकिस्तान सुपर लीग में नई टीमों की एंट्री होने जा रही है। फवाद सरवर की मालिकाना हक वाली किंग्समैन हैदराबाद इस सीजन की नई टीमों में से एक है। इसके अलावा सियालकोट स्टैलियन्ज को भी इस सीजन में शामिल किया गया है। नए निवेशकों के आने के बाद पीएसएल के भविष्य और इसके विकास को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इंग्लैंड के रेड बॉल खिलाड़ियों को नहीं मिलेगा एनओसी
फवाद सरवर ने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड को लेकर बड़ा दावा किया है। उनके अनुसार आईसीसी टी ट्वेंटी वर्ल्ड कप के बाद इंग्लैंड अपने टेस्ट और रेड बॉल खिलाड़ियों को फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेलने की अनुमति नहीं देगा। इसकी मुख्य वजह खिलाड़ियों पर बढ़ता कार्यभार और इंग्लैंड का व्यस्त रेड बॉल शेड्यूल बताया जा रहा है।
इंग्लैंड के कई बड़े खिलाड़ी जैसे जो रूट बेन स्टोक्स हैरी ब्रूक और आदिल राशिद आमतौर पर इंडियन प्रीमियर लीग या अन्य लीगों में पूरा सीजन नहीं खेलते। चूंकि इस बार पीएसएल और आईपीएल का समय लगभग एक जैसा है इसलिए इंग्लैंड बोर्ड खिलाड़ियों को एनओसी देने से बच सकता है।
फवाद सरवर का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय और फ्रेंचाइजी क्रिकेट के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए इंग्लैंड बोर्ड यह फैसला ले सकता है।
पीएसएल को लेकर प्रबंधन पर सवाल
फवाद सरवर ने पीएसएल के मौजूदा ढांचे और प्रबंधन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीएसएल को दुनिया की दूसरी सबसे बेहतरीन टी ट्वेंटी लीग होना चाहिए था लेकिन खराब फैसलों और प्रबंधन की वजह से ऐसा नहीं हो पाया।
उनका कहना है कि अगर कोई फ्रेंचाइजी या प्रबंधन किसी टीम को सही तरीके से नहीं चला पा रहा है तो उसे दूसरों को सौंप देना चाहिए। लगातार गलत फैसलों के कारण पीएसएल के लिए कई प्रतिस्पर्धी लीग खड़ी हो गई हैं जिससे इसकी लोकप्रियता और मूल्य पर असर पड़ा है।
पीएसएल खिलाड़ियों के वेतन सीमा बढ़ाने की मांग
पीएसएल में खिलाड़ियों की सैलरी हमेशा चर्चा का विषय रही है। कई क्रिकेट विशेषज्ञ मानते हैं कि कम वेतन सीमा के कारण बड़े अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी आईपीएल और अन्य लीगों को प्राथमिकता देते हैं।
फवाद सरवर ने सुझाव दिया कि भले ही ड्राफ्ट सिस्टम जारी रखा जाए लेकिन खिलाड़ियों की कुल वेतन सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। उनके अनुसार पीएसएल में खिलाड़ियों के लिए पांच से छह मिलियन डॉलर की सैलरी कैप होनी चाहिए ताकि लीग ज्यादा प्रतिस्पर्धी और आकर्षक बन सके।
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