Will Virat Kohli and Rohit Sharma Play in Big Bash League After Retirement?
सिडनी में खेले गए भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया तीसरे वनडे मुकाबले ने क्रिकेट प्रेमियों को एक यादगार पल दिया। यह मुकाबला न सिर्फ भारत की शानदार जीत का गवाह बना बल्कि रोहित शर्मा और विराट कोहली की ऑस्ट्रेलियाई सरज़मीं पर आखिरी साझेदारी का प्रतीक भी रहा। दोनों दिग्गजों ने पुरानी यादें ताज़ा कर दीं और अपनी क्लासिक बल्लेबाजी से ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को बेबस कर दिया।
टीम इंडिया ने यह मैच 9 विकेट से जीत लिया, जिसमें कप्तान रोहित शर्मा ने शानदार शतक जड़ा यह उनका वनडे करियर का 33वां शतक था। वहीं विराट कोहली ने दो लगातार शून्य के बाद बेहतरीन वापसी करते हुए नाबाद 74 रन बनाए। दोनों के बीच 168 रनों की अटूट साझेदारी ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर भारत को सीरीज में 3-0 की जीत दिलाई। रोहित को मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज दोनों पुरस्कार मिले।
रोहित और कोहली का ऑस्ट्रेलिया में आखिरी वनडे
| खिलाड़ी | रन | गेंदें | चौके | छक्के | परिणाम |
|---|---|---|---|---|---|
| रोहित शर्मा | 102* | 118 | 8 | 3 | मैन ऑफ द मैच |
| विराट कोहली | 74* | 81 | 6 | 1 | नाबाद |
| भारत का स्कोर | 229/1 | 36 ओवर में | – | – | 9 विकेट से जीत |
बीबीएल में खेलने की संभावनाएं
रोहित और कोहली के ऑस्ट्रेलिया में इस आखिरी मैच के बाद अब चर्चा का केंद्र यह सवाल बन गया है कि क्या ये दोनों कभी बिग बैश लीग में नज़र आ सकते हैं खासकर जब वे अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल करियर से संन्यास ले लें।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ टॉड ग्रीनबर्ग ने इस पर कहा,
“मुझे लगता है कि निकट भविष्य में यह संभव है। हमें इस पर बातचीत जारी रखनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा,
“रविचंद्रन अश्विन का बीबीएल में आना एक महत्वपूर्ण क्षण है। यह दिखाता है कि भारतीय खिलाड़ियों को इस लीग में लाना कितना फायदेमंद हो सकता है।”
निजी निवेश से बदल सकता है BBL का भविष्य
ग्रीनबर्ग ने यह भी संकेत दिया कि अगर बीबीएल में निजी निवेशकी अनुमति मिल जाती है, तो लीग वित्तीय रूप से और मजबूत हो सकती है। इससे भविष्य में भारतीय सुपरस्टार्स जैसे कोहली और रोहित को आकर्षित करना आसान हो जाएगा।
हालांकि फिलहाल यह एक योजना का खाका है, न कि कोई तात्कालिक कदम, लेकिन यह बातचीत अब वास्तविक रणनीति का हिस्सा बन चुकी है।
अश्विन का उदाहरण
रविचंद्रन अश्विन के सिडनी थंडर के साथ करार को ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने “BBL के सबसे बड़े साइनिंग में से एक” बताया था। लेकिन यह करार तभी संभव हुआ जब अश्विन ने अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल क्रिकेट से दूर हो चुके थे।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के लिए यह सौदा एक केस स्टडी साबित हुआ है जिससे वे समझ सकेंगे कि भविष्य में कैसे भारतीय खिलाड़ियों को आकर्षित किया जा सकता है।
भविष्य की राह
फिलहाल, सक्रिय भारतीय खिलाड़ी आईपीएल से बंधे हैं और उन्हें विदेशी टी20 लीग में खेलने की अनुमति नहीं है। लेकिन अश्विन का उदाहरण एक संभावित पोस्ट-रिटायरमेंट रूट दिखाता है।
टॉड ग्रीनबर्ग की टिप्पणी एक सावधानीपूर्ण आशावाद को दर्शाती है। अगर निजी निवेश की राह खुलती है, तो भविष्य में बीबीएल में भारतीय सितारों को देखने की उम्मीद ज़रूर बढ़ सकती है बशर्ते वक्त, विरासत और उनकी व्यक्तिगत इच्छा साथ दें।
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