Why Afghanistan Players Withdrew from PSL 2026 Complete Pakistan Super League Controversy Explained

पाकिस्तान सुपर लीग यानी पीएसएल को दो हजार छब्बीस के सीजन से पहले बड़ा झटका लगने वाला है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के कारण टूर्नामेंट अपनी स्टार ताकत का एक बड़ा हिस्सा खो सकता है। पीएसएल के ग्यारहवें सीजन से पहले आयोजित पहली खिलाड़ियों की नीलामी से कई नामी अफगान क्रिकेटरों ने खुद को बाहर कर लिया है।
पीएसएल दो हजार छब्बीस और नीलामी से कुछ दिन पहले ही यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव के चलते अफगान खिलाड़ी इस टूर्नामेंट से दूरी बना सकते हैं। हालांकि, बाद में सामने आया कि इसके पीछे केवल राजनीतिक कारण ही नहीं बल्कि एक और अहम वजह भी है।
अफगान खिलाड़ी पीएसएल दो हजार छब्बीस से क्यों दूर हो रहे हैं
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुजीब उर रहमान, सिद्दीकुल्लाह अतल, मोहम्मद नबी, वकार सलामखेल और फजलहक फारूकी जैसे खिलाड़ी लाहौर में आयोजित नीलामी के लिए पंजीकृत थे। लेकिन बाद में इन सभी खिलाड़ियों ने अपना नाम नीलामी से वापस ले लिया।
राजनीतिक तनाव के साथ साथ रहमानुल्लाह गुरबाज के सीधे अनुबंध को भी अफगान खिलाड़ियों की नाराजगी की बड़ी वजह माना जा रहा है।
रहमानुल्लाह गुरबाज का पीएसएल सफर
रहमानुल्लाह गुरबाज इससे पहले पीएसएल के तीन सीजन खेल चुके हैं। उन्होंने दो हजार इक्कीस में मुल्तान सुल्तान्स के लिए खेला था। इसके बाद दो हजार बाईस और दो हजार तेईस में वह इस्लामाबाद यूनाइटेड का हिस्सा रहे।
कुल पंद्रह मैचों में उन्होंने तीन सौ अठारह रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट एक सौ उनसठ दशमलव सात नौ रहा और उन्होंने एक अर्धशतक भी लगाया।
पेशावर जालमी ने गुरबाज को पहले साइन किया
अफगानिस्तान के ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज को पीएसएल फ्रेंचाइजी पेशावर जालमी ने सीधे साइन कर लिया। यह अनुबंध बिना नीलामी प्रक्रिया के पूरा किया गया। वहीं, नीलामी सूची में शामिल अन्य अफगान खिलाड़ियों को किसी भी फ्रेंचाइजी से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
बढ़ते विरोध और तनाव के बीच बाद में गुरबाज ने भी खुद को इस फ्रेंचाइजी से अलग कर लिया।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, समाचार एजेंसी पीटीआई ने बताया कि लाहौर में आयोजित नीलामी के लिए कई अफगान खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन पेशावर जालमी द्वारा गुरबाज को सीधे साइन किए जाने के बाद उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। इसके बाद सभी खिलाड़ियों ने अपना नाम वापस ले लिया।
पीएसएल सीईओ ने की आधिकारिक पुष्टि
पीएसएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलमान नसीर ने इस पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव ने भी खिलाड़ियों के इस फैसले में भूमिका निभाई है।
सलमान नसीर के अनुसार, नीलामी पूल में कुछ अफगान खिलाड़ी शामिल थे, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए वे अब प्रतियोगिता से बाहर हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि पेशावर जालमी द्वारा गुरबाज को साइन किए जाने के बाद जबरदस्त विरोध देखने को मिला। गुरबाज के खुद को पीएसएल से अलग करने के बाद अन्य अफगान खिलाड़ियों ने भी यही महसूस किया कि विवाद से बचना ही बेहतर है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्तों में तनाव
पिछले वर्ष के अंत से ही पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं। यह तनाव उस समय और बढ़ गया, जब पाकिस्तान वायुसेना द्वारा किए गए एक हवाई हमले की खबर सामने आई।
इस घटना के बाद अफगानिस्तान के कई स्टार क्रिकेटरों, जिनमें राशिद खान भी शामिल हैं, ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हवाई हमले में कई आम नागरिकों की जान चली गई थी, जिनमें स्थानीय अफगान क्रिकेटर भी शामिल थे। इसके बाद दोनों देशों के संबंध तेजी से बिगड़ते चले गए।
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