Vijay Hazare Controversy: Why Is Kohli Skipping When Rohit Is Playing? Are There Separate Rules for One Player?
विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 को लेकर भारतीय क्रिकेट में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है विराट कोहली क्यों नहीं खेल रहे, जबकि रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ी उपलब्ध हैं? इस मुद्दे ने चयन नीति, टीम अनुशासन और “सबके लिए समान नियम” पर बड़ी बहस छेड़ दी है।
विवाद की शुरुआत - कोहली ने खेलने से इनकार
रिपोर्ट्स के अनुसार विराट कोहली ने साफ कहा है कि वे विजय हजारे ट्रॉफी नहीं खेलना चाहते।
वहीं दूसरी ओर, रोहित शर्मा ने अपनी उपलब्धता जताई है।
BCCI और मुख्य कोच गौतम गंभीर दोनों चाहते थे कि कोहली इस टूर्नामेंट में हिस्सा लें, लेकिन सूत्रों के अनुसार कोहली “खेलने के इच्छुक नहीं” हैं।
यही बात फैंस और पूर्व खिलाड़ियों को खटक रही है
“जब रोहित खेल रहे हैं, तो सिर्फ कोहली को ही क्यों छूट?”
कोहली का तर्क - ‘मुझे ज्यादा प्रैक्टिस की जरूरत नहीं’
हाल ही में शतक लगाने के बाद कोहली ने बयान दिया था:
“मैं ज्यादा तैयारी का believer नहीं हूं। मेरी तैयारी मानसिक होती है। फिटनेस मेरे लिए काफी है।”
यानी उनका मानना है कि घरेलू टूर्नामेंट खेलने से उन्हें कोई खास फायदा नहीं होगा।
लेकिन BCCI क्यों नहीं मान रही?
BCCI की तरफ से एक साफ नीति बनाने की कोशिश हो रही है
सीनियर हों या जूनियर, घरेलू क्रिकेट अनिवार्य है।
कारण:
1. एक जैसा नियम सबके लिए समान व्यवहार
अगर रोहित खेल सकते हैं, तो फिर कोहली को क्यों छूट?
एक खिलाड़ी के लिए अलग नियम बनाए जाएंगे तो टीम में गलत संदेश जाएगा।
2. घरेलू क्रिकेट का सम्मान
यही टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों के लिए मौका होते हैं।
अगर स्टार खिलाड़ी इन्हें नजरअंदाज करेंगे, तो बाकी खिलाड़ियों में रोष पैदा होता है।
3. वर्ल्ड कप से पहले मैच फिटनेस
BCCI का मानना है कि बड़े खिलाड़ियों को भी घरेलू क्रिकेट में रन बनाते रहना चाहिए ताकि लय बनी रहे।
फैंस का गुस्सा: क्या कोहली ‘अपवाद’ बन रहे हैं?
फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स के बीच चर्चा है:
रोहित टीम के कप्तान होकर भी खेल रहे हैं
कई सीनियर खिलाड़ी फिटनेस के लिए टूर्नामेंट खेल रहे हैं
कोहली क्यों नहीं?
यह बात लोगों को खटक रही है कि क्या विराट को “सुपरस्टार प्रिविलेज” मिल रहा है?
क्या उनके लिए नियम अलग हैं?
यह विवाद आगे क्या असर डाल सकता है?
1. BCCI पर दबाव
अगर BCCI कोहली को खेलने से रोक नहीं पाती, तो उसकी नीति कमजोर दिखेगी।
2. युवा खिलाड़ियों में गलत संदेश
“कोई कितना भी बड़ा खिलाड़ी हो, घरेलू क्रिकेट सबके लिए” यह संदेश कमजोर पड़ेगा।
3. कोहली की छवि पर असर
कुछ प्रशंसक इसे प्रतिबद्धता में कमी मान रहे हैं।
हालाँकि कई लोग उनके अनुभव और मानसिक तैयारी की बात का समर्थन भी कर रहे हैं।
निष्कर्ष: क्रिकेट सिर्फ स्टारडम नहीं - सिस्टम भी मायने रखता है
कोहली भारत के सबसे बड़े सुपरस्टार हैं, इसमें कोई संदेह नहीं।
लेकिन BCCI की सबसे बड़ी चुनौती है
“फेवरिज़्म नहीं, फेयरनेस बनाए रखना।”
अगर रोहित जैसा सीनियर खेल रहा है, तो कोहली का न खेलना सवाल तो खड़े करेगा ही।
यह बहस सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य और अनुशासन की भी है।
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