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Usain Bolt Hints at Cricket Comeback Ahead of LA Olympics 2028

by Avi

दुनिया के महानतम स्प्रिंटर उसैन बोल्ट ने एक बार फिर खेल जगत को चौंका देने वाला बयान दिया है। आठ बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बोल्ट ने पेशेवर खेल में वापसी के संकेत दिए हैं, लेकिन इस बार वह ट्रैक पर नहीं बल्कि क्रिकेट मैदान पर नजर आ सकते हैं। खास बात यह है कि क्रिकेट 128 साल बाद लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में वापसी करने जा रहा है, और इसी मंच पर बोल्ट खुद को एक नए अवतार में देखने की संभावना जता रहे हैं।

उसैन बोल्ट ने 2017 में एथलेटिक्स से संन्यास लिया था। अपने करियर में उन्होंने आठ ओलंपिक गोल्ड मेडल जीते और खुद को इतिहास का सबसे सफल स्प्रिंटर बना लिया। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि बोल्ट का बचपन क्रिकेट के बीच बीता था। कैरेबियन में पले-बढ़े बोल्ट शुरू में क्रिकेटर बनना चाहते थे और एक तेज गेंदबाज के रूप में खेलते थे। बाद में उन्होंने एथलेटिक्स को अपनाया और बाकी इतिहास बन गया। संन्यास के बाद भी वह खेल से जुड़े रहे और ICC T20 वर्ल्ड कप 2024 में ब्रांड एंबेसडर की भूमिका निभाई।

नए खेल में ओलंपिक वापसी का संकेत

मैगज़ीन को दिए एक इंटरव्यू में उसैन बोल्ट ने कहा कि वह अपने रिटायरमेंट का आनंद ले रहे हैं, लेकिन अगर जमैका के क्रिकेट अधिकारी ओलंपिक के लिए उनसे संपर्क करते हैं, तो वह वापसी के लिए तैयार रहेंगे। 39 वर्षीय बोल्ट ने यह भी माना कि उन्होंने लंबे समय से क्रिकेट नहीं खेला है, फिर भी मौका मिला तो वह पीछे नहीं हटेंगे।

बोल्ट ने कहा,
“मैं पेशेवर खेल से खुशी-खुशी रिटायर हो चुका हूं। मैंने काफी समय से क्रिकेट नहीं खेला है, लेकिन अगर मुझे बुलाया गया, तो मैं तैयार रहूंगा।”

युवराज सिंह के खिलाफ लगाया था छक्का

क्रिकेट से बोल्ट का लगाव पहले भी देखने को मिला है। 2014 में PUMA फेस-ऑफ चैलेंज के दौरान एक प्रदर्शनी मैच में उन्होंने भारत के पूर्व स्टार ऑलराउंडर Yuvraj Singh का सामना किया था। उस मुकाबले की आखिरी गेंद पर बोल्ट ने युवराज की गेंद पर छक्का जड़कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया था।

अगर मेरे क्रिकेट कोच ने ऐसा न कहा होता…

उसैन बोल्ट ने कई बार स्वीकार किया है कि क्रिकेट उनका पहला प्यार था। उन्होंने बताया कि अगर उनके क्रिकेट कोच ने उन्हें दौड़ने की सलाह न दी होती, तो शायद वह क्रिकेट को ही अपना करियर बना लेते।

पिछले साल अक्टूबर में PTI से बातचीत में बोल्ट ने कहा,
“मैं जरूर क्रिकेटर बनता। अगर मेरे क्रिकेट कोच ने यह न कहा होता कि ‘तुम दौड़कर देखो’, तो शायद मैं क्रिकेट के साथ ही बना रहता। मेरे पिता क्रिकेट के बहुत बड़े फैन थे और बचपन में मैं यही जानता था—क्रिकेट। थोड़ा-बहुत फुटबॉल, लेकिन ज़्यादातर क्रिकेट ही।”

उन्होंने आगे बताया,
“मैं एक फास्ट बॉलर था। मेरे क्रिकेट कोच ने मुझे रन-अप लेते देखा और कहा, ‘क्यों न तुम ट्रैक एंड फील्ड आज़माओ?’ मैंने कोशिश की और पाया कि मैं इसमें काफी अच्छा हूं। मेरे अंदर टैलेंट था और फिर मैंने उसी रास्ते पर आगे बढ़ना जारी रखा।”

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्रिकेट की ओलंपिक में वापसी के साथ क्या दुनिया एक बार फिर उसैन बोल्ट को, लेकिन इस बार बल्ला या गेंद थामे हुए, खेल के सबसे बड़े मंच पर देख पाएगी या नहीं।

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