U-19 Asia Cup: Did India and Pakistan Skip Handshake in Violation of ICC Rules?
अंडर-19 एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले के बाद मैदान के बाहर भी चर्चा का विषय बन गया। मैच समाप्त होने के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों के आधार पर यह दावा किया गया कि दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने पारंपरिक पोस्ट-मैच हैंडशेक में हिस्सा नहीं लिया।
हैंडशेक लाइन दिखाई न देने के कारण कई प्रशंसकों ने सवाल उठाए और इसे खेल भावना से जोड़कर देखा। भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबलों में हर छोटी घटना पर खास नजर रखी जाती है, ऐसे में यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आ गया।
हालांकि, टूर्नामेंट से जुड़े अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ICC के नियमों में ऐसा कोई अनिवार्य निर्देश नहीं है, जो मैच के बाद औपचारिक रूप से हाथ मिलाने को जरूरी बनाता हो, खासकर अंडर-19 जैसे आयु-वर्ग टूर्नामेंटों में। हैंडशेक क्रिकेट की परंपरा जरूर है, लेकिन यह नियम के दायरे में अनिवार्य नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, यह मुकाबला पहले से तय मैच प्रोटोकॉल के अनुसार आयोजित किया गया था। भारत-पाकिस्तान मैचों के दौरान सुरक्षा और संचालन से जुड़ी विशेष व्यवस्थाएं लागू की जाती हैं। कई बार इन्हीं कारणों से पारंपरिक हैंडशेक लाइन को शामिल नहीं किया जाता, खासकर युवा स्तर की प्रतियोगिताओं में।
इस मामले में न तो ICC और न ही एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) की ओर से किसी तरह की अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपत्ति सामने आई है। मैच अधिकारियों द्वारा भी किसी प्रकार की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि खिलाड़ियों के आचरण को लेकर कोई नियम उल्लंघन नहीं माना गया।
क्रिकेट प्रशासकों का कहना है कि अंडर-19 टूर्नामेंटों का उद्देश्य खिलाड़ियों का विकास, अनुशासन और प्रतिस्पर्धी अनुभव देना होता है। केवल सोशल मीडिया पर वायरल हुए अधूरे वीडियो के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
फिलहाल, हैंडशेक को लेकर उठी यह बहस आधिकारिक स्तर पर समाप्त मानी जा रही है और दोनों टीमों के आचरण को टूर्नामेंट दिशानिर्देशों के अनुरूप बताया गया है।
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