The Hundred 2026 to Introduce Player Auction and Salary Hike
इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने पुष्टि की है कि 2026 से द हंड्रेड टूर्नामेंट में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब यह टूर्नामेंट ड्राफ्ट सिस्टम की जगह प्लेयर ऑक्शन (नीलामी प्रणाली) के तहत आयोजित किया जाएगा। यह फैसला इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के प्रारूप से प्रेरित है। इसके साथ ही पुरुष और महिला दोनों प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के वेतन में भी भारी बढ़ोतरी की गई है।
पहली नीलामी मार्च 2026 में
ECB के अनुसार, द हंड्रेड की पहली नीलामी मार्च 2026 में आयोजित की जाएगी। यह टूर्नामेंट के नए युग की शुरुआत होगी, क्योंकि पहली बार आठ टीमों में निजी निवेशकों को आंशिक या पूर्ण स्वामित्व की अनुमति दी जाएगी।
वेतन संरचना में बड़ा बदलाव
| श्रेणी | पुराना सैलरी कैप | नया सैलरी कैप | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|
| पुरुष टीम | £1.2 मिलियन | £2.05 मिलियन | 45% |
| महिला टीम | £440,000 | £880,000 | दोगुना |
इसके अलावा, सबसे कम वेतन पाने वाली महिला खिलाड़ियों की बेस सैलरी £10,000 से बढ़ाकर £15,000 कर दी गई है।
नई नीतियां और नियम
टीमों को अब मल्टी-ईयर कॉन्ट्रैक्ट (एक से अधिक साल का अनुबंध) देने की अनुमति होगी।
हर स्क्वाड में चार विदेशी खिलाड़ी शामिल किए जा सकेंगे (होम ऑफिस की मंजूरी आवश्यक होगी)।
हर टीम में 16 से 18 खिलाड़ी होंगे।
जून 2026 में होने वाले T20 ब्लास्ट ड्राफ्ट के ज़रिए दो वाइल्डकार्ड पिक भी की जा सकेंगी।
नीलामी से पहले साइनिंग करने पर कटौती
ECB ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए नियम तय किए हैं कि जो फ्रेंचाइजी नीलामी से पहले खिलाड़ियों को साइन करेंगी, उन्हें मुख्य नीलामी में खर्च सीमा (स्पेंडिंग कैप) में कटौती झेलनी होगी।
| श्रेणी | संभावित कटौती की राशि |
|---|---|
| पुरुष टीम | £350,000 – £950,000 |
| महिला टीम | £130,000 – £360,000 |
प्री-ऑक्शन साइनिंग नियम
| नियम | विवरण |
|---|---|
| अधिकतम विदेशी साइनिंग | 2 खिलाड़ी |
| इंग्लैंड सेंट्रली-कॉन्ट्रैक्टेड खिलाड़ी | 2 खिलाड़ी |
| अवधि | मध्य नवंबर से मध्य जनवरी तक |
विक्रम बनर्जी का बयान
द हंड्रेड के मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रम बनर्जी ने कहा
“यह द हंड्रेड के लिए बेहद रोमांचक समय है। इन बदलावों से टूर्नामेंट और मजबूत होगा, जिससे हमें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी मिल सकेंगे और खेल का स्तर व मनोरंजन दोनों बढ़ेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि ECB ने तीन प्रमुख सिद्धांतों पर ध्यान दिया है:
टूर्नामेंट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को आकर्षित करना,
टीमों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन बनाए रखना,
पुरुष और महिला दोनों प्रतियोगिताओं को समान लाभ देना।