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The Fading Magic of IPL: Reasons Behind the Decline in Viewership

by Rohit G

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) को दुनिया की सबसे बड़ी, सबसे अमीर और सबसे मनोरंजक टी20 क्रिकेट लीग माना जाता है। पिछले लगभग दो दशकों से इस टूर्नामेंट ने क्रिकेट के रोमांच और बिजनेस के सारे रिकॉर्ड तोड़े हैं। लेकिन, IPL 2026 (19वें सीजन) के जो आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और फ्रेंचाइजी मालिकों की चिंता बढ़ा दी है।  

हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सीजन IPL की टीवी व्यूअरशिप (दर्शकों की संख्या) में लगभग 25 से 26 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। टीवी रेटिंग्स 4.57 से गिरकर 3.71 पर आ गई हैं और औसत व्यूअरशिप 10.6 मिलियन से घटकर 7.84 मिलियन रह गई है।  

आखिर ऐसा क्या हुआ कि क्रिकेट फैंस का अपनी सबसे पसंदीदा लीग से 'मोह भंग' होने लगा है? मशहूर बिजनेसमैन हर्ष गोयनका जैसे दिग्गजों ने भी इसे "क्रिकेट नहीं, तमाशा" करार दिया है। आइए उन मुख्य कारणों पर विस्तार से नज़र डालते हैं जिनकी वजह से IPL अपनी चमक खोता दिख रहा है:  

1. बल्ले और गेंद के बीच खत्म होता संतुलन (पाटा पिचें)

क्रिकेट का असली रोमांच तब होता है जब बल्ले और गेंद के बीच कांटे की टक्कर हो। लेकिन IPL 2026 में 200 से ज्यादा रन बनना एक आम बात हो गई है। पिचें पूरी तरह से सपाट बनाई जा रही हैं और बाउंड्री छोटी कर दी गई हैं। जसप्रीत बुमराह और ट्रेंट बोल्ट जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाज भी विकेट के लिए तरसते और रन लुटाते नजर आ रहे हैं। खेल से अनिश्चितता खत्म हो गई है और यह सिर्फ 'बल्लेबाजों का एक दिखावा' बनकर रह गया है, जिससे मैच नीरस और बोरिंग लगने लगे हैं।  

2. 'इम्पैक्ट प्लेयर'  नियम का दुष्प्रभाव

दर्शकों की घटती दिलचस्पी के पीछे 'इम्पैक्ट प्लेयर' नियम एक बहुत बड़ा कारण माना जा रहा है। इस नियम ने टीमों की बल्लेबाजी को इतना गहरा कर दिया है कि बल्लेबाज बिना किसी डर के पहली ही गेंद से अंधाधुंध हिटिंग करते हैं। इससे खेल में असली ऑलराउंडर्स और गेंदबाजों की भूमिका बेहद सीमित हो गई है। कई कप्तानों और पूर्व क्रिकेटरों ने भी इस नियम की आलोचना की है और BCCI से इसे वापस लेने या इसकी समीक्षा करने की मांग की है।  

3. बड़े सितारों की गैरमौजूदगी और फॉर्म

IPL की ब्रांड वैल्यू में एम एस धोनी, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गजों का बहुत बड़ा हाथ है। 2026 के सीजन में धोनी जैसे दिग्गज मैदान पर नजर नहीं आए, वहीं रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी कई मैचों से बाहर रहे। इसके अलावा जसप्रीत बुमराह और सूर्यकुमार यादव जैसे स्टार्स का खराब फॉर्म भी दर्शकों को निराश कर रहा है। जब पसंदीदा खिलाड़ी ही मैदान पर अपना जलवा नहीं दिखाएंगे, तो व्यूअरशिप पर असर पड़ना तय है।  

4. क्रिकेट का ओवरडोज़ 

क्रिकेट का कैलेंडर अब इतना व्यस्त हो चुका है कि फैंस के लिए हर मैच को फॉलो करना मुश्किल हो रहा है। हर दो साल में टी20 वर्ल्ड कप और लगातार द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) के कारण क्रिकेट का 'ओवरडोज़' हो गया है। लगातार खेलने की वजह से खिलाड़ी चोटिल भी ज्यादा हो रहे हैं, जिसका सीधा असर IPL के रोमांच पर पड़ा है।  

5. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ओर रुख

टीवी व्यूअरशिप में आई इस भारी गिरावट का एक तकनीकी कारण भी है। लोगों के मैच देखने का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब ज्यादातर युवा दर्शक टीवी स्क्रीन के बजाय मोबाइल फोन, स्मार्ट टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स (जैसे JioCinema या हॉटस्टार) पर मैच देखना पसंद कर रहे हैं। हालांकि डिजिटल पर दर्शक बढ़े हैं, लेकिन लीनियर टीवी के दर्शकों का इस तेजी से टूटना एक बड़ा बदलाव है।  

6. स्टेडियम की बदहाली और विज्ञापनदाताओं की दूरी

हर्ष गोयनका ने अपने बयान में स्टेडियम की खराब बुनियादी सुविधाओं का भी जिक्र किया। जब दर्शकों को स्टेडियम में भारी कीमत चुकाने के बाद भी सही सुविधाएं (जैसे पीने का पानी, साफ वॉशरूम और आरामदायक सीटें) नहीं मिलतीं, तो वे घर बैठना ज्यादा पसंद करते हैं।

इसके अलावा, 2025 में रियल-मनी गेमिंग  विज्ञापनों पर लगे बैन के कारण इस साल टीवी पर विज्ञापनदाताओं की संख्या में भी लगभग 31% की कमी आई है।  

IPL 2026 के ये आंकड़े BCCI के लिए एक 'वेक-अप कॉल'  हैं। लीग को सिर्फ रनों का अंबार लगाने वाला टूर्नामेंट बनाने के बजाय, खेल की गुणवत्ता और संतुलन पर ध्यान देने की जरूरत है। अगर समय रहते पिचों की गुणवत्ता, इम्पैक्ट प्लेयर जैसे नियमों और फैंस की सुविधाओं में सुधार नहीं किया गया, तो दुनिया की सबसे अमीर क्रिकेट लीग का यह गिरता ग्राफ इसके भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है।