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Sikandar Raza Historic All Round Feat in T20 World Cup 2026

by Avi

जारी आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रज़ा ने अपने नाम एक खास रिकॉर्ड दर्ज किया। उन्होंने बल्ले से 73 रन बनाए और गेंदबाजी में तीन विकेट लेकर दिग्गज खिलाड़ियों की एक विशिष्ट सूची में जगह बनाई।

जब जिम्बाब्वे के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं था, तब रज़ा ने अपनी टीम के लिए संघर्ष किया। उनकी अर्धशतकीय पारी ने जिम्बाब्वे को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। हालांकि, उनके शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के बावजूद टीम जीत की दहलीज पार नहीं कर सकी।

सिकंदर रज़ा बने ब्रावो और वॉटसन की सूची का हिस्सा

पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने 87 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे। लेकिन कप्तान सिकंदर रज़ा हार मानने को तैयार नहीं थे। उन्होंने 43 गेंदों में 73 रन की शानदार पारी खेली और अहम साझेदारियां कर अपनी टीम को 153 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।

गेंदबाजी में भी रज़ा उतने ही घातक साबित हुए। उन्होंने एडन मार्करम, क्विंटन डी कॉक और डिवाल्ड ब्रेविस के विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका की रफ्तार पर लगाम लगाई। उन्होंने अपने चार ओवर में 29 रन देकर तीन विकेट चटकाए।

इस ऑलराउंड प्रदर्शन के साथ सिकंदर रज़ा टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में एक पारी में पचास से अधिक रन और तीन या उससे अधिक विकेट लेने वाले केवल छठे खिलाड़ी बन गए।

टी20 वर्ल्ड कप में एक पारी में पचास से अधिक रन और तीन विकेट लेने वाले खिलाड़ी

खिलाड़ी देश विपक्षी टीम वर्ष प्रदर्शन
ड्वेन ब्रावो वेस्ट इंडीज भारत 2009 66 रन और 4 विकेट
शेन वॉटसन ऑस्ट्रेलिया आयरलैंड 2012 51 रन और 3 विकेट
शेन वॉटसन ऑस्ट्रेलिया भारत 2012 72 रन और 3 विकेट
मार्कस स्टोइनिस ऑस्ट्रेलिया ओमान 2024 67 रन और 3 विकेट
रोस्टन चेस वेस्ट इंडीज दक्षिण अफ्रीका 2024 52 रन और 3 विकेट
सिकंदर रज़ा जिम्बाब्वे दक्षिण अफ्रीका 2026 73 रन और 3 विकेट

इस उपलब्धि के साथ रज़ा ने ड्वेन ब्रावो, शेन वॉटसन और रोस्टन चेस जैसे दिग्गजों की सूची में अपनी जगह बना ली।

हार के बावजूद सिकंदर रज़ा का आत्मविश्वास

मैच हारने के बावजूद सिकंदर रज़ा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। हालांकि, उन्होंने इस सम्मान को लेकर विनम्रता दिखाई और कहा कि हार के बाद यह पुरस्कार मिलना उन्हें थोड़ा अजीब लगा।

उन्होंने माना कि टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में जिम्बाब्वे को भारी हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उन हारों से टीम ने काफी कुछ सीखा। रज़ा का मानना है कि हर मैच के साथ जिम्बाब्वे का प्रदर्शन बेहतर हुआ है।

उनके अनुसार, अब टीम को यह समझ आ गया है कि शीर्ष स्तर पर लगातार प्रतिस्पर्धा करने के लिए क्या जरूरी है। वह जिम्बाब्वे को भविष्य में एक मजबूत मिड टेबल टीम के रूप में देखना चाहते हैं, जो नियमित रूप से दुनिया की शीर्ष छह या सात टीमों में शामिल हो सके।

सुपर आठ में जिम्बाब्वे की निराशा

दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका की ओर से डिवाल्ड ब्रेविस ने 18 गेंदों में 42 रन बनाकर 154 रन के लक्ष्य का पीछा आसान बना दिया। जॉर्ज लिंडे ने 21 गेंदों में 30 रन जोड़े और दक्षिण अफ्रीका ने 17 ओवर से कम समय में पांच विकेट से जीत दर्ज कर ली।

जिम्बाब्वे पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुका था और सुपर आठ चरण में वह एक भी मैच जीतने में सफल नहीं रहा। ग्रुप चरण में ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद उम्मीदें जरूर बढ़ी थीं, लेकिन सुपर आठ के कठिन मुकाबलों में टीम आगे नहीं बढ़ सकी।

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