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Shubman Gill Enters Prime Years Record Century and Leadership Journey

by Mahesh Thakur

एक शीर्ष बल्लेबाज़ के करियर में एक ऐसा समय आता है जब उसे कुछ भी गलत नहीं लगता। हर गेंद बल्ले के बीचोंबीच लगती है, आंख जमाने की जरूरत नहीं पड़ती और मैदान पर उतरने से पहले ही आत्मविश्वास अपने चरम पर होता है। किनारे से लगी गेंदें भी या तो फील्डर तक नहीं पहुंचतीं या सुरक्षित जगह गिरती हैं। क्रिकेट प्रेमी इस दौर को बल्लेबाज़ का पीक कहते हैं और शुभमन गिल अब उसी दौर में प्रवेश कर चुके हैं।

बल्लेबाज़ों का पीक एज और गिल की परिपक्वता

आमतौर पर महान बल्लेबाज़ों का सर्वश्रेष्ठ समय 26 से 32 वर्ष की उम्र के बीच माना जाता है। इस उम्र तक वे अपने खेल को पूरी तरह समझ चुके होते हैं, शारीरिक रूप से फिट रहते हैं और मानसिक रूप से भी काफी परिपक्व हो जाते हैं। शुभमन गिल भी इसी रास्ते पर आगे बढ़ चुके हैं और अब उनके खेल में निरंतरता साफ दिखने लगी है।

2025 से शुरू हुआ गिल का पीक फेज

गिल ने वास्तव में 2025 में अपने पीक की झलक देनी शुरू कर दी थी। पिछले दो वर्षों में उन्होंने आईपीएल में 1382 रन बनाए। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका असली उभार इंग्लैंड दौरे से शुरू हुआ। पांच टेस्ट मैचों की उस सीरीज में उन्होंने 147, 269, 161 और 103 जैसी शानदार पारियां खेलीं।

इसके बाद टेस्ट क्रिकेट में भी उनका फॉर्म बरकरार रहा। अगले पांच टेस्ट पारियों में उन्होंने एक शतक और दो अर्धशतक लगाए। कप्तान बनने के बाद लाल गेंद क्रिकेट में उनका औसत 87.75 का रहा, जो किसी भी बल्लेबाज़ के लिए असाधारण माना जाता है। हालांकि 2025 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा और वनडे आंकड़े भी निराशाजनक थे।

वनडे क्रिकेट में कप्तान के रूप में उभार

भारत के वनडे कप्तान के रूप में अपनी पहली सीरीज में गिल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों में केवल 43 रन ही बना पाए। न्यूजीलैंड के खिलाफ उन्होंने दो अर्धशतक जरूर लगाए, लेकिन बड़ी पारी खेलने से चूक गए। अब लगता है कि सही समय आ चुका है।

धर्मशाला में अफगानिस्तान के खिलाफ 84 रन की पारी गिल का कप्तान के रूप में सर्वोच्च स्कोर था। इसके बाद लखनऊ में उन्होंने कप्तान के रूप में अपना पहला वनडे शतक जड़ा। आने वाले वर्षों में यह प्रदर्शन उनके लिए सामान्य बन सकता है।

कोहली और गिल की तुलना

क्रिकेट इतिहास में अगर किसी बल्लेबाज़ के पीक की बात होती है तो Virat Kohli का नाम सबसे पहले आता है। 2012 से 2019 के बीच कोहली ने सभी प्रारूपों में 18295 रन बनाए और उनका औसत 60.78 रहा। उस दौर में जो रूट उनसे काफी पीछे थे।

शुभमन गिल का करियर भी कुछ वैसा ही संकेत दे रहा है। अगले पांच वर्षों में वह भारतीय क्रिकेट के केंद्र में हो सकते हैं। संभव है कि वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कम खेलें, लेकिन वनडे और टेस्ट क्रिकेट में उनका दबदबा मजबूत होता दिख रहा है। लखनऊ का यह शतक शायद एक लंबे स्वर्णिम दौर की शुरुआत है।

मिशन वनडे विश्व कप 2027

कोहली के पीक दौर के दौरान भारत ज्यादा आईसीसी ट्रॉफियां नहीं जीत पाया था। लेकिन गिल के पास एक बड़ा फायदा है। पिछले तीन वर्षों में भारत ने तीन आईसीसी खिताब जीते हैं और मौजूदा समय में टीम के पास एक मजबूत व्हाइट बॉल संयोजन है। अब केवल एक ट्रॉफी बाकी है, वनडे विश्व कप।

शुभमन गिल 2023 विश्व कप अभियान का हिस्सा थे, जहां फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराया था। अब उनके पास मौका है कि वह न केवल भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ के रूप में बल्कि कप्तान के रूप में भी सबसे प्रतिष्ठित ट्रॉफी उठाएं। अगर उस समय Rohit Sharma और कोहली उनके साथ खड़े हों, तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद भावुक क्षण होगा।

शुभमन गिल के वनडे बल्लेबाज़ी आंकड़े

अवधि पारियां रन सर्वोच्च स्कोर औसत स्ट्राइक रेट शतक अर्धशतक
कप्तान के रूप में 2025 से 2026 8 366 104 नाबाद 61.00 105.99 1 3
कप्तान नहीं 2019 से 2025 55 2775 208 59.04 99.56 8 15

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