RR vs MI: Rohit delayed in taking DRS? Fans accused Mumbai Indians of cheating, know the whole truth

मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स की टीम के बीच गुरुवार को आईपीएल 2025 का अहम मुकाबला खेला गया। इस मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने राजस्थान रॉयल्स की टीम को 100 रनों से हरा दिया। इस मुकाबले में मुंबई इंडियंस की टीम के सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 36 गेंद में 53 रनों की शानदार पारी खेली। लेकिन जो बवाल सोशल मीडिया में मचा है वह रोहित शर्मा की वजह से ही मचा है और मुंबई इंडियंस की टीम पर फिक्सिंग के आरोप फैंस लग रहे हैं।
रोहित शर्मा के एलबीडब्ल्यू डिसीजन को लेकर मचा बवाल
दरअसल इस मुकाबले में मुंबई इंडियंस की पारी के दूसरे ओवर के दौरान बल्लेबाज रोहित शर्मा आउट होने से बाल-बाल बचे। फजलहक फारूकी के इस ओवर की पांचवी गेंद पर हिटमैन ने जोरदार प्रहार करने का प्रयास किया, लेकिन वो चूक गए थे और गेंद जाकर पैड पर लगी। फारूकी ने अपील की और अंपायर ने आउट दे दिया।
अंपायर के फैसले के बाद रोहित DRS लेने को लेकर थोड़े दुविधा में नजर आए और उन्होंने लगभग टाइमर के जीरो होने के बाद डीआरएस लेने का इशारा किया। इसके बाद रिप्ले में पता चला कि गेंद लेग स्टंप के बाहर पिच हुई थी और फैसला रोहित के हक में आया। इस फैसले से रोहित के चेहरे की खुशी देखने लायक थी।
सोशल मीडिया पर फैन्स के अलग-अलग रिएक्शन सामने आ रहे हैं जिसमें फैंस का यह कहना है कि हर बार ऐसा मुंबई इंडियंस के साथ ही क्यों होता है। रोहित शर्मा ने समय पर रिव्यू नहीं लिया और उन्हें फिर भी रिव्यू लेने का मौका मिला और वह आउट होने से बच गए।
क्या कहता है एलबीडब्ल्यू का नियम
सबसे पहले हमें यह समझना होगा कि नियम क्या है। इस तस्वीर से हम देख सकते हैं कि गेंद मिडिल स्टंप की लाइन में पिच हो रही है। इस एंगल से देखने पर दर्शक कह सकते हैं कि रोहित आउट थे। लेकिन अंपायर इस एंगल का इस्तेमाल मुख्य रूप से बैट-पैड या इम्पैक्ट को जज करने के लिए करते हैं; यह कैमरा एंगल अंतिम निर्णय लेने के लिए पर्याप्त सटीक नहीं होता।
आजकल क्रिकेट में अंपायर अधिक सटीक निर्णय लेने के लिए हाई-क्वालिटी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। अलग-अलग कैमरा एंगल आपको अलग-अलग दृश्य दिखा सकते हैं, इसलिए थर्ड अंपायर आमतौर पर टॉप व्यू पर निर्भर करते हैं। आधुनिक तकनीक और थर्ड अंपायर के फैसले के साथ-साथ मैदान पर रोहित शर्मा और रयान रिकेल्टन ने भी उस गेंद और लाइन को तुरंत समझ लिया था।
एशेज टेस्ट के दौरान भी हुआ था ऐसा निर्णय
लगभग ऐसा ही वाकया हॉबार्ट में खेले गए एशेज टेस्ट (ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड) में भी हुआ था, जब बल्लेबाज़ एलेक्स केरी सिर्फ कुछ मिलीमीटर से अपनी विकेट बचाने में कामयाब रहे। स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद सीधे केरी के पैड पर लगी थी और इंग्लैंड को पूरा विश्वास था कि विकेट मिल गया है, क्योंकि गेंद पूरी तरह स्टंप की लाइन में लग रही थी। लेकिन DRS ने असली तस्वीर दिखाई। गेंद थोड़ा सा लेग स्टंप के बाहर पिच हुई थी, जिसका मतलब था — नॉट आउट।
ICC के नियमों के अनुसार, गेंद का 50 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सा लाइन से बाहर होना चाहिए, तभी उसे "बाहर" माना जाता है। इस उदाहरण में अगर गेंद का अधिकतर हिस्सा लाइन में हो, तो फैसला गेंदबाज़ के पक्ष में ही जाता।