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Rishabh Pant Finds Form Against SRH in IPL 2026 After Long Struggle

by Mahesh Thakur

ऋषभ पंत का आईपीएल करियर हमेशा से थोड़ा अलग रहा है। साल 2016 से 2019 के बीच वह लीग के सबसे खतरनाक और सबसे अलग अंदाज वाले बल्लेबाजों में गिने जाते थे। उस दौरान वह मैदान के हर कोने में शॉट खेलने की क्षमता रखते थे और गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाते थे।

लेकिन 2020 के बाद उनकी बल्लेबाजी में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पहले जहां उनका स्ट्राइक रेट हर सीजन में 160 से ऊपर रहता था, वहीं पिछले कई वर्षों में वह उस स्तर तक नहीं पहुंच पाए। सबसे बड़ी बात यह रही कि उन्होंने अपनी पुरानी आक्रामक पहचान खो दी, लेकिन उसकी जगह कोई नई भूमिका भी नहीं अपना पाए।

अगर वह एंकर बल्लेबाज की भूमिका निभाना चाहते, तो उनके आंकड़े उस तरह के होने चाहिए थे। जैसे साई सुदर्शन, शुभमन गिल, जोस बटलर या विराट कोहली लगातार बड़े औसत से रन बनाते हैं। लेकिन ऋषभ पंत का औसत उस स्तर तक नहीं पहुंचा। यही वजह है कि उनकी बल्लेबाजी को लेकर लगातार सवाल उठते रहे।

पिछले सीजन में तो आलोचना अपने चरम पर पहुंच गई। लखनऊ सुपर जायंट्स में शामिल होने के बाद उन्होंने 13 पारियों में सिर्फ 269 रन बनाए। उनका औसत 25 से भी कम रहा और स्ट्राइक रेट 135 से नीचे था। आईपीएल 2026 में भी शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने उन्हें एडन मार्करम की जगह ओपनिंग पर भेजा, लेकिन यह फैसला पूरी तरह गलत साबित हुआ।

इसके बाद सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उन्हें तीसरे नंबर पर उतारा गया। यह वही टीम है जिसके खिलाफ ऋषभ पंत का रिकॉर्ड हमेशा शानदार रहा है।

रिकॉर्ड आंकड़े
पारी 19
रन 626
औसत 44.71
स्ट्राइक रेट 143.24
शतक 1
अर्धशतक 1

लखनऊ सुपर जायंट्स के गेंदबाजों ने पहले शानदार प्रदर्शन करते हुए सनराइजर्स हैदराबाद को 156 रन पर रोक दिया। लक्ष्य बहुत बड़ा नहीं था और शुरुआत भी अच्छी हुई। जब ऋषभ पंत बल्लेबाजी के लिए आए, तब टीम का स्कोर 4.4 ओवर में 36 रन पर एक विकेट था। एडन मार्करम तेजी से रन बना रहे थे और उन्होंने 26 गेंदों में 45 रन बनाए। नौ ओवर के बाद टीम का रन रेट भी अच्छा था।

लेकिन दूसरी तरफ ऋषभ पंत संघर्ष करते दिखे। वह 16 गेंदों में सिर्फ 16 रन बनाकर खेल रहे थे। उस समय तक ऐसा लग रहा था कि वह फिर से लय हासिल नहीं कर पाए हैं। हालांकि लक्ष्य छोटा था, इसलिए ज्यादा चिंता नहीं थी। धीरे धीरे उन्होंने कुछ अच्छे शॉट लगाए और पारी को संभालने की कोशिश की।

फिर मैच अचानक बदलने लगा। हर्ष दुबे और शिवांग कुमार ने लगातार विकेट निकालकर लखनऊ पर दबाव बना दिया। दूसरी तरफ पंत धीरे खेल रहे थे, जिसकी वजह से एडन मार्करम, निकोलस पूरन और आयुष बदोनी को ज्यादा आक्रामक खेलना पड़ा। सभी जल्दी मैच खत्म करना चाहते थे ताकि टीम का नेट रन रेट भी बेहतर हो सके।

ऋषभ पंत ने 43 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। यह पारी बिल्कुल भी परफेक्ट नहीं थी, लेकिन उन्होंने एक छोर संभालकर रखा। यही इस मैच का सबसे बड़ा फर्क बना।

आखिरी ओवर में लखनऊ को जीत के लिए 9 रन चाहिए थे। उस समय ऋषभ पंत ने अपने पुराने अंदाज की झलक दिखाई और तीन चौके लगाकर टीम को जीत दिला दी।

यह पारी भले ही शानदार या विस्फोटक नहीं थी, लेकिन शायद यही ऋषभ पंत और लखनऊ सुपर जायंट्स दोनों को चाहिए था। कई बार एक खिलाड़ी को अपनी खोई हुई लय वापस पाने के लिए ऐसी ही पारी की जरूरत होती है। संभव है कि यह मैच आने वाले मुकाबलों में ऋषभ पंत के आत्मविश्वास को वापस लौटा दे।

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