RCB Ownership Sale Update 2026 EQT vs Ranjan Pai Consortium After Glazer Exit

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की मालिकाना हक की दौड़ अब काफी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। मैनचेस्टर यूनाइटेड के सह मालिक एव्राम ग्लेजर की कंपनी लांसर कैपिटल ने इस रेस से खुद को अलग कर लिया है। अब मुकाबला केवल दो दावेदारों के बीच रह गया है।
अब स्वीडन की ग्लोबल इन्वेस्टमेंट कंपनी ईक्यूटी और रंजन पाई के नेतृत्व वाला कंसोर्टियम जिसमें केकेआर और टेमासेक शामिल हैं आमने सामने हैं।
लांसर कैपिटल ने क्यों पीछे हटाया कदम
लांसर कैपिटल पहले ही राजस्थान रॉयल्स में दिलचस्पी छोड़ चुकी थी। इसका कारण बीसीसीआई का नियम है जिसके अनुसार कोई एक संस्था एक से अधिक आईपीएल टीम की मालिक नहीं बन सकती।
रिपोर्ट्स के अनुसार लांसर कैपिटल ने शॉर्टलिस्ट होने के बावजूद अंतिम बोली तक नहीं लगाई और प्रक्रिया से बाहर हो गई।
आरसीबी के लिए अब दो कंपनियों में मुकाबला
पहले खबरें थीं कि लांसर कैपिटल एक अरब से लेकर एक दशमलव आठ अरब डॉलर तक की बोली लगाने को तैयार थी। लेकिन अंतिम समय में उन्होंने कदम पीछे खींच लिए।
अब मुकाबला ईक्यूटी और रंजन पाई के कंसोर्टियम के बीच है।
संभावित बोली का विवरण
| संस्था | अनुमानित बोली |
|---|---|
| ईक्यूटी | लगभग दो से दो दशमलव एक अरब डॉलर |
| रंजन पाई कंसोर्टियम | अनुमानित बोली ईक्यूटी के आसपास |
फिलहाल ईक्यूटी को इस रेस में आगे माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने करीब दो से दो दशमलव एक अरब डॉलर की बाइंडिंग बोली लगाई है।
रंजन पाई के कंसोर्टियम की सटीक बोली सामने नहीं आई है लेकिन माना जा रहा है कि यह भी इसी स्तर के आसपास होगी।
बिक्री की अंतिम तारीख नजदीक
आमतौर पर किसी टीम की मालिकाना हक की प्रक्रिया में तीस से पैंतालीस दिन का समय लगता है। लेकिन आरसीबी के मौजूदा मालिक डायजियो इस प्रक्रिया को जल्दी पूरा करना चाहते हैं।
उन्होंने चर्चा की अंतिम तारीख इकतीस मार्च तय की है। इसका मतलब है कि दोनों दावेदारों के पास ज्यादा समय नहीं बचा है।
बीसीसीआई की मंजूरी जरूरी
हालांकि अंतिम फैसला तभी होगा जब बीसीसीआई इस बिक्री को मंजूरी देगा। यह प्रक्रिया अक्टूबर 2026 से पहले पूरी नहीं हो सकती क्योंकि उसी समय बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक आयोजित होगी।
पिछले साल यह बैठक मुंबई में अट्ठाईस सितंबर को हुई थी।
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