Ravi Shastri reached the Indian team's dressing room after the semi-final victory, but ignored Gambhir

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए सेमीफाइनल मुकाबलें में जीत के बाद भारतीय टीम के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम में पहुंचे। रवि शास्त्री को मेडल सेरिमनी के लिए बुलाया गया था। दरअसल हर मुकाबले के खत्म होने के बाद भारतीय टीम के फील्डिंग कोच टी दिलीप उस मैच के सर्वश्रेष्ठ फील्डर को एक मेडल प्रदान करते हैं. और उसे मेडल के लिए हर बार किसी विशेष शख्स को बुलाया जाता है. और इस बार वो विशेष शख्स रवि शास्त्री थे।
रवि शास्त्री ड्रेसिंग रूम में आते हैं टीम इंडिया को जीत की बधाई देते हैं और उसके बाद शानदार फील्डिंग करने वाले श्रेयस अय्यर को मेडल पहनाते हैं। श्रेयस अय्यर को मेडल पहनाने के बाद रवि शास्त्री भारतीय टीम के सभी खिलाड़ियों से हाथ मिलाते हैं और गले मिलते हैं। लेकिन इस दौरान रवि शास्त्री पूरी तरह से भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर को नजरअंदाज करते दिखाई दिए। पूरे वीडियो में कहीं भी ऐसा दिखाई नहीं दिया कि रवि शास्त्री गौतम गंभीर से मुलाकात कर रहे हो या उनसे बात की हो।
बीसीसीआई ने जो वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है उसमें रवि शास्त्री लगभग सभी खिलाड़ियों से बात करते दिखाई दिए लेकिन गौतम गंभीर से रवि शास्त्री मुलाकात करते दिखाई नहीं दिए। और इस वीडियो में ऐसा देखकर थोड़ा सा अटपटा लगा कि क्या रवि शास्त्री और गौतम गंभीर के बीच सब कुछ ठीक नहीं है? क्योंकि गौतम गंभीर जब टीम इंडिया के कोच नहीं थे तब उन्होंने रवि शास्त्री को कई बार अलग-अलग मामलों में घेरा है और उनकी आलोचना की है।
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रवि शास्त्री जब भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में पहुंचे तो उनका वही पुराना जोशीला अंदाज देखने मिला जैसा हमेशा रहा है। रवि शास्त्री ने कहा है कि आप टूर्नामेंट की सबसे बेहतरीन टीम है और सिर्फ एक और मैच जीतना बाकी है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को जीत की बधाई दी।
आपको बता दें गौतम गंभीर कई बार रवि शास्त्री को लेकर आलोचना कर चुके हैं। गौतम गंभीर ने एक बार कहा था कि रवि शास्त्री ने अपने करियर में एक ऑडी के अलावा कुछ भी नहीं जीता है। जबकि अगर देखा जाए तो रवि शास्त्री की कोचिंग के दौरान भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया में दो बार जाकर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी जीती है। रवि शास्त्री की कोचिंग के दौरान भारत एक भी आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाया इस पर रवि शास्त्री की लगातार आलोचना होती है।