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Rajasthan Royals Sold at $1.63B: Warne’s 3% Stake Now Worth ₹450 Crore

by PHPR

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 सीजन से पहले फ्रेंचाइजी बिक्री और उनकी बढ़ती कीमतें चर्चा का विषय बनी हुई हैं। राजस्थान रॉयल्स, जो शुरुआत में सबसे सस्ती टीमों में से एक थी, अब 1.63 बिलियन डॉलर यानी लगभग 15 हजार 290 करोड़ रुपये में खरीदी गई है।

हालांकि इन बड़े आंकड़ों के पीछे सबसे खास बात दिवंगत शेन वॉर्न की दूरदर्शिता है, जिसने इस फ्रेंचाइजी की दिशा बदल दी।

2008 में शेन वॉर्न की वापसी और बड़ी भूमिका

2006 से 2007 एशेज सीरीज के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने वाले शेन वॉर्न ने 2008 में आईपीएल के पहले सीजन में राजस्थान रॉयल्स के लिए वापसी की।

वह सिर्फ खिलाड़ी ही नहीं थे, बल्कि टीम के कप्तान, कोच और मेंटर भी बने। फ्रेंचाइजी ने उन्हें क्रिकेट से जुड़े सभी फैसलों की पूरी जिम्मेदारी दी थी।

इसके बदले में वॉर्न को 6 लाख 57 हजार डॉलर की रकम के साथ हर साल 0.75 प्रतिशत हिस्सेदारी दी गई। उन्होंने खुद को एक वन स्टॉप समाधान बताया था और टीम को अपने नजरिए से तैयार किया।

शेन वॉर्न की हिस्सेदारी और टीम की सफलता

वॉर्न ने अपने नेतृत्व में एक कमजोर मानी जा रही टीम को 2008 में चैंपियन बना दिया। यह आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी कहानियों में से एक बन गई।

चार सीजन के दौरान उनकी हिस्सेदारी बढ़कर 3 प्रतिशत हो गई।

वैल्यूएशन में जबरदस्त उछाल

2019 में जब राजस्थान रॉयल्स की वैल्यू लगभग 400 मिलियन डॉलर थी, तब वॉर्न ने इसके भविष्य को लेकर बड़ा अनुमान लगाया था।

आज वही टीम 1.63 बिलियन डॉलर की हो चुकी है। इस हिसाब से उनकी 3 प्रतिशत हिस्सेदारी की कीमत करीब 450 से 460 करोड़ रुपये मानी जा रही है।

राजस्थान रॉयल्स की वैल्यूएशन

वर्ष वैल्यूएशन
2008 67 मिलियन डॉलर
2019 400 मिलियन डॉलर
2026 1.63 बिलियन डॉलर

वॉर्न की विरासत

दुख की बात है कि शेन वॉर्न अब हमारे बीच नहीं हैं। 2022 में उनका निधन हो गया।

लेकिन उनकी दूरदर्शिता और समझदारी का फायदा आज भी उनके परिवार को मिल रहा है। लगभग 18 साल पहले किया गया उनका यह फैसला आज करोड़ों की संपत्ति में बदल चुका है।

राजस्थान रॉयल्स की सफलता सिर्फ मैदान पर नहीं बल्कि व्यापारिक रूप से भी एक बड़ी कहानी है। शेन वॉर्न की सोच और निर्णय इस फ्रेंचाइजी के इतिहास में हमेशा याद किए जाएंगे।

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