Pakistan Ball Tampering Controversies Explained

पाकिस्तान सुपर लीग 2026 के ग्यारहवें सीजन में 29 मार्च 2026 को एक और बड़ा बॉल टैंपरिंग विवाद सामने आया। लाहौर कलंदर्स के सलामी बल्लेबाज फखर जमान पर कराची किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान गेंद की स्थिति बदलने का आरोप लगा।
इस नए मामले ने एक बार फिर पाकिस्तान क्रिकेट के पुराने विवादों को चर्चा में ला दिया है। पिछले कई वर्षों में पाकिस्तान के कई बड़े तेज गेंदबाजों और कप्तानों पर बॉल टैंपरिंग के आरोप लगे हैं। कुछ खिलाड़ियों को जुर्माना भरना पड़ा, कुछ पर प्रतिबंध लगा और कुछ ने बाद में खुद अपनी गलती स्वीकार की।
पाकिस्तान के उन खिलाड़ियों की सूची जिन पर बॉल टैंपरिंग के आरोप लगे
| खिलाड़ी | साल | क्या हुआ | सजा |
|---|---|---|---|
| वकार यूनिस | 2000 | गेंद की सिलाई और सतह को नाखून से छेड़ते हुए पकड़े गए | एक मैच का प्रतिबंध और पचास प्रतिशत मैच फीस जुर्माना |
| अजहर महमूद | 2000 | वकार यूनिस के साथ गेंद को खुरचते हुए दिखाई दिए | तीस प्रतिशत मैच फीस जुर्माना |
| शोएब अख्तर | 2002 और 2003 | गेंद की सिलाई को खुरचते हुए पकड़े गए | चेतावनी, जुर्माना और दो मैचों का प्रतिबंध |
| शाहिद अफरीदी | 2010 | गेंद को दांत से काटते हुए कैमरे में कैद हुए | दो टी20 मैचों का प्रतिबंध |
| इमरान खान | 1994 | आत्मकथा में गेंद से छेड़छाड़ की बात कबूल की | कोई आधिकारिक सजा नहीं |
| फखर जमान | 2026 | पीएसएल मैच में गेंद की स्थिति बदलने का आरोप | फैसला लंबित |
वकार यूनिस का मामला
जुलाई 2000 में वकार यूनिस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बॉल टैंपरिंग के लिए प्रतिबंधित होने वाले पहले खिलाड़ी बने। यह घटना श्रीलंका में खेली गई सिंगर त्रिकोणीय श्रृंखला के दौरान हुई थी।
8 जुलाई 2000 को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच एकदिवसीय मैच खेला जा रहा था। कैमरों में वकार यूनिस गेंद को अपने नाखून से खुरचते और उसकी सिलाई उठाने की कोशिश करते दिखाई दिए।
मैच रेफरी जॉन रीड ने वीडियो देखने के बाद उन्हें दोषी माना। इसके बाद वकार यूनिस पर एक मैच का प्रतिबंध लगाया गया और उनकी पचास प्रतिशत मैच फीस काट ली गई।
अजहर महमूद का मामला
उसी मैच में अजहर महमूद भी बॉल टैंपरिंग के आरोप में फंस गए। टेलीविजन रिप्ले में अजहर महमूद और वकार यूनिस दोनों गेंद को खुरचते दिखाई दिए।
आईसीसी आचार संहिता और क्रिकेट के नियमों के उल्लंघन के चलते अजहर महमूद पर तीस प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाया गया।
उस समय पाकिस्तान के कप्तान मोइन खान थे। उन्हें टीम को रोकने में नाकाम रहने के लिए कड़ी फटकार लगाई गई।
शोएब अख्तर का मामला
शोएब अख्तर का नाम भी कई बार बॉल टैंपरिंग विवादों में सामने आया।
नवंबर 2002 में जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे टेस्ट के दौरान उन्हें गेंद की स्थिति बदलने का दोषी पाया गया। उस समय उन्हें चेतावनी दी गई और एक मैच के प्रतिबंध की सजा को निलंबित रखा गया।
इसके बाद मई 2003 में श्रीलंका के डंबुला में एक त्रिकोणीय श्रृंखला के मैच में कैमरों ने शोएब अख्तर को गेंद की सिलाई खुरचते हुए पकड़ लिया।
मैच रेफरी गुंडप्पा विश्वनाथ ने सुनवाई के बाद शोएब अख्तर पर पचहत्तर प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाया और उन्हें दो एकदिवसीय मैचों के लिए प्रतिबंधित कर दिया।
बाद में 2011 में अपनी आत्मकथा में शोएब अख्तर ने यह भी स्वीकार किया कि वह गेंद को खराब करने के लिए जूतों की कील और अपनी जेब की चेन का इस्तेमाल करते थे।
शाहिद अफरीदी का मामला
31 जनवरी 2010 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ में खेले गए पांचवें एकदिवसीय मैच में शाहिद अफरीदी एक अजीब बॉल टैंपरिंग विवाद में फंस गए।
उस मैच में वह पाकिस्तान टीम के कार्यवाहक कप्तान थे। मैच के दौरान कैमरों ने उन्हें सफेद कूकाबुरा गेंद को दो बार दांत से काटते हुए दिखाया। उनका उद्देश्य गेंद की सिलाई को बदलना था।
टीवी अंपायर ने तुरंत मैदान के अंपायरों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद गेंद बदल दी गई।
मैच रेफरी रंजन मदुगले ने शाहिद अफरीदी को दोषी पाया और उन पर दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों का प्रतिबंध लगा दिया।
शुरुआत में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन पर तीस लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था, लेकिन बाद में उसे हटा लिया गया।
मैच के बाद शाहिद अफरीदी ने पहले कहा था कि वह सिर्फ गेंद की गंध सूंघने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि बाद में उन्होंने अपनी गलती मान ली और कहा कि यह सब मैच जीतने के दबाव में हुआ।
इमरान खान का मामला
1994 में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान खान ने अपनी आत्मकथा में एक बड़ा खुलासा किया था। उन्होंने स्वीकार किया कि 1981 में इंग्लैंड की काउंटी क्रिकेट के दौरान उन्होंने बोतल के ढक्कन से गेंद को खुरचा था।
इमरान खान ने कहा कि पिच सपाट थी और गेंद बिल्कुल भी मदद नहीं कर रही थी। ऐसे में उन्होंने गेंद के एक हिस्से को थोड़ा खराब किया, जिसके बाद गेंद तेजी से हवा में स्विंग होने लगी।
उन्होंने यह भी कहा कि उस दौर में कई तेज गेंदबाज गेंद की सिलाई उठाते थे और उसे खुरचते थे ताकि रिवर्स स्विंग मिल सके।
हालांकि इमरान खान के खिलाफ कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि यह मामला उनकी आत्मकथा के जरिए सामने आया था।
फखर जमान का ताजा मामला
29 मार्च 2026 को पीएसएल 11 के दौरान फखर जमान एक नए विवाद में फंस गए। कराची किंग्स और लाहौर कलंदर्स के बीच खेले गए मैच में उन पर गेंद की स्थिति बदलने का आरोप लगा।
मैच के आखिरी ओवर से ठीक पहले कैमरों ने फखर जमान, कप्तान शाहीन अफरीदी और हारिस रऊफ को गेंद के साथ बातचीत करते और उसे संभालते हुए दिखाया।
इसके बाद अंपायर फैसल अफरीदी ने गेंद की जांच की। स्क्वायर लेग अंपायर से बात करने के बाद उन्होंने फैसला सुनाया कि गेंद के साथ छेड़छाड़ की गई है। गेंद बदली गई और कराची किंग्स को पांच अतिरिक्त रन दिए गए।
अब इस मामले की सुनवाई मैच रेफरी रोशन महानामा कर रहे हैं। अंतिम फैसला अगले अड़तालीस घंटों में आने की उम्मीद है।
अगर फखर जमान दोषी पाए जाते हैं तो उन पर एक से दो मैचों का प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
यह मामला इसलिए भी बड़ा माना जा रहा है क्योंकि दिसंबर 2025 में भी फखर जमान को अंपायर के फैसले का विरोध करने पर आईसीसी का एक डिमेरिट अंक मिला था।
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