Nitish Kumar Reddy Likely to Rejoin India’s Test Squad as Shubman Gill Injury Concern Grows
नितीश कुमार रेड्डी भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच गुवाहाटी में होने वाले दूसरे टेस्ट के लिए टीम इंडिया की टेस्ट टीम में दोबारा शामिल होने के लिए तैयार हैं। रेड्डी को ईडन गार्डन्स टेस्ट से पहले भारत ए के मुकाबलों के लिए रिलीज़ किया गया था, लेकिन अब टीम मैनेजमेंट उन्हें वापस बुलाने पर विचार कर रहा है। यह जानकारी टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में सामने आई है। इस बीच टीम इंडिया कप्तान शुभमन गिल की संभावित अनुपस्थिति को लेकर भी चिंता में है।
भारत गिल की चोट की भरपाई के लिए रेड्डी को बुला सकता है
शुभमन गिल को ईडन गार्डन्स टेस्ट के दूसरे दिन स्वीप शॉट खेलते समय गर्दन में तेज खिंचाव हुआ था। इसके बाद उन्हें तुरंत मैदान से बाहर ले जाया गया। बीसीसीआई ने बताया था कि वह मेडिकल निगरानी में हैं।
हाल ही में शुभमन गिल की ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें वह सर्वाइकल कॉलर पहने दिखाई दे रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि वह अगले टेस्ट से पहले पूरी तरह फिट नहीं हो पाएंगे। गिल की चोट में सुधार न होने और अगले टेस्ट के शुरू होने में केवल चार दिन बचे होने के चलते टीम इंडिया नितीश कुमार रेड्डी को वापस बुलाने का फैसला कर सकती है, ताकि टीम को एक मजबूत ऑलराउंडर विकल्प मिल सके।
गौतम गंभीर और टीम प्रबंधन की प्रारंभिक सोच थी कि रेड्डी को बल्लेबाजी में मैच टाइम और गेंदबाजी में ज्यादा स्पेल की जरूरत है, जिसके लिए भारत ए के मुकाबले ज्यादा उपयोगी रहते। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार, गिल की चोट ने रेड्डी की वापसी की प्रक्रिया को पहले करने के लिए मजबूर कर दिया है। ऐसे में उम्मीद है कि रेड्डी 18 नवंबर को टीम इंडिया के ट्रेनिंग सत्र से पहले टीम में शामिल हो जाएंगे और दक्षिण अफ्रीका ए के खिलाफ आखिरी वनडे नहीं खेलेंगे।
रेड्डी भारत की बल्लेबाजी और संतुलन मजबूत कर सकते हैं
रेड्डी का प्लेइंग इलेवन में शामिल होना टीम के लिए एक स्मार्ट कदम साबित हो सकता है, क्योंकि इससे भारत बाएं और दाएं हाथ के बल्लेबाजों का संयोजन बनाए रख सकेगा और दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों के खिलाफ बेहतर मैचअप तैयार कर पाएगा।
हालांकि नितीश कुमार रेड्डी को आधिकारिक तौर पर शुभमन गिल का रिप्लेसमेंट घोषित नहीं किया गया है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी क्षमता, खासकर मध्यक्रम या निचले मध्यक्रम में, बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। पहले टेस्ट में भारतीय टीम की बल्लेबाजी ने जिस तरह लड़खड़ाहट दिखाई थी, उसे देखते हुए एक ऑलराउंडर की जरूरत और बढ़ गई है।
अगर गिल नहीं खेलते हैं, तो टीम के पास देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन जैसे विकल्प भी मौजूद हैं। साई सुदर्शन को ईडन गार्डन्स में इनिंग ब्रेक के दौरान प्रैक्टिस करते हुए भी देखा गया था।
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