MS Dhoni Backs Rohit Sharma and Virat Kohli to Play 2027 ODI World Cup

पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने रोहित शर्मा और विराट कोहली का खुलकर समर्थन करते हुए कहा है कि दोनों खिलाड़ियों को 2027 का वनडे विश्व कप जरूर खेलना चाहिए। 44 वर्षीय धोनी इस समय इंडियन प्रीमियर लीग के सबसे उम्रदराज सक्रिय खिलाड़ी हैं और आईपीएल 2026 में एक बार फिर मैदान पर उतरने के लिए तैयार हैं।
रो-को की उम्र को लेकर हो रही चर्चाओं को खारिज करते हुए धोनी ने साफ कहा कि विश्व कप खेलने के लिए उम्र बिल्कुल भी मापदंड नहीं होनी चाहिए।
उम्र नहीं, फिटनेस और प्रदर्शन अहम: धोनी
एक कार्यक्रम के दौरान धोनी ने कहा कि किसी खिलाड़ी के लिए देश का प्रतिनिधित्व जारी रखने का आधार उसकी फिटनेस और प्रदर्शन होना चाहिए, न कि उसकी उम्र। उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली का नाम लेते हुए कहा कि सिर्फ इसलिए किसी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता क्योंकि वह अपने 30 के दशक में है।
धोनी के मुताबिक, यह पूरी तरह खिलाड़ियों का फैसला होना चाहिए कि वे आगे खेलना चाहते हैं या नहीं, किसी और को यह तय करने का अधिकार नहीं है।
धोनी ने कहा,
“क्या उम्र एक फैक्टर है? नहीं। क्या फिटनेस एक फैक्टर है? हां, फिटनेस जरूर फैक्टर है। अगर आप 22 साल के हैं और फिट नहीं हैं, तो आपको टीम में नहीं होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए कुछ तय मानक होते हैं। चाहे वह रोहित हों, विराट हों या भविष्य में आने वाले कोई और खिलाड़ी—सिर्फ इसलिए कि कोई 30 की उम्र पार कर चुका है, यह तय करना हमारा काम नहीं है कि वह अगला विश्व कप खेल सकता है या नहीं। यह फैसला खिलाड़ियों को खुद करना चाहिए। अगर वे लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और देश के लिए खेलने की भूख रखते हैं, तो क्यों नहीं?”
रोहित शर्मा और विराट कोहली के 2027 विश्व कप खेलने को लेकर अटकलें तब शुरू हुई थीं, जब पिछले साल मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा था कि दोनों इस टूर्नामेंट को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध नहीं दिख रहे हैं।
2027 विश्व कप के समय रोहित की उम्र 39 साल होगी, जबकि विराट कोहली 38 साल के होंगे। हालांकि, इसके बाद दोनों खिलाड़ियों ने जिस एकमात्र फॉर्मेट में वे फिलहाल सक्रिय हैं, उसमें शानदार प्रदर्शन कर आलोचकों को करारा जवाब दिया है।
धोनी ने एक बार फिर दोहराया कि चयन का एकमात्र आधार फिटनेस और प्रदर्शन होना चाहिए, न कि उम्र।
उन्होंने आगे कहा,
“अनुभव और युवा जोश का सही संतुलन बहुत जरूरी है, लेकिन फिटनेस की कीमत पर नहीं। अगर आपको शीर्ष स्तर पर प्रतिस्पर्धा करनी है, तो फिट रहना अनिवार्य है। अगर आप 35 साल के हैं और फिट हैं, तो 35 मायने नहीं रखता। 24 साल के खिलाड़ी और 35 साल के खिलाड़ी के लिए प्रदर्शन का महत्व बराबर होना चाहिए। सभी के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। जो प्रदर्शन करेगा, वह खेलेगा; जो नहीं करेगा, वह बाहर होगा। अगर कोई खिलाड़ी फिट नहीं है, तो उसे कभी भी ड्रॉप किया जा सकता है। चयन को लेकर किसी व्यक्ति विशेष पर सवाल नहीं उठने चाहिए। सिर्फ एक ही मानदंड होना चाहिए—अगर आप फिट हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं, तो खेलते रहिए।”
यह भी पढ़ें: ICC टी20 विश्व कप 2026: ये खिलाड़ी टूर्नामेंट में बन सकते हैं सबसे बड़े आकर्षण