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Mohammed Shami Set to Represent Bengal in Syed Mushtaq Ali Trophy 2025 Despite India Omission

by Avi

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मोहम्मद शमी का यह मानो नया मंत्र बन गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से लगातार बाहर किए जाने के बावजूद वह अब सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बीसीसीआई मुख्य चयनकर्ता अजीत अग्रकर ने भले ही उनकी फिटनेस पर सवाल उठाए हों, लेकिन शमी घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

रणजी ट्रॉफी में दमदार प्रदर्शन

शमी ने इस सीजन बंगाल के लिए पहले पांच में से चार रणजी मैच खेले हैं। इन मुकाबलों में उन्होंने 20 विकेट हासिल किए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 43.00 रहा है। लगातार खेलते रहने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और बंगाल की टीम को भी बड़ा फायदा मिला है। इसी के चलते बंगाल फिलहाल रणजी ट्रॉफी के ग्रुप सी में शीर्ष पर है।

एलएसजी के लिए खेलेंगे शमी

सनराइजर्स हैदराबाद से लखनऊ सुपर जायंट्स में शमी का स्थानांतरण उनके मौजूदा दस करोड़ रुपये के आईपीएल शुल्क पर हुआ है। एसएमएटी शुरू होने से ठीक पहले यह बदलाव सामने आया है। एलएसजी में वह भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच भरत अरुण के मार्गदर्शन में खेलेंगे, जिनके साथ शमी की पुरानी शानदार समझ रही है।

जब उनसे टूर्नामेंट के लिए उपलब्धता को लेकर पूछा गया, तो शमी ने कहा कि वह पूरी तरह फिट हैं और खेलने के लिए उत्साहित भी।

उन्होंने कहा,
“मैं फिट हूं और खेलने के लिए तैयार हूं। मैं बंगाल को मैच जिताने के लिए पूरी कोशिश करूंगा।”

बंगाल ग्रुप सी में हरियाणा, सर्विसेज, पंजाब, पुदुचेरी, गुजरात, हिमाचल प्रदेश और बड़ौदा के साथ रखा गया है। टीम अपना पहला मैच 22 नवंबर को बड़ौदा के खिलाफ सिकंदराबाद में खेलेगी।

शमी और लगातार चयन से बाहर किए जाने का मुद्दा

मोहम्मद शमी ने स्वीकार किया कि चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के बाद से उन्हें लगातार टीम से बाहर रखा गया है। एक वर्ष तक एड़ी की सर्जरी के कारण बाहर रहने के बाद उन्होंने 2024-25 में बंगाल के लिए वापसी की और फिर इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू व्हाइट-बॉल सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया। चैंपियंस ट्रॉफी में भी वे भारत के सबसे सफल गेंदबाज बने थे।

इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें कई महत्वपूर्ण दौरे और टेस्ट श्रृंखलाओं के लिए नजरअंदाज किया। चयनकर्ताओं का मानना था कि शमी का शरीर लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव झेल नहीं पाएगा, जबकि शमी इससे असहमत हैं।
फिलहाल उनका कहना है कि वह अपनी गेंदबाजी को ही जवाब बनने देंगे और चयन के बारे में अधिक सोचने के बजाय अपने खेल पर ध्यान देना चाहते हैं।

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